निदेशक को पत्र लिखा:एनआईटी के छात्रों ने ऑनलाइन एग्जाम देने में जताई असमर्थता

पटनाएक वर्ष पहले
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  • हम विपरीत हालात से गुजर रहे, परीक्षा नहीं दे सकते

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पटना के छात्रों ने एंड सेमेस्टर एग्जाम देने में असमर्थता जताई है। छात्रों ने निदेशक को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे परीक्षा लेने के फैसले पर पुनर्विचार करें और प्रमोट करने की योजना पर विचार करें, जैसा कि एनआईटी वारंगल ने किया है। एनआईटी प्रशासन ने एंड सेमेस्टर एग्जाम ऑनलाइन लेने की घोषणा की है। 13 जुलाई से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, जिसका विरोध छात्र कर रहे हैं। निदेशक को लिखे पत्र में छात्रों ने कहा है कि हमलोग काफी मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। कोरोना के कारण हम और हमारा परिवार मेंटल, सोशल, इकोनॉमिकल, टेक्निकल और हेल्थ चैलेंजेज को फेस कर रहा है। इस स्थिति में हमलोग परीक्षा नहीं दे सकते। छात्राें ने कहा है कि ज्यादातर विद्यार्थियाें ने अपना लैपटॉप हॉस्टल में छोड़ दिया है। क्लास नोट्स, रीडिंग मेटेरियल्स, किताबें अादि भी हॉस्टल में ही हैं। बहुत सारे छात्र ग्रामीण इलाकों से आते हैं जिनके पास बिजली, इंटरनेट की बेहतर सुविधा नहीं है। इसलिए हमलोग साइबर कैफे भी नहीं जा सकते। झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम जैसे राज्यों ने लॉकडाउन भी बढ़ा दिया है। काफी छात्र कन्टेनमेंट जोन में रह रहे हैं, यहां से बाहर निकलना भी संभव नहीं है। ऐसे में परीक्षा के कारण हम मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।

ट्विटर पर शुरू किया कैंपेन
संस्थान की ओर से बात नहीं सुने जाने के बाद छात्रों ने ट्विटर पर कैंपेन शुरू किया है। छात्र-छात्राएं अपनी परेशानी लिख रहे हैं। एमएचआरडी मंत्री से भी छात्रों ने अनुरोध किया है कि वे परीक्षा को रद्द करवाएं। दिल्ली विवि में प्रोफेसर और राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने भी छात्रों के पक्ष में ट्वीट कर एनआईटी से कहा है कि महामारी के दौरान परीक्षा लेने के माइंडलेस और हार्टलेस फैसले के लिए आप दिल्ली यूनिवर्सिटी के बेहतर उदाहरण को फॉलो करें। एक राज्य जहां इंटरनेट या तो कम या बिना स्पीड चलता है, इस हठी रवैये से दूर रहें।

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