वैकल्पिक मार्ग का प्लान डीएम ने कमिश्नर को भेजा:बालू ढुलाई का एक ही रास्ता छोड़ा; नतीजा-5 साल से 14 किमी फोरलेन ट्रकों के कब्जे में

पटना2 महीने पहलेलेखक: अमनेश दुबे
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जाम से निजात के लिए वैकल्पिक प्लान। - Dainik Bhaskar
जाम से निजात के लिए वैकल्पिक प्लान।

पटना से बिहटा होकर कोईलवर-आरा-छपरा जाने वाली राज्य की ऐसी पहली फोरलेन सड़क है, जिसपर जाम का नजारा पूरे साल देखने मिलता है। देश के अन्य शहरों के हाईवे पर लगने वाला जाम तो कुछ घंटोें में ही छूट जाता है, लेकिन 14 किमी के हिस्से वाले आरा-छपरा फोरलेन का महाजाम घंटों लगा रहता है। यह स्थिति और भी बद्दतर हो जाती है, जब बालू घाटों पर खनन शुरू होता है। यही कारण है कि दोनों ही छोरों से यात्री वाहन इस सड़क में प्रवेश ही नहीं करते हैं।

गलती से कोई सड़क में घूस गया, तो उसको जाम से निकलने में 5 से 7 घंटे या फिर पूरा दिन भी लग सकता है। आरा-छपरा और पटना के बीच की दूरी को करीब 18 किमी तक घटाने के लिए इस सड़क पर वीर कुंवर सिंह सेतु व कोईलवर ब्रिज का निर्माण किया गया था। लेकिन इस सड़क में यात्री वाहनों के चलने की जगह ही नहीं है। बबुरा मोड़ से कोइलवर होते हुए डोरीगंज तक दो लेन पर बालू लदे ट्रकों का कब्जा है।

इस साल 8 नवंबर से खुले बालू घाट; तब से लगातार जाम की स्थिति, जर्जर हुई सड़क की मरम्मत पर भी ध्यान नहीं

समस्या : एक लेन जर्जर, इसलिए वन-वे
बबुरा मोड़ के बाद वाहनों की आवाजाही दाहिने लेन से ही होती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि बाएं लेन की सड़क बहुत ही जर्जर है। इस पर ट्रकें भी खड़ी रहती है। करीब 9 किमी वन-वे ट्रैफिक है। जाम की स्थिति इतनी भयावह होती है कि डिवाइडर पर ट्रैक्टर चलते हैं।

बालू परिवहन से लग रहा जाम, एप्रोच रोड भी जद में
नए वैकल्पिक प्लान बनाने के पीछे बालू परिवहन से हो रही दिक्कतों को ही वजह बताया गया है। ट्रकों से कोईलवर-आरा व कोईलवर से डोरीगंज जाने वाले पथों खासकर कोईलवर-बबुरा मोड़ व चौक पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है।

समाधान : दो वैकल्पिक रास्तों का प्लान
1
कोईलवर से आरा जाने वाले एनएच से धनडीहा होते हुए कुल 860 मीटर का संपर्क पथ जो पुन: जाकर एनएच में मिल जाएगा।
2 कोईलवर से बबुरा जाने वाले मोड़ व चौक पर एक ओवरब्रिज का निर्माण करके ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सकता है।

फायदा : पटना की दूरी 18 किमी कम
प्लान के लागू हुआ तो पटना, छपरा, बक्सर, रोहतास, कैमूर जिले एवं उत्तर प्रदेश से आने-जाने वाले वाहनों को जाम की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। कोइलवर-आरा-छपरा फोरलेन, छपरा-आरा के साथ बिहटा और मनेर के लिए सुलभ रास्ता होगा। छपरा से पटना की दूरी 18 किमी कम हो जाएगी। ट्रकों के महाजाम के चलते इस सड़क में घुसने की हिम्मत भी कोई नहीं करता है।

भोजपुर जिलाधिकारी से वैकल्पिक मार्ग और ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। भोजपुर डीएम और पथ निर्माण विभाग के साथ बैठक कर जल्द ही इस पर निर्णय होगा, ताकि लोगों को जाम से मुक्ति दिलाई जा सके। -कुमार रवि, कमिश्नर, पटना

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