जदयू MLC ने कहा- कुलाधिपति को गुमराह कर रहे अफसर:कुलपति की बहाली से पहले उनकी संपत्ति और आरोपों का विवरण लेने की उठाई मांग

पटना2 महीने पहले
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जदयू MLC संजीव सिंह। - Dainik Bhaskar
जदयू MLC संजीव सिंह।

बिहार विधान परिषद में जदयू के पार्षद संजीव कुमार सिंह, समीर सिंह, प्रेमचंद मिश्रा, नवल किशोर यादव सहित कुल 18 पार्षदों ने विधान परिषद में कुलपतियों की बहाली और उनसे जुड़ी गड़बड़ियों का मामला ध्यानाकर्षण के तहत उठाया। जदयू के पार्षद संजीव कुमार सिंह ने कहा कि राजभवन के पदाधिकारी कुलाधिपति को सही जानकारी नहीं दे रहे हैं और कई फैसलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। कुलपतियों की नियुक्ति के बारे में तीन तरह की बातें कही गई हैं। विजिलेंस का क्लियरेंस सबसे जरूरी है।

एजेंसी कहीं न कहीं जांच करती है, लेकिन कितना करती है नहीं कह सकता। कुलपति बहाली में सुप्रीम कोर्ट ने इंटीग्रिटी और मॉरल स्टैंडर्ड की बात कही है। जब सभापति विधान परिषद में और अध्यक्ष विधान सभा में बैठते हैं तो उन्हें संपत्ति व अन्य एफिडेविट देना पड़ता है, उसी तरह कुलपतियों की बहाली के समय संपत्ति विवरण सहित यह बताना चाहिए कि हमारे ऊपर क्रिमिनल प्रोसीडिंग नहीं चल रही है। कहा कि किसी कुलपति के घर में लाखों-करोड़ों मिलते हैं तो इससे क्या मैसेज जा रहा है। एक्ट की भी अनदेखी की जा रही है।

जदयू पार्षद संजीव बोले- पूर्णिया और भागलपुर विवि में बड़ी गड़बड़ियां हुईं
जदयू पार्षद ने कहा कि पूर्णिया और भागलपुर विश्विद्यालय में बड़ी गड़बड़ियां हुई हैं। पूर्णिया विश्वविद्यालय में 30 हजार लड़के थे तो एक पर पांच उत्तरपुस्तिकाओं के हिसाब से डेढ़ लाख उत्तरपुस्तिकाएं चाहिए थीं। लेकिन, 11 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की खरीद की गई, वह भी उत्तर प्रदेश से। कहा कि जेम पोर्टल को लेकर राज्य सरकार, वित्त विभाग और राजभवन का निर्देश है कि बिना जेम पोर्टल पद्धति को अपनाए हुए ही उत्तरपुस्तिकाओं की खरीद की गई। साथ ही पुराने संस्करणों की अनुपयोगी किताबों की खराद और बाहरी ठेका दिया गया। बिहार में पूर्णिया विश्वविद्यालय और भागलपुर विश्वविद्यालय के साथ -साथ अन्य विश्वविद्यालयों में भी बड़ी गड़बड़ियां की जा रही हैं।

संजीव सिंह ने मांग की कि बिहार शिक्षा सेवा के पदाधिकारी इसमें होंगे तो यह गड़बड़ियां थमेंगी। सभापति ने निर्देश दिया कि शिक्षा मंत्री और ध्यानाकर्षण के तहत उस सवाल को लाने वाले सभी 18 पार्षद बैठक करेंगे और समाधान तलाशेंगे।