केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी JDU:अध्यक्ष ललन सिंह बोले- पार्टी के खिलाफ साजिश चल रही थी, वक्त पर खुलासा करेंगे

पटना4 महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय

बिहार की पॉलिटिक्स में आने वाले 48 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं। RCP सिंह के इस्तीफे के बाद जदयू हमलावर हो गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने शनिवार कहा कि RCP सिंह बगैर नीतीश कुमार की सहमति के केंद्रीय कैबिनेट में शामिल हो गए थे। चिराग पासवान की ही तरह JDU के खिलाफ एक और साजिश चल रही थी, लेकिन इसका खुलासा वक्त आने पर करेंगे। गठबंधन पर उन्होंने कहा कि आज हैं कल किसका भरोसा। वहीं खबर ये भी है कि मंगलवार को CM ने सभी JDU सांसदों की बैठक बुलाई है।

बिहार के शिक्षा मंत्री और JDU के कद्दावर नेता विजय कुमार चौधरी ने साफ कर दिया कि JDU केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने वाली है। विजय चौधरी ने साफ किया कि JDU को केंद्र में उचित सम्मान नहीं मिला। दो मंत्री पद मांगे गए थे। लेकिन प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया था। ऐसे में केंद्र की सरकार में JDU का कोई प्रतिनिधि नहीं रहेगा। ये बातें तब सामने आई जब JDU ने ऑपरेशन RCP चलाया था।

सीएम नीतीश ने बनाई दूरी

बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार लगातार BJP के रवैया से नाराज चल रहे हैं। इसकी शुरुआत तो काफी पहले हो गई थी। लेकिन, जोर उस समय पकड़ा जब विधानसभा भवन के शताब्दी वर्ष समारोह के समापन समारोह में PM नरेंद्र मोदी आए थे। बिहार सरकार के खर्चे पर किए गए इस कार्यक्रम में नीतीश कुमार की फोटो कहीं नहीं लगाई गई थी। BJP कोटे से विधानसभा अध्यक्ष विजय सिंहा और नरेंद्र मोदी ही तस्वीरों में दिखे। इसी समारोह में जो पुस्तिका का लोकार्पण किया गया, उसमें भी उनकी फोटो नहीं लगाया गया।

ऐसे कई मौके आए जब नीतीश कुमार को दिल्ली जाना था। लेकिन वे नहीं गए। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव में JDU ने NDA का समर्थन किया है। लेकिन, नीतीश कुमार की दूरी कुछ और बयां कर रही है। पहला मौका उस समय आया जब गृह मंत्री अमित शाह ने सभी NDA शासित राज्यों के CM को तिरंगा झंडा फहराने के लिए दिल्ली बुलाया था, लेकिन वे नहीं गए।

कई मौके पर दिल्ली से बनाई दूरी

दूसरा मौका तब आया जब पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विदाई समारोह में नीतीश कुमार को निमंत्रण दिया गया था, लेकिन वो नहीं गए। उसी तरह नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में भी नीतीश कुमार ने अपनी दूरी बनाए रखी।

नीति आयोग की बैठक में भी नहीं जाएंगे

रविवार को होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक होनी है। इस बैठक में नियम के मुताबिक मुख्यमंत्री को शामिल होना होता है, लेकिन बिहार के CM नीतीश कुमार इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने अपनी तरफ से उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद का नाम भेज दिया है। अब विजय चौधरी के इस बयान से कि मंत्रिमंडल में JDU शामिल नहीं होगा तो आगे की तस्वीर अगले दो दिन में साफ हो जाएगी।

पटना के JDU ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह।
पटना के JDU ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह।

