पटना में 3 दिन में 30 हजार टिकट कैंसिल:प्रदर्शन के साइड इफैक्ट; लोगों ने रद्द की यात्राएं, आज 241 ट्रेनें कैंसिल

पटना5 महीने पहले

पटना में लगभग 30 हजार से अधिक लोगों ने अपनी यात्रा कैंसिल कर दी है। ये साइड इफेक्ट है चार दिनों से चल रहे छात्रों के उग्र प्रदर्शन का। दरअसल, सेना भर्ती में केंद्र की अग्निपथ स्कीम को लेकर पूरे बिहार में बीते तीन दिनों से उग्र प्रदर्शन हुआ। जो आज भी जारी है। इस दौरान 15 ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया। कई रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ हुई। बसों में भी आग लगाई गई।

रेलवे को निशाना बनाए जाने के बाद शनिवार को पटना के साथ ही नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, पटना, दानापुर, पाटलिपुत्रा, राजेंद्र नगर टर्मिनल, समस्तीपुर, गया, रांची और हावड़ा से खुलने वाली कुल 241 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। जबकि, पूर्व मध्य रेलवे के तहत चलने वाली 69 पैसेंजर ट्रेनों को भी आज कैंसिल किया गया है।

हिसंक प्रदर्शन से डरे लोगों ने अपना टूर कैंसिल करना शुरू कर दिया है। जबकि जून में बच्चों के स्कूल खुलने के साथ कोचिंग सेंटर में एडमिशन को लेकर कई लोगों ने बिहार से कोटा और दूसरे राज्यों में जाने की तैयारी कर रखी थी। आंदोलन ने 30 हजार से अधिक लोगों की यात्रा पर रोक लगा दी है। यह आंकड़ा पटना में टूर एंड ट्रैवल्स से जुड़ी एजेंसियों के हैं। इतना ही नहीं इसका बड़ा साइड इफेक्ट्स पेट्रोल पंपों पर पड़ने वाला है, जहां वह ड्राई होने के कगार पर हैं।

पटना रेलवे स्टेशन पर यात्री।
पटना रेलवे स्टेशन पर यात्री।

एक हफ्ते में 90 फीसदी बुकिंग कैंसिल

पटना के श्री टूर एंड ट्रवेल्स के श्री जायसवाल का कहना है कि मई और जून तो सीजन होता है। टूर पर जाने के लिए जून में लोग अच्छी खासी बुकिंग पहले से कराए रहते हैं। बच्चों को इधर-उधर स्कूलों में जाना होता है। गार्जियंस भी आउटिंग के बाद वापस आते हैं, लेकिन छात्रों का आंदोलन ऐसे समय पर हुआ कि लोगों कसे अपनी टिकट कैंसिल करानी पड़ी है। अधिक संख्या में लोगों ने राजस्थान, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में यात्रा का प्लान कर रखा था, लेकिन आंदोलन के कारण यात्रा को स्थगित करना पड़ा है।

श्री जायसवाल के मुताबिक पटना से यात्रा करने या फिर बाहर से पटना आने वाले 30 हजार से अधिक लोगों ने 3 दिनों में अपनी टिकट कैंसिल कराई है। कई ऐसे भी लोग भी हैं, जिन्होंने अपनी यात्रा 10 से 15 दिन आगे बढ़ा दी है।

ज्ञान टूर एंड ट्रैवल्स के उमेश का कहना है कि इस वीक 90 प्रतिशत लोगों ने अपनी यात्रा कैंसिल कराई है। उमेश का कहना है कि इस सप्ताह मधुबनी की पार्टी को प्रयागराज जाना था। काफी पहले रिजर्वेशन कराया था, लेकिन आंदोलन के कारण एक साथ 30 से अधिक टिकट कैंसिल कराया। उमेश का मानना है कि इस वीक 30 हजार से अधिक लोगों ने अपना टूर प्लान कैंसिल किया है।

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पटना के कई पेट्रोल पंप हो सकते हैं ड्राई

