घर से 2 करोड़ कैश मिलने वाले वीसी की कहानी:चहेतों से जरूरत से ज्यादा खरीदीं उत्तर पुस्तिका-किताबें, 47 गार्ड के बदले 86 का लिया वेतन

पटना7 महीने पहले
कुलपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के आवास पर छापेमारी।

भ्रष्टाचार के मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के ठिकानों पर छापेमारी की। बोधगया में वीसी के कार्यालय, आवास और गोरखपुर में उनके निजी घर पर एक साथ छापेमारी की गई। गोरखपुर में रामगढ़ताल थाना क्षेत्र स्थित वीसी के घर से करीब 2 करोड़ कैश मिले हैं। वहीं, 1 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार अचल संपत्ति में अधिकतर जमीन के दस्तावेज हैं, जो वर्ष 2018 से 2020 के बीच खरीदी गई हैं। वीसी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। लंबे समय के बाद SVU ने इतना बड़ा ऑपरेशन किया है। वह भी किसी कुलपति के खिलाफ। पूछताछ में पता चला कि कुलपति गोरखपुर में एक कॉलेज बनवा रहे हैं। SVU इसका भी आकलन करेगी। पद पर रहते बिहार के पहले कुलपति हैं, जिनका यहां SVU का छापा पड़ा है।

आलमारी से झर-झर गिरे नोट...

कुलपति के गोरखपुर स्थित निजी आवास की तलाशी के दौरान SVU की टीम ने जब उनके बेडरूम को खंगालना शुरू किया तो दो-तीन आलमारियां मिलीं। घर परिवार के लोगों से पूछताछ में पता चला कि आलमारियां कुलपति की हैं। बड़ी मशक्कत के बाद देर शाम आलमारियां खोली गईं। आलमारी खुलते हीं नोटों की गडि्डयां झर-झर कर गिरने लगीं। एक लाख...दो...लाख...तीन लाख...गडि्डयों के ढेर में तब्दील होने लगीं। फिर नोट गिनने वाली मशीन मंगाई गई। पहले यह आंकड़ा 70 लाख तक पहुंचा, लेकिन जैसे-जैसे आलमारियां खुलती गईं रकम करीब 2 करोड़ है। एक आलमारी खुली तो जेवरों के ढेर लग गए।

अपने चहेतों से खरीदी किताबें
वीसी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। SVU के अनुसार, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने मगध विश्वविद्यालय और वीरकुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर रहते हुए नाजायज ढंग से उत्तर पुस्तिका और किताबें खरीदीं। बिना जरूरत के ही उत्तर पुस्तिका और किताबें खरीदी गईं और टेंडर प्रक्रिया के विरुद्ध अपने चहेते आपूर्तिकर्ता के द्वारा इनकी खरीद की। इस मद में वीसी ने पिछले तीन वर्षों में लगभग 30 करोड़ की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया। दिलचस्प यह है कि विवि के लिए खरीदी गई सामग्री की फाइल भी वीसी के घर से बरामद की गई है।

गार्ड 47 ही, वेतन 86 का

SVU को जो दस्तावेज मिले हैं उसके अनुसार, विवि परिसर में मात्र 47 गार्ड कार्यरत हैं लेकिन 86 गार्ड के वेतन की निकासी की जा रही है और हर माह राशि गबन की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वीसी के कई अन्य घोटाले का खुलासा जल्द होगा।

मगध यूनिवर्सिटी के VC के ऑफिस और घर पर रेड

गोरखपुर स्थित आवास पर छापेमारी करने पहुंची विजिलेंस की टीम।
गोरखपुर स्थित आवास पर छापेमारी करने पहुंची विजिलेंस की टीम।

डिफेंस के भी एक्सपर्ट

भ्रष्टाचार के मामले में फंसे मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद काली कमाई के अर्थशास्त्र ही नहीं, अन्य विषयों के भी एक्सपर्ट हैं। सूत्रों के अनुसार वे रक्षा मामलों के भी जानकार हैं। डिफेंस एक्सपर्ट के तौर पर भी लोग उन्हें जानते हैं। वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी कुलपति रह चुके हैं। गोरखपुर में उनके आवास के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में यह लिखा हुआ है। इसके अलावा वे दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भी कुलपति रह चुके हैं। गोरखपुर में उनका प्रेम निलय (आवास का नाम) बुधवार को एसवीयू का ठिकाना बना रहा। सूत्रों के अनुसार डॉ.राजेन्द्र प्रसाद गोरखपुर में अपने गांव में कॉलेज बनवा रहे हैं और उसमें भी काली कमाई के भारी निवेश की बात कही जा रही है। इनका कनेक्शन भी तगड़ा है। बड़े-बड़े लोगों से इनके तार जुड़े हैं। लिहाजा इनपर हाथ डालना भी आसान नहीं था। लेकिन एसवीयू (स्पेशल विजिलेंस यूनिट) के हाथ ऐसे साक्ष्य लगे कि उसने इनकी कुंडली खोल कर रख दी।

SVU के एडीजी नैयर हसनैन खां और उनकी टीम पिछले कई दिनों से इस ऑपरेशन में लगी थी। बुधवार को बोधगया में कुलपति के कार्यालय, गया में उनके आवास और गोरखपुर में निजी आवास पर छापेमारी करने गई टीम रातभर वहीं जमी रही। दूसरी ओर पटना में एसवीयू मुख्यालय में भी अफसरों की टीम रात भर दफ्तर में ही रही। कोई भी अफसर अपने घर नहीं गया। कार्रवाई पर पल-पल नजर रखी जा रही थी।

इनके ठिकानों पर भी हो सकती है छापेमारी

काले कारनामे में कुलपति के PA सुबोध कुमार, आरा स्थित वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी के फाइनेंशियल ऑफिसर ओम प्रकाश, पटना स्थित पाटलिपुत्रा यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मेसर्स पूर्वा ग्राफिक्स एंड ऑफसेट व मेसर्स एक्सलिकट सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के मालिक शामिल हैं।

इसी वजह से इन सभी को नामजद करते हुए IPC की धारा 120B, 420, R/W की धारा 12 के सेक्शन 13(2) & 13(B) और PC एक्ट 1988 के तहत FIR दर्ज की गई। फिर स्पेशल विजिलेंस कोर्ट से कुलपति के ठिकानों पर छापेमारी हुई। ADG के अनुसार, कुलपति के सभी एसोसिएट्स की भूमिका की पड़ताल चल रही है। जरूरत के अनुसार इनके ठिकानों पर भी छापेमारी होगी।