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भागलपुर में गंगा का रौद्र रूप....कटाव में कई घर समाए:खुद अपना आशियाना तोड़ने को मजबूर लोग; बिहार के 26 जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट

पटना7 दिन पहले

भागलपुर में गंगा से सटे इलाकों में कटाव काफी तेज हो गया है। कई घर गंगा में समा चुके हैं। गंगा का रौद्र रूप देख लोग दहशत में हैं। कई लोग बेघर हो चुके हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। जबकि तेज कटाव के कारण लोग अपने ही हाथों अपना घर-मकान तोड़ रहे हैं, ताकि ईंट, दरवाजे-खिड़की बचा सके।

इधर मौसम विभाग ने राज्य के 26 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं बाकी अन्य जिलों में भी मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है इस दौरान अधिकतम तापमान 30-31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25-26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

मौसम विभाग की मानें तो सितंबर के महीने में मानसून बिहार पर मेहरबान है और यह सिलसिला अभी जारी रहने की उम्मीद है। पिछले कई दिनों से प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है। इससे लोगों को गर्मी से राहत भी मिली है।

कटाव के कारण खुद अपना घर तोड़ने को मजबूर लोग।
कटाव के कारण खुद अपना घर तोड़ने को मजबूर लोग।

भागलपुर में कटाव में कई घर गंगा में समाए

जिले के सबौर प्रखंड के इंग्लिश गांव में गंगा के कटाव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। कटाव के कारण कई घर गंगा में विलीन हो रहे हैं। नदी के उफान में घर, बड़े-बड़े पेड़ चंद मिनटों में जल समाधि ले ले रहे हैं। लोग खौफ में हैं और अपने पक्के और मिट्टी के मकानों को बचाने की जद्दोजहद कर रहे है । जबकि जिला प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है जिससे ग्रामीण नाराज हैं।

भागलपुर में खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं लोग।
भागलपुर में खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं लोग।

बिहार के 26 जिलों में आकाशीय बिजली को लेकर येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बिहार के 26 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। जिसमें पटना, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, किशनगंज, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, नवादा, नालंदा, जहानाबाद, गया, अरवल, जहानाबाद, भोजपुर, रोहतास, कैमूर और बक्सर शामिल है। बादल गरजने और आसमान से बिजली गिरने की आशंका वाले इलाकों में लोगों को सुरक्षि‍त स्‍थान पर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

गर्मी से मिलेगी राहत
बता दें कि बिहार में लगातार सितंबर के महीने में बारिश होने के कारण शहरों के तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को राजधानी पटना में 32.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। गया में 32 डिग्री सेल्सियस, मुजफ्फरपुर में 30.6 डिग्री सेल्सियस, भागलपुर में 34.3 और पूर्णिंया में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान रहेगा। मौसम में 84 फीसदी ह्यूमिडिटी बनी रहेगी।

पटना में गंगा नदी में जलस्तर में कमी आने लगी है।
पटना में गंगा नदी में जलस्तर में कमी आने लगी है।

पटना में घटने लगा गंगा का जलस्तर, लेकिन अभी भी उफान में कमी नहीं
गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर के बीच एक राहत की खबर सामने आई है। अब पटना में गंगा नदी के जलस्तर में कमी आने लगी है। हालांकि अभी नदी के उफान में कमी नहीं आई है। जल संसाधन विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक दीघा घाट पर जलस्तर 47.83 मीटर और गांधी घाट पर 47.00 मीटर मापा गया है। जबकि दीघा घाट पर खतरे का निशान 50.45 मीटर और गांधी घाट पर 48.60 मीटर है। पुनपुन का जलस्तर श्रीपालपुर में 48.44 मीटर जलस्तर मापा गया है, जबकि खतरे का निशान 50.60 मीटर है।

गंगा में अभी भी उफान है।
गंगा में अभी भी उफान है।

लेकिन सुपौल और खगड़िया में कोसी नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से ऊपर है। सुपौल में कोशी नदी का जलस्तर 48.73 मीटर है, यहां खतरे का निशान 47.75 मीटर है। वही खगड़िया में कोसी नदी का जलस्तर 33.85 है, यहां खतरे का निशान 33.85 है।

धान की रोपनी करने वाले किसानों को इस बार बारिश नहीं होने के कारण मायूसी हाथ लगी है।
धान की रोपनी करने वाले किसानों को इस बार बारिश नहीं होने के कारण मायूसी हाथ लगी है।

धान की खेती में लगे किसानों को भी मिल सकती राहत

हर साल जून के महीने में धान की रोपनी करने वाले किसानों को इस बार बारिश नहीं होने के कारण मायूसी हाथ लगी है, लेकिन सितंबर में पिछले 1 हफ्ते से काफी बारिश हुई है। बारिश नहीं होने की वजह से हाल यह था कि खेतों में नमी तक नहीं थी जिससे किसानों को जुताई करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा था। अब हुई बारिश से खेतों में नमी नजर आ रहे ही, हालांकि अभी भी प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है।

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