खपत का होगा ऑडिट:800 मरीज वाले 3 अस्पताल ही रोज ले ले रहे, 7000 में से 2600 ऑक्सीजन सिलेंडर

पटना6 महीने पहले
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ऑक्सीजन तो मिला, पर बेड नहीं - Dainik Bhaskar
ऑक्सीजन तो मिला, पर बेड नहीं
  • पीएमसीएच, एनएमसीएच और आईजीआईएमएस में ऑक्सीजन की खपत का होगा ऑडिट

पटना जिले में ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता 7000 सिलेंडर प्रतिदिन है। इनमें से 2600 सिलेंडर की सप्लाई पीएमसीएच, एनएमसीएच और आईजीआईएमएस को हो रही है। जबकि, इन तीनों अस्पतालों में महज 700 से 800 कोरोना मरीज भर्ती हैं। बाकी बचे 4400 सिलेंडर की सप्लाई कोरोना का इलाज करने वाले 90 निजी अस्पतालों, डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटरों और गैर कोविड अस्पतालों को रही है। जबकि, इन 90 निजी अस्पतालों में ही करीब 2000 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। यही वजह है कि निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो रही है।

डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर पीएमसीएच, एनएमसीएच और आईजीआईएमएस में ऑक्सीजन की खपत का विशेषज्ञ टीम से ऑडिट कराने का अनुराेध किया है। डीएम ने कहा कि पीएमसीएच, एनएमएमसीएच और आईजीआईएमएस में प्रतिदिन 1000-1000 ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग की जा रही है। पीएमसीएच को 1000, एनएमसीएच को 1000 और आईजीआईएमएस को 600 सिलेंडर प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। जबकि इन तीनों अस्पताल में 700 से 800 कोरोना मरीज भर्ती हैं। 90 प्राइवेट अस्पतालाें में करीब 2000 कोरोना मरीजाें का इलाज चल रहा है। इनकी मांग प्रतिदिन 4 हजार ऑक्सीजन सिलेंडर की है। वहीं, जिला, अनुमंडल और डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में भी ऑक्सीजन की मांग है। ऐसे में मांग की तुलना में उपलब्धता काफी कम हो जाती है। उन्हाेंने कहा कि विशेषज्ञ टीम से ऑडिट कराने के बाद मांग और वास्तविक आवश्यकता का आकलन होगा।

उद्योग विभाग से 1770 ऑक्सीजन सिलेंडर मांगे

इधर जिला प्रशासन ने उद्योग विभाग से प्रतिदिन 1770 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग से तीनों मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन स्टोरेज टैंकर लगाने का अनुरोध किया गया है। डीएम ने कहा कि सभी सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था, सभी एसडीओ, एसडीपीओ, सभी थानाध्यक्षों को ऑक्सीजन आपूर्ति वाहनों को एंबुलेंस की तरह निर्बाध परिचालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।

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