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  • Only 1063 People Reached The District De addiction Center In Four And A Half Years To Get Rid Of The Habit Of Intoxication.

लापरवाही:जिला नशामुक्ति केंद्र में साढ़े चार साल में सिर्फ 1063 लोग ही पहुंचे नशे की आदत से छुटकारा पाने

हाजीपुर2 महीने पहले
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  • चिकित्सक नर्स और कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति नहीं होने से अभियान पड़ा ढीला

सदर अस्पताल स्थित कार्यरत जिले का एकमात्र नशा-विमुक्ति केंद्र अपने उद्देश्य से भटक कर बेपटरी हो चुका है। केंद्र के खुले तकरीबन 56 माह यानी साढ़े चार सालों में 1063 मरीजों का ही इलाज हो पाया है। इस तरह प्रतिमाह औसत 20 से भी कम बैठता है। 2016 से 16-09 20 तक 1063 मरीज ही केंद्र नशे की आदत से छुटकारा के लिए पहुंचे। नशामुक्ति केंद्र के ओपीडी में 523 और आईपीडी में 540 मरीज का इलाज किया गया है। यह आंकड़ा भी शराबबंदी बाद केंद्र खुलने के शुरुआती पांच-छह माह के जबकि बाद दिनों में खानापूर्ति ही की गई।

प्रतिदिन एक-दो मरीज आते हैं
चिकित्सक नर्स और कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति नही होने पर मरीज की संख्या में कमी आई है। एक चिकित्सक के सहारे नशामुक्ति केंद्र चल रहा है। कहने को 6 नर्स की प्रतिनियुक्ति है पर मैनेज कर एक ही नजर आती हैं। 10 बेड के जिले के एकमात्र नशामुक्ति केंद्र पर भूले-भटके लगभग प्रतिदिन एक दो मरीज आते हैं लेकिन सही तरह देखभाल और दवा नही मिलने परिजन अलग इलाज के लिए ले जाते हैं। दूसरे जगह-जगह से वार्ड का छत क्रेक है। मरीजों के लिए टीवी, ऐसी तो लगी है लेकिन सब के सब खराब पड़े हैं। पीने का पानी का अभाव है। दिखावे के लिए वार्ड के बरामदे पर लगा है दो आरओ मशीन लेकिन महीनों से खराब होकर कबाड़ बन गया है।

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