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भ्रष्ट इंजीनियर पर सदन में हंगामा:विधायक का सवाल- जिस इंजीनियर के यहां 67 लाख मिले वह अब तक पद पर कैसे? मंत्री निरुत्तर

पटना7 महीने पहले
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3 माह पहले ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर के पास से मिले थे पैसे, पुलिस को पूछताछ में कहा था-मुंह खोला तो पटना तक होगा विस्फोट - Dainik Bhaskar
3 माह पहले ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर के पास से मिले थे पैसे, पुलिस को पूछताछ में कहा था-मुंह खोला तो पटना तक होगा विस्फोट

बिहार विधानसभा में बुधवार को भाजपा विधायक संजय सरावगी ने ग्रामीण कार्य विभाग के भ्रष्ट अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार का मामला उठाया। उनका कहना था कि छापेमारी में अनिल कुमार के पास से 67 लाख रुपये तथा करोड़ों की चल-अचल संपत्ति मिली। लेकिन इस कार्रवाई के तीन महीने बाद भी वे विभाग में जमे हुए हैं। ग्रामीण कार्यमंत्री जयंत राज इसका जवाब बहुत मुनासिब तरीके से नहीं दे पाए।

उनसे लगातार पूरक प्रश्न पूछे जाते रहे। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने का हवाला देते हुए भाजपा विधायक ने अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा से पूरे मामले की जांच सदन की कमेटी से कराने का आग्रह किया। विधानसभा अध्यक्ष ने अनिल कुमार के खिलाफ लिए गए एक्शन की जानकारी देने को मंत्री से कहा। अंतत: अध्यक्ष ने इस मामले की जांच विधानसभा की कमेटी से कराने की घोषणा की। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने भी सरकार को खूब घेरा।

अब तक निलंबित क्यों नहीं हुआ, इंजीनियर को थाने से ही कैसे दे दी गई जमानत
28 अगस्त को मुजफ्फरपुर जिले के एक चेकपोस्ट पर पुलिस ने एक इंजीनियर की गाड़ी से 18 लाख रुपये कैश बरामद किया था। इंजीनियर दो गाड़ी से जा रहा था लेकिन एक गाड़ी भाग निकली। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो इंजीनियर ने पटना में अपनी पत्नी को फोन कर कह दिया कि वह सारा सामान घर से हटा दे। लेकिन दरभंगा के अपने घर से वह सामान नहीं हटवा पाया। पुलिस को उसके दरभंगा स्थित घर से 49 लाख रुपये कैश मिले।

इंजीनियर के ठिकानों से बेहिसाब संपत्ति खरीद के दस्तावेज भी मिले थे। पुलिस ने जब पूछताछ की थी तो इंजीनियर ने कहा था कि वह अगर जुबान खोलेगा तो पटना में विस्फोट हो जायेगा। उसके बाद ही उसे थाने से छोड़ा गया। बुधवार को भाजपा विधायक ने सदन में कहा-ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार के पास से 67 लाख और करोड़ों रुपए के चल-अचल संपत्ति मिलने के बाद भी अभी तक उनका निलंबन नहीं हुआ है। उन्हें थाने से जमानत मिल गई। हालांकि, ग्रामीण कार्यमंत्री ने अपने जवाब में कहा कि अधीक्षण अभियंता चिकित्सीय छुट्टी पर हैं। विभाग उनके विरुद्ध जांच कर रहा है। जल्द उन पर कार्रवाई होगी।

मंत्री के आश्वासन पर विप सभापति बोले-आपके उत्तर पर भरोसा नहीं
बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने श्रम संसाधन मंत्री जिवेश कुमार से कहा-आपके उत्तर पर कैसे भरोसा किया जाए? मैं जब श्रम संसाधन मंत्री था, तभी मेरे गांव कोथुआ में आईटीआई खोलने का निर्णय हुआ। अब तक नहीं खुला। और अभी आप कह रहे हैं कि यह काम 3 महीना में हाे जाएगा।

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