बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति-2021 तैयार:मेंटेनेंस के लिए नई योजना; गांव की सड़कों के निर्माण के लिए 5 साल नहीं, अब 10 साल पर होगा टेंडर

पटना16 दिन पहलेलेखक: इन्द्रभूषण
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टेंडर के पहले संबंधित सड़क का ट्रैफिक सर्वे होगा, फिर आबादी के दबाव के हिसाब से चौड़ीकरण का इस्टीमेट बनेगा। - Dainik Bhaskar
टेंडर के पहले संबंधित सड़क का ट्रैफिक सर्वे होगा, फिर आबादी के दबाव के हिसाब से चौड़ीकरण का इस्टीमेट बनेगा।

गांव की सड़कों को बनाने के लिए अब 5 नहीं, हर 10 साल पर टेंडर होगा। राज्य सरकार ग्रामीण सड़कों के मेंटेनेंस के लिए बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति-2021 तैयार कर रही है। इसी महीने इस नीति को कैबिनेट से मंजूरी के लिए ग्रामीण कार्य विभाग प्रस्ताव बना रहा है। राज्य सरकार सभी टोलों-गांवो में बारहमासी (सभी 12 महीने) सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर करवा रही है।

राज्य की 83 फीसदी सड़क गांवों में है। इन सड़कों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेवारी ग्रामीण कार्य विभाग के पास है। विभाग के पास कुल 1 लाख 20 हजार 549 किलोमीटर सड़क है जिसमें से अब तक 1 लाख 908 किलोमीटर सड़क बन चुकी है। इन बनी हुई सड़कों को मेंटेन रखना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।

यही देखते हुए विभाग नई अनुरक्षण नीति तैयार कर रहा है जिसमें अब 10 साल पूरे होने पर ही उसके निर्माण के लिए टेंडर होगा। टेंडर के पहले संबंधित सड़क का ट्रैफिक सर्वे होगा, फिर आबादी के दबाव के हिसाब से चौड़ीकरण का इस्टीमेट बनेगा, प्रशासनिक स्वीकृति ली जाएगी और नए सिरे से निर्माण के लिए टेंडर किया जाएगा।

अभी एजेंसी ही 5 साल करती है सड़क का मेंटेनेंस

ग्रामीण सड़कों का निर्माण डिजाइन 10 साल का होता है। इसमें पहले 5 साल सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की होती है। इसके आगे के 5 साल सड़क के रखरखाव की जिम्मेवारी अब विभाग के अभियंताओं पर होगी। चूंकि ग्रामीण सड़कों का निर्माण डिजाइन 10 साल का होता है, यह देखते हुए 5 साल पर निर्माण एजेंसी के मेंटेनेंस की जिम्मेवारी समाप्त होने के बाद उसे ठीक करने के लिए टेंडर करना पड़ता है।

पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सड़क निर्माण से जुड़े विभागों को लगातार खुद विभागीय स्तर पर मेंटेनेंस करने की सलाह और निर्देश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब ग्रामीण कार्य विभाग ने एजेंसी के मेंटेनेंस की जिम्मेवारी समाप्त होने के बाद अगले 5 साल तक विभाग के अभियंताओं पर ही सड़कों को मेंटेन कर मोटरेबुल रखने की जिम्मेवारी देने का निर्णय किया है। इस नई व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए ही अनुरक्षण नीति-2021 बनाई गई है।

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