बिहार म्यूजियम के पीछे मिली शराब की 31 बोतल:भवन निर्माण के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बोले- खाली बोतल ही तो मिली, पीते तो नहीं पकड़ाया

पटना4 महीने पहले
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बिहार म्यूजियम की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
बिहार म्यूजियम की फाइल फोटो।

बिहार म्यूजियम के पीछे स्थित भवन निर्माण के केंद्रीय प्रमंडल के दफ्तर से शराब की 31 खाली बोतलें बरामद हाेने के मामले में पुलिस की जांच जारी है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीत कुमार यह मानने को तैयार नहीं हैं कि दफ्तर में शराब पार्टी होती है। पूछने पर उन्होंने कहा कि हमारा कोई कर्मी शराब पीते या नशे में नहीं पकड़ाया। खाली बोतल ही तो मिली है। हम कैसे मान लें कि यहां के लोगों ने ही शराब पी है? यहां बहुत से लोगों का आना-जाना लगा रहता है, किसी ने रख दी होगी।

बता दें, इंजीनियर का यह तर्क तब है, जब छापेमारी में शराब के नशे में कर्मचारी बबलू महतो को अरेस्ट किया गया था। दफ्तर में बुधवार रात मद्य निषेध, एंटी लिकर टास्क फोर्स और कोतवाली पुलिस की टीम ने छापेमारी की थी। इस दाैरान प्रधान लिपिक के कक्ष की आलमारी के पीछे से तीन, पत्राचार शाखा से पांच और वहां की झाड़ी से 23 खाली बोतलें बरामद की गई थीं।

नशे में पकड़ा गया कर्मी भेजा गया जेल।
नशे में पकड़ा गया कर्मी भेजा गया जेल।

प्रधान लिपिक के कक्ष में तीन, पत्राचार शाखा में 15 कर्मी

प्रधान लिपिक के कक्ष में तीन कर्मी बैठकर काम करते हैं। उसी कक्ष की आलमारी के पीछे से तीन खाली बोतलें मिली हैं। पत्राचार शाखा में करीब 15 कर्मी काम करते हैं। वहां पांच खाली बोतलें मिली हैं। इसके बाद भी अधिकारी मानने को तैयार नहीं हैं कि वहां कोई शराब पीता है।

नशे में कर्मचारी की गिरफ्तारी के बावजूद तर्क

शुक्रवार को मामले की जांच के लिए भवन निर्माण विभाग की टीम भी केंद्रीय प्रमंडल के दफ्तर पहुंची। वहां के कर्मियों से पूछताछ की गई। कोतवाली पुलिस ने भी जांच-पड़ताल की। पुलिस ने कार्यपालक अभियंता से सभी कर्मियों का नाम, पता और मोबाइल नंबर मांगा है। बुधवार रात छापेमारी के दाैरान पुलिस ने वहां से शराब के नशे में बबलू महतो को गिरफ्तार किया था।

पहले से थी सूचना तो रात में छापेमारी क्यों?

भवन निर्माण का दफ्तर शाम पांच बजे तक खुलता है। सूत्रों की मानें तो वहां शराब पार्टी होने की सूचना मद्य निषेध विभाग को मिली थी। टीम ने रात साढ़े नौ बजे छापेमारी की और वहां कोई नहीं मिला। सवाल है कि जब दफ्तर में शराब पार्टी होने की सूचना थी तो टीम ने रात में छापेमारी क्यों की? शाम के वक्त छापेमारी क्यों नहीं की गई?