नए साल में राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव:लालू प्रसाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे; हटाने पर हो सकती है परिवार में कलह !

पटना7 महीने पहलेलेखक: प्रणय प्रियंवद
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नए साल में राष्ट्रीय जनता दल का संगठनात्मक चुनाव होना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष का भी चुनाव होगा। तीन साल पूरे हो चुके हैं। इसकी चर्चा पहले भी हो चुकी है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव हो सकते हैं क्या? यह सवाल इसलिए भी उठ रहे कि लालू प्रसाद अस्वस्थ चल रहे हैं।

कार्यकर्ताओं को तेजस्वी के नाम पर ऐतराज नहीं लेकिन...

RJD के अंदर तेजस्वी यादव की स्वीकार्यता गजब की है। उनको RJD का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो आम कार्यकर्ताओं को कोई ऐतराज नहीं होगा। तेजस्वी उपचुनाव में RJD को दो में से दोनों सीटें नहीं जितवा पाए, लेकिन लोग जानते हैं कि तारापुर में कितनी कड़ी टक्कर थी और नीतीश सरकार ने कैसे अपनी ताकत झोंक दी थी। इससे पहले विधानसभा चुनाव में भी RJD ने तेजस्वी यादव के फेस पर ही सबसे ज्यादा सीटें लाई थी।

बिहार को विशेष राज्य के दर्जा की मांग हो या जाति जनगणना की मांग। तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार सहित केन्द्र सरकार पर भी बड़ा दबाव बना रखा है। तेजस्वी ने एक समझदार नेता के रुप में खुद को स्थापित किया है। पहचान बनाई है। वे शायद ही कभी हल्की बात करते हैं।

लालू प्रसाद, तेजस्वी की ताजपोशी करें

तेजस्वी ने क्रिश्चन लड़की से शादी की तो बाहर से कम आवाज उठी उनके मामा साधु यादव ने ही आसमान सिर पर उठा रखा था। लेकिन जब तेजस्वी रेचल को लेकर पटना लौटे तो साधु यादव पर तीखा बयान देने के बजाय यह कहकर अपना बड़प्पन दिखाया कि मामा बड़े हैं और बड़ों की बात का वे बुरा नहीं मानते।

इस सबके बावजूद तेजस्वी के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की राह तब तक आसान नहीं है जब तक लालू प्रसाद खुद से उनकी ताजपोशी इसके लिए नहीं करते। तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष हैं और मुख्यमंत्री पद के दावेदार महागठबंधन की ओर से हैं। फिर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की राह इतनी आसान नहीं दिखती।

तेज प्रताप यादव का गुस्सा दिखता रहा है

चर्चा यह है कि लालू प्रसाद भी चाहते हैं कि परिवार को जोड़े रखने के लिए जरूरी है कि एक बार फिर से वहीं यानी खुद लालू प्रसाद राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें। लालू परिवार के अंदर उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की महत्त्वाकांक्षा सभी जानते हैं। उनका गुस्सा दिखता रहा है और उसे शांत करने में लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को मशक्कत करनी पड़ी है। तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की बागडोर दी गई तो परिवार के अंदर के कलह को शांत करना मुश्किल होगा !