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वैक्सीन लेने में होने वाली है परेशानी:पहले कोरोना के लक्षण थे, इसलिए लोगों ने नहीं ली वैक्सीन, अब वैक्सीन की कमी होने लगी तो बढ़ी भीड़

पटनाएक महीने पहले
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पटना में कोरोना का टीका लेने के लिए बढ़ी लोगों की भीड़। - Dainik Bhaskar
पटना में कोरोना का टीका लेने के लिए बढ़ी लोगों की भीड़।

अब वैक्सीन को लेकर मुश्किल और बढ़ने वाली है। एक तरफ 6 माह में 6 करोड़ के टारगेट है तो दूसरी तरफ वैक्सीन की कमी हो रही है। तीसरी बड़ी समस्या ऐसे लोगों की भीड़ है, जो कोरोना जैसे लक्षण के कारण टीका नहीं ले पाए थे। पटना से लेकर राज्य में सेंटर भी घटा दिए गए हैं, जिससे वैक्सीनेशन के लिए लाइन लग गई है। ऐसे सेंटर जो 24 घंटे खुले रहते हैं, वहां तो भीड़ कम नहीं हो रही है। शहरी क्षेत्र में तो सेंटर अधिक होने से समस्या नहीं है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन में समस्या आएगी।

बिहार में अब तक 1.15 करोड़ वैक्सीनेशन

बिहार में बुधवार शाम 4 बजे तक 1,75,80,696 लोगों को टीका लग चुका है। इसमें पहली डोज लेने वालों की संख्या 1,50,88,953 है, जबकि 24,91,743 ने दूसरी डोज ली है। पटना में 19,57,740 लोगों ने कुल वैक्सीन ली है। इसमें 15,30,945 लोगों ने पहली और 4,26,795 लोगों ने दूसरी डोज ली है।

पटना में सेंटर की संख्या लगातार घट रही है। पहले निर्णय लिया गया कि सप्ताह में 4 दिन वैक्सीनेशन होगा। उसके बाद यह सेंटर भी घटाए जाने लगे। इसके साथ ही वैक्सीन की कमी का भी बड़ा मामला सामने आया, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।

लक्षण के कारण नहीं ले पाए टीका

पटना से लेकर राज्य के लगभग सभी वैक्सीनेशन सेंटर पर ऐसे लोगों की भीड़ अधिक देखी जा रही है, जो या तो पहले कोविड के कारण वैक्सीन नहीं ले पाए या फिर कोरोना जैसा लक्षण होने के कारण टीका नहीं ले पाए। अप्रैल और मई में संक्रमित होने वालों का दिन पूरा हो गया है। अब वह वैक्सीनेशन के लिए सेंटर पर आ रहे हैं।

पटना के सेंटरों पर ऐसे लोगों की भीड़ देखी जा रही है। केसरी नगर की सुमन सिंह का कहना है कि वह कोरोना पॉजिटिव हो गई थी। पहली डोज लेने के बाद दूसरी डोज के पहले वह संक्रमित हुई। इसके बाद जब समय आया तो अब सेंटर पर भारी भीड़ है। दानापुर के राकेश कुमार का कहना है कि वह पाटलिपुत्र अशोक में वैक्सीनेशन के लिए आए थे, लेकिन नहीं हो पाया।

ऐसे तो पूरा हो चुका टारगेट

6 माह में 6 करोड़ लोगोंं को टीकाकरण करना है। इस संकल्प के साथ बिहार में टीकाकारण किया जाना है, लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण सेंटर पर टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। वैक्सीन कई दिनों से खत्म है। इस कारण से पटना से लेकर राज्य के अन्य जिलों में कई सेंटरों पर वैक्सीनेशन ठप है। ऐसे में 6 माह में 6 करोड़ का टारगेट कैसे पूरा होगा यह बड़ा सवाल है।

पटना में कई ऐसे वार्ड हैं जहां टीका एक्सप्रेस से भी राहत नहीं मिल पा रही है। पटना के वार्ड नंबर 28 में लोगों का आरोप है कि यहां वैक्सीनेशन का काम सही से नहीं किया जा रहा है। कभी टीका एक्सप्रेस आती है कभी नहीं आती है। जब आती है तो कोवैक्सिन और कोवीशील्ड का चक्कर फंस जाता है। ऐसे में लोगों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।

सड़क तक लंबी लाइन, भीड़ देखकर लौट रहे लोग

24 घंटे वैक्सीनेशन वालें सेंटरों पर इतनी भीड़ हो रही है कि लोग वापस लौट रहे हैं। बुधवार को राजाबाजार के देव कुमार, साेएब और किशन ने बताया कि गर्दनीबाग में टीकाकरण नहीं होने के कारण वह होटल पाटलिपुत्र अशोका आए, जहां से वह भीड़ के कारण वापस लौट रहे हैं। होटल पाटलिपुत्रा अशोका में सड़क तक लबी लाइन लग रही है। यहां अधिकतर लोग इंतजार के कारण लौट रहे हैं।

पटना के कई ऐसे सेंटर हैं, जहां लोग भीड़ के कारण वापस लौट रहे हैं। पटना में बुधवार को मात्र 9 सेंटर पर वैक्सीनेशन का काम चला। इसमें PMCH, NMCH, IGIMS, AIIMS, 5 अन्य सेंटर शामिल हैं। 36 सेंटर पर टीकाकरण का काम पूरी तरह से ठप रहा। साथ ही सभी 40 टीका एक्सप्रेस से भी कहीं कोई टीकाकरण नहीं हो सका है।

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