छात्रों के आंदोलन का एक बड़ा साइड इफेक्ट्स पेट्रोल पंप पर भी देखने को मिल रहा है। आंदोलन और उग्र प्रदर्शन के कारण पेट्रोल पंप से गाड़ियां डिपो तक नहीं जा रही है। ऐसे में कई पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल की समस्या हो सकती है। पटना के डाक बंगला स्थित भारत पेट्रोलियम के पंप के कर्मियों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल दोनों की किल्लत हो सकती है। गाड़ियों को डिपो तक डर के कारण नहीं भेजा जा रहा है।

अशोक कुमार बताते हैं कि अगर यही हाल रहा और प्रदर्शन ऐसे ही उग्र होता रहा तो आने वाले 24 घंटे में पेट्रोल के साथ डीजल की भी किल्लत होगी। कई पेट्रोल पंप ड्राई होने के कगार पर है। बिहार पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी और पटना के अध्यक्ष बिजेंद्र सिन्हा का कहना है कि पटना में लगभग 200 पेट्रोल पंप हैं। एक दिन में 2 लाख लीटर डीजल और एक से डेढ़ लाख लीटर पेट्रोल की खपत है। जब भी पंप और डिपो के बीच गाड़ियां ठहरती हैं तो डीजल पेट्रोल की समस्या हो जाती है। ऐसे आंदोलन में गाड़ियों को आग से बचाना होता है, इस कारण से एहतियात के तौर पर उन्हें रोक दिया जाता है।

बाहर से आने वाले सामान पर बड़ा असर

छात्रों के आंदोलन से बाहर से आने वाले सामान पर बड़ा असर पड़ा है। सब्जी-फल के साथ अन्य सामानों की आमद पर असर देखने को मिल रहा है। बिहार में आंदोलन के लगातार हिंसक होने के कारण बाहर से ट्रांसपोर्टर गाड़ियां नहीं भेज रहे हैं। ऐसे में सामानों की किल्लत हो सकती है। मीठापुर मंडी के राज कुमार का कहना है कि बाहर वालों को बिहार में हो रहे प्रदर्शन से डर लग रहा है। वह गाड़ियां भेजने को तैयार नहीं है। गाड़ियों में आग लगाने के साथ अन्य घटना के कारण काफी डरे हुए हैं। बाहर से गाड़ियों की कमी होने के कारण सामानों की भी कमी हो गई है। इसका असर आने वाले दिनों में बाजार पर दिखाई पड़ेगा। थोक मंडी के व्यापारियों का कहना है कि बाजार में आंदोलन का बड़ा साइड इफेक्ट दिखाई देगा।

कोटा का टिकट कराया कैंसिल

पटना सिटी की अर्चना को कोटा जाना था। मेडिकल की तैयारी कर रहे बेटे से मिलने के लिए उन्होंने एक माह पहले ही रिजर्वेशन कराया था। सब कुछ सामान्य होता तो आज वह बेटे के साथ कोटा में होतीं, लेकिन आंदोलन के डर से उन्होंने बुकिंग कैंसिल करा दीं। कोटा आने जाने का पूरा प्लान ही खराब हो गया। बेटे के साथ वह खुद भी काफी मायूस हैं।

दिल्ली का प्लान किया कैंसिल

किदवईपुरी के राजन सिंह ने दिल्ली जाने का प्लान किया था, लेकिन हिंसक होते आंदोलन के कारण टिकट कैंसिल करना पड़ा। राजन सिंह का कहना है कि सुरक्षा को लेकर कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। ट्रेनों को आग लगाया जा रहा है। ऐसे में कब, कहां, कौन-सी घटना हो जाए, कोई ठिकाना नहीं होता है। इस डर के कारण उन्होंने अपनी जरूरी यात्रा को भी कैंसिल करा दिया है।

देहरादून की यात्रा कैंसिल

राजीव नगर के अजीत सिंह को बच्चों को छोड़ने देहरादून जाना था। उनके दो बच्चे देहरादून में पढ़ाई करते हैं। लेकिन प्रदर्शन के कारण वह देहरादून का टिकट कैंसिल करा दिए। अजीत सिंह का कहना है कि इस समय माहौल ऐसा नहीं है कि बच्चों या परिवार के साथ यात्रा में रिस्क लिया जाए। काफी दिन पहले मुश्किल से टिकट मिलने के बाद भी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें टिकट कैंसिल कराना पड़ा है।