ललन सिंह ने आरसीपी सिंह पर दिया जवाब

आरसीपी सिंह द्वारा इस्तीफे और JDU को खरी-खोटी सुनाने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने शनिवार को जवाब दिया है। उन्होंने पार्टी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा खुलासा भी किया। कहा कि आरसीपी सिंह बगैर नीतीश कुमार की सहमति के केंद्रीय कैबिनेट में शामिल हो गए थे। नीतीश इस बात का खंडन करते तो अच्छा नहीं लगता। लिहाजा वह चुप रह गए। लेकिन, अब पार्टी ने तय किया है कि साल 2019 के स्टैंड पर कायम रहते हुए केंद्रीय कैबिनेट में शामिल ना हुआ जाए।

ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी सिंह अब जहां जाएं, उनकी मर्जी है। हकीकत यह है कि जदयू में रहने के बावजूद भी उनका मन कहीं और था, तन कहीं और था। कहा कि चिराग पासवान की ही तरह जदयू के खिलाफ एक और साजिश चल रही थी। लेकिन इसका खुलासा वक्त आने पर करेंगे।

'नीतीश कुमार ही सर्वमान्य नेता है, उनकी ही बातों को गंभीरता से लेते हैं'

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता संजय टाइगर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'बिहार में NDA की सरकार जनता के हित में चल रही है। जनता की भलाई के लिए एनडीए की सरकार चल रही है। गठबंधन के सभी घटक दल इस गठबंधन को चलाने के लिए बराबर के हिस्सेदार हैं। यदि कोई घटक दल गठबंधन में नहीं रहना चाहता है तो वह किसी घटक दल से पूछ कर बाहर नहीं जाएगा। लेकिन बिहार की जनता की आकांक्षाओं के लिए NDA गठबंधन बेहतर है।'

उन्होंने कहा, 'बीजेपी ने पहले भी अपने वादे को निभाया है। भले बीजेपी की ज्यादा सीटें आई हो, लेकिन जो वादा किया गया था कि नीतीश कुमार की अगुवाई में सरकार बनेगी। बीजेपी ने उस वादे को पूरा किया है। दूसरी बात यह है कि जेडीयू के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार है। नीतीश कुमार के बयान को ही बीजेपी गंभीरता से लेती है। यदि कोई कुछ कहता है तो उसकी गंभीरता नहीं है और फिलहाल नीतीश कुमार ने अभी कुछ नहीं कहा है। बिहार में NDA की सरकार बेहतर तरीके से चल रही है।'

पूर्व प्रवक्ता भी भड़के
इधर, JDU के ऑपरेशन आरसीपी के बाद उनके समर्थक खुलकर सामने आ गए हैं। यहां तक कि जो CM नीतीश के करीबी हुआ करते थे, वो भी उन्हें खुलकर बुरा-भला कह रहे हैं। JDU के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि 'क्या संयोग हैं और अजब प्रयोग हैं - पेट भर के गालियां दे के और पेट में कितने दांत हैं, ये बता के राष्ट्रीय अध्यक्ष दो-दो बार धोखा देकर खुद को CM बना के चुनाव लड़ने वाले अध्यक्ष संसदीय बोर्ड में, ये काम सिर्फ एक ही विरला पार्टी कर सकती हैं जिसके नायाब नेता को सब भूलने की आदत हैं।'

दूसरे ट्वीट में भी साधा निशाना

वही, दूसरे ट्वीट में अजय आलोक ने लिखा है कि पिछले 12 साल से PM बनने की आशा में बिहार का सत्यानाश करने वाले यह महान व्यक्ति नीतीश कुमार नहीं बल्कि “ नाश कुमार “ हैं । कबीरदास ने तो अपनी डाल काटी थी ये आदमी अपनी छाया को काटने चला हैं। सोचिए आप लोग ?? आपका क्या होगा ??

JDU के पूर्व प्रवक्ता ने ये भी लिखा, 'PM की नीति आयोग की बैठक में नहीं जाएंगे। क्योंकि कोरोना से निकले हैं "नाश कुमार" लेकिन समारोह में जाएंगे, सांसदों की बैठक करेंगे। अरे खुल के गाइए लालू जी के शब्दों में - पलटने का मौसम आ गया - बिहार की सत्ता में बने रहना इनका 1-1 दिन बिहार को 1-1 साल पीछे ले जा रहा हैं।'

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