पटना हाई कोर्ट में एनएच निर्माण को लेकर सुनवाई:कई जिलों में धार्मिक स्थल को शिफ्ट करने का निर्देश, NH निर्माण में हो रही दिक्कतें

पटना5 महीने पहले
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पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य में नेशनल हाईवे के निर्माण, विकास और मरम्मती के मामले पर सुनवाई करते हुए विभिन्न नेशनल हाईवे के कार्य प्रगति की समीक्षा की। चीफ जस्टिस संजय करोल व जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ के समक्ष उक्त मामले पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने कोइलवर भोजपुर और भोजपुर बक्सर एन एच सेक्सन पर सुनवाई करते हुए डी एम, भोजपुर को मार्ग में आने वाले पांच धार्मिक स्थलों को शिफ्ट करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने इसे पूरा करने के लिए 28 फरवरी, 2022 तक की मोहलत दी। इन पाँच धार्मिक स्थलों में दो मजार भी हैं, जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। इन्हें स्थानांतरित करने का जिम्मा टी डी बी डी नामक एजेंसी को दिया गया है।अन्य अतिक्रमणों को हटाने के लिए कोर्ट ने भोजपुर जिला प्रशासन को दो सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट को बताया गया कि कोइलवर के समीप सोन नदी के ऊपर पुल बन कर तैयार है, लेकिन अभी तक पहुँच पथ नहीं बनाए जाने के कारण पुल चालू नहीं हो सका है।

एनएचएआई ने कोर्ट को बताया कि पहुंच पथ का निर्माण जून, 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। कोर्ट ने इसके लिए इतना मोहलत देने से इंकार करते हुए एन एच ए आई को अप्रैल, 2022 तक पहुंच पथ पूरा करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने एन एच ए आई के अध्यक्ष को हलफनामा दायर कर बताने को कहा कि सड़कों के निर्माण में बिलम्ब क्यों हो रहा है। एमिकस क्यूरी सह वरीय अधिवक्ता पी के शाही ने कोर्ट को बताया कि बक्सर से 20 किलोमीटर की दूरी पर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे है, इसे बलिया से जोड़े जाने की बात हो रही है। इस मामलें में एन एच ए आई को दो दिनों में हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है।

एक अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग महेशखुट- सहरसा पूर्णियां सेक्सन पर 90 किलोमीटर सड़क दिसम्बर, 2021 में पूरा होना था। इस निर्माण की समय सीमा एन एच ए आई ने दो वर्ष बढ़ा कर दिसम्बर, 2023 कर दिया है, जबकि मात्र बीस फीसदी ही सड़क निर्माण का कार्य पूरा किया गया है। कोर्ट ने इस मामलें पर एन एच ए आई से जवाब तलब करते हुए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।

राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने बताया कि इस मामलें में राज्य के विकास आयुक्त को सभी सम्बंधित अधिकारियों की बैठक कर समस्या का निदान करने को कहा गया है। साथ ही साथ इस बिलम्ब को लेकर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके विरूद्ध कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है। इस मामलें पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जाएगी।