बिहार STF का झारखंड पुलिस के साथ चला ऑपरेशन:दुमका में मिनीगन फैक्ट्री का भंड़ाफोड़, मुंगेर और लखीसराय के रहने वाले लोग ही बना रहे थे अवैध हथियार

पटना2 महीने पहले
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इस फैक्ट्री में लंबे समय से कंट्री मेड पिस्टल बनाए जा रहे थे। - Dainik Bhaskar
इस फैक्ट्री में लंबे समय से कंट्री मेड पिस्टल बनाए जा रहे थे।

एक ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत बिहार STF और झारखंड पुलिस ने मिलकर अवैध हथियार बनाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। झारखंड के दुमका जिले के शिकारपाड़ा थाना के तहत पटवारी गांव आता है। काफी समय से इसी गांव में अवैध रूप से हथियार बनाने के काम चल रहा था। चोरी-छिपे चल रहे इस फैक्ट्री में लंबे समय से कंट्री मेड पिस्टल बनाए जा रहे थे। इस बारे में बिहार STF को एक लीड मिली थी। जिसके बाद उस जानकारी को झारखंड के दुमका जिला की पुलिस के साथ न सिर्फ शेयर किया गया, बल्कि कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए बिहार STF की टीम भी joint ऑपरेशन में शामिल हुई।

टीम ने पटवारी गांव में रेड किया। जिसके बाद 4 लोग अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री से पकड़े गए। इनमें मुंगेर के कोतवाली थाना के तहत रहने वाला अरुण कुमार, मुंगेर के ही वासुदेव थाना के तहत रहने वाला मो. मय्यसर, लखीसराय के हलसी का रहने वाला नीलेश और रंगहिर को गिरफ्तार किया गया है।

जिस वक्त अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री में छापेमारी हुई, उस दरम्यान वहां से 24 पीस 7.65.mm की बनी हुई सेमी फिनिश्ड पिस्टल, मशीन और कटर मशीन एक-एक, मिलिंग और डील मशीन एक-एक, 2 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी, बोरिंग मशीन 2, एक लेंथ मशीन, 12 पिस्टल बडी, पिस्टल ग्रिप 10 पीस, 18 पिस्टम बैरल, 12 पिस्टल बॉडी, पिस्टल स्लाइड 24 पीस, 60 हजार रुपया कैश और 4 पीस मोबाइल जब्त किया गया है। साथ ही बड़े पैमाने पर हथियार बनाने के सामान बरामद हुए हैं। इस मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है। अवैध हथियार बनाए जाने की यह फैक्ट्री कब से चल रही थी? इसे खड़ा करने के पीछे किन लोगों का हाथ है? इस फैक्ट्री में बनाये गए हथियार कब और किन लोगों तक पहुंचाए गए? अवैध हथियार बनाने वालों का कनेक्शन कहीं नक्सलियों से तो नहीं है? हर एक सवाल का जवाब तलाशा जा रहा है।

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