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पाटलिपुत्र स्टेशन की किस्मत:दीघा थाने से महज सवा 2 किमी दूरी, मगर सड़क कनेक्ट नहीं होने से 10 किमी का सफर तय कर पहुंचने की मजबूरी

पटना5 महीने पहलेलेखक: आलोक कुमार
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दीघा की 1 लाख से अधिक की आबादी को नहीं मिला लाभ - Dainik Bhaskar
दीघा की 1 लाख से अधिक की आबादी को नहीं मिला लाभ

दीघा इलाके की एक लाख से अधिक की आबादी के लिए पाटलिपुत्र स्टेशन आना-जाना आसान नहीं है। दीघा थाने के पास से रेलवे लाइन किनारे निकली सड़क से पाटलिपुत्र जंक्शन की दूरी महज सवा दो किलोमीटर है। लेकिन, दीघावासियों को पाटलिपुत्र जंक्शन पहुंचने में आशियाना दीघा रोड या दीघा खगौल लिंक पथ के रास्ते करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। वह भी रास्ता घुमावदार इतना कि आधा घंटा से अधिक लग जाता है। यही वजह है कि पाटलिपुत्र जंक्शन चालू हुए पांच साल से अधिक गुजर गए, लेकिन दीघा के लोगों को इसका कोई खास फायदा नहीं मिला। आज भी ज्यादातर लोग अटल पथ के रास्ते ट्रेन पकड़ने के लिए पटना जंक्शन जाना ज्यादा पसंद करते हैं। लोगों को उम्मीद है कि रेलवे और राज्य सरकार मिलकर कोई रास्ता जरूर निकालेंगे, जिससे दीघा के लोगों को सुविधा मिले।

दीघा इलाके में तीन तरफ से जुड़ने का विकल्प सामने, मगर नहीं निकला रास्ता
दीघा थाने के पास से रेलवे लाइन किनारे निकली सड़क की राह में बाधा बने निराला नगर के दो मकान अब हटा दिए गए हैं। इससे अब दीघा हॉल्ट के पास से सीधा शिवनंदन नगर घुड़दौड़ रोड होते हुए रेलवे लाइन तक यह सड़क पहुंच गई है। इस सड़क से दीघा से शिवनंदन नगर और उससे आगे पश्चिम की तरफ रेलवे लाइन तक सड़क पर शुरू में कई जगह गड्ढों से सामना हुआ। उसके बाद दक्षिण तरफ सीधा रास्ता कच्ची है। लोगों ने राबिश डालकर चलने लायक बनाया है। यह कच्ची सड़क राजीव नगर कर्पूरी भवन के पास से निकली प्रस्तावित 90 फीट सड़क में मिल जाती है।

उससे आगे कंचनपुरी के पास जाकर सड़क रुक जाती है, क्योंकि उससे आगे की जमीन पर पानी भरा है। वहां काम करा रहे राजीव नगर के मुकेश कुमार ने बताया कि कंचनपुरी से आगे मिट्‌टी भरकर कच्ची रास्ता बनाने की तैयारी है। फिर भी कई लोगों की निजी जमीन व कुछ मकान बन जाने के कारण इधर से पाटलिपुत्र जंक्शन का रास्ता आसान नहीं है। लेकिन, 90 फीट रोड और पाटलिपुत्र जंक्शन के बीच कनेक्टिविटी की राह में 10 कट्‌ठे का महज एक प्लॉट है। यह सरकार को मिल जाए तो राजीव नगर के कर्पूरी भवन से जंक्शन तक सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी।

पाटलिपुत्र जंक्शन चालू होने से पहले रोड बनना चाहिए था
दीघा के शिवनंदन नगर के उमेश कुमार प्रभाकर, मुकेश कुमार, सनोहर कुमार आदि ने बताया कि पाटलिपुत्र जंक्शन चालू होने से पहले दीघा तरफ से जंक्शन का रोड बनना चाहिए था। किशोर कुणाल पथ शिवनंदन नगर के रास्ते रेलवे लाइन तक पहुंचकर बंद है। उससे आगे महज एक किलोमीटर का रास्ता है। अगर रेलवे अपनी जमीन दे तो यह रोड बन जाएगा। अभी दीघा तरफ से आने वाले और पाटलिपुत्र जंक्शन जाने वाले लोग अक्सर शिवनंदन नगर से वापस लौटते हैं, क्योंकि गूगल मैप भी आगे जाकर घुमा देता है। यह रास्ता बन जाए तो दीघा, राजीव नगर, रामजी चक, शिवनंदन नगर, निराला नगर वालों को राहत मिल जाएगी।

आशियाना नगर से स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क की चौड़ाई कम
पथ निर्माण विभाग ने दीघा-आशियाना रोड से आशियाना फेज वन होते हुए पाटलिपुत्र स्टेशन तक सड़क का सर्वे किया था। सड़क तो है, लोग इस्तेमाल भी कर रहे हैं, लेकिन चौड़ाई कम रहने के कारण सवारी वाहन इस रास्ते नहीं चलता है। कई जगह इस सड़क की चौड़ाई महज 10 से 12 फीट ही है।

फायदे : दीघा साइड से कनेक्टिविटी के

  • सड़क बन जाने से दीघा इलाके की करीब डेढ़ लाख की आबादी के लिए पाटलिपुत्र स्टेशन व बेली रोड आना-जाना आसान हो जाएगा।
  • अभी दीघा अशोक राज पथ से पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचने के लिए दीघा-आशियाना रोड से आशियाना मोड़ और बेली रोड में रूपसपुर नहर ओवरब्रिज के नीचे से होकर जाना पड़ता है। रास्ता बने तो करीब 10 किलोमीटर नहीं जाना पड़ेगा।
  • लाइन के पैरलल सड़क का निर्माण पूरा हो जाने पर यह दूरी घट कर महज सवा दो किलोमीटर ही रह जाएगी।
  • इसी रोड पर ज्ञानदीप स्कूल और ज्ञान निकेतन स्कूल है, साथ ही चार अपार्टमेंट भी हैं। सड़क बन जाने पर इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी सुविधा होगी।