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इस जुर्म की सजा कब:ऑक्सीजन-रेमडेसिविर की कालाबाजारी और ठगी जघन्य अपराध, इन पर देशद्रोह का केस क्योें नहीं

पटनाएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • मानवता के सामने आए इस सदी के सबसे बड़े संकट में भी ऐसा कुकृत्य
  • पटना समेत पांच जिलों में साइबर ठगी व कालाबाजारी करने वाले 15 और पकड़े गए
  • पटना में रेमडेसिविर बनाने वाली कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक भी कालाबाजारी में दबोचे गए

कोरोना महामारी के इस काल में पूरे प्रदेश में ऑक्सीजन व रेमडेसिविर की कालाबाजारी हो रही है। मरीजों के परेशान परिजनों को साइबर ठगी का भी सामना करना पड़ रहा है। लगातार ऐसे धंधेबाज पकड़े भी जा रहे हैं। लेकिन ऐसे जघन्य अपराध के लिए भी इन पर सामान्य अपराध की तरह की धाराएं लगाई जा रही हैं। जबकि लोगोें की जान जोखिम में डालने के लिए इनपर क्यों नहीं देशद्रोह का केस दर्ज हो।

इधर, ईओयू ने रेमडेसिविर बनाने वाली कंपनी जुबलिएंट जेनेरिक के क्षेत्रीय प्रबंधक राजू कुमार काे कालाबाजारी के आराेप में पत्रकारनगर थाने के हनुमाननगर से गिरफ्तार कर लिया। राजू वैशाली का रहने वाला है। इसी मामले में गुरुवार की रात एसपी वर्मा राेड स्थित रेनबाेे हाॅस्पिटल के निदेशक डाॅ. अशफाक अहमद और उसके साले अल्ताफ काे गिरफ्तार किया था। तीनाें के खिलाफ गांधी मैदान थाना में धाेखाधड़ी, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, एपिडेमिक डिजिज एक्ट व ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

नवादा-नालंदा में 12 साइबर अपराधी गिरफ्तार

साइबर अपराधियों का गिरोह लोगों को ऑक्सीजन व दवाएं दिलवाने के नाम पर भारी पैमाने पर ठगी कर रहा है। आर्थिक अपराध इकाई ने नालंदा, नवादा और शेखपुरा में छापेमारी कर कई साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। नालंदा से 5 और नवादा से 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। नालंदा में गुड्डू चौधरी, राममोहित चौधरी, भोला मांझी, प्रमोद कुमार, बीरू प्रसाद को गिरफ्तार किया गया। वहीं नवादा में युगल कुमार, धर्मेंद्र कुमार, नीतीश कुमार, अमित कुमार, विकास कुमार, धनंजय कुमार और नीरज मालाकार को पकड़ा गया। उनके पास से मोबाइल, सिम कार्ड, एटीएम, लैपटॉप बरामद किए गए। नालंदा में 47250 रुपए भी बरामद किए गए। शेखपुरा में अब तक 24 साइबर अपराधी गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों में कुछ पहले भी साइबर अपराध के मामलों में जेल जा चुके हैं।

भागलपुर में भी 4 धंधेबाजों पर मुकदमा, दो गिरफ्तार

रेमडेसिविर की कालाबाजारी मामले में ड्रग इंस्पेक्टर दयानंद प्रसाद ने पल्स अस्पताल के मैनेजर राहुल राज, ओम न्यूरो साइंस हॉस्पिटल के कर्मचारी पिंटू कुमार ठाकुर व चंदन कुमार और पल्स अस्पताल के दलाल बरहपुरा निवासी आलम के खिलाफ कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने राहुल और पिंटू को गुरुवार रात को ही गिरफ्तार कर लिया था।

ऐसे ठगी- सोशल मीडिया पर मदद की अपील कर फिर खाते में डलवाते हैं पैसे

साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर मदद से जुड़ी बातें लिख कर मरीज व परिजनों से संपर्क करने को कहा जाता है। पीड़ितों के परिजन जब संपर्क करते हैं तो उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर और जरूरी दवा उपलब्ध कराने के नाम पर किसी खाते में पैसा ट्रांसफर करने को कहा जाता है। दूसरा तरीका यह है कि साइबर अपराधी कहीं से मोबाइल नंबर का डेटा बेस हासिल कर लेते हैं। मसलन किसी फाइनेंस कंपनी या हॉस्पिटल से। उसके बाद लोगों से फाेन पर सम्पर्क करते हैं। जरूरतमंद लोग उनके झांसे में आ जाते हैं और ठगी का शिकार हो रहे हैं।

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