पटना की 4 अदालतों के वकीलों की मांग:हाईकोर्ट के महानिबंधक से मिले, स्पेशल एक्ट के मामलों की सुनवाई उसी कोर्ट में करने की मांग

पटनाएक वर्ष पहले
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वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा - Dainik Bhaskar
वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा

पटना सिटी कोर्ट, दानापुर कोर्ट, मसौढ़ी कोर्ट व पालीगंज से एक्साइज एक्ट, एससी- एसटी एक्ट, उत्पाद, बिजली व एनआई एक्ट आदि से जुड़े मुकदमों को वापस लिए जाने के विरुद्ध वकीलों के एक समूह ने निरीक्षक जज व पटना हाई कोर्ट के महानिबंधक से मिलकर अपनी मांगों को रखा। इस प्रकार के मुकदमों की सुनवाई पटना सिटी कोर्ट व दानापुर कोर्ट आदि में ही किए जाने को लेकर उक्त स्थानों के अधिवक्ता विगत 26 नवंबर, 2021 से अपने को पेशागत कार्य से अलग रखे हुए हैं। इन्होंने धरना पर बैठने का काम भी किया।

इन्हीं सब बातों को लेकर गुरुवार को पटना एडवोकेट्स एसोसिएशन के लाइब्रेरी में एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक आहूत की गई। बैठक को संबोधित करते हुए वर्मा ने कहा कि यह एक अत्यंत ही गंभीर मामला है। पटना हाई कोर्ट प्रशासन और राज्य सरकार के आला अधिकारियों को इस मामले में संज्ञान लेते हुए कोई समाधान निकलना चाहिए। जहां-जहां इस तरह के विशेष कोर्ट हैं, वहीं रहने दिया जाए। नहीं तो वकीलों के साथ ही साथ मुवक्किलों को भी परेशानी पढ़ेगी। इतना ही नहीं, अधिवक्ताओं की आमदनी पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।

वर्मा ने आगे कहा कि यदि कोई शीघ्र समाधान नहीं निकाला जाता है तो अधिवक्ता कानून के दायरे में रहकर आंदोलन का रुख अख्तियार करने को बाध्य हो जाएंगे। अधिवक्ताओं का यह भी कहना था कि लोगों को आसान और सुलभ न्याय देने को लेकर जहां एक ओर अनुमंडल कोर्ट की स्थापना की गई, वही दूसरी ओर अनुमंडल कोर्ट से मुकदमों को वापस लेकर पटना सिविल कोर्ट भेज दिया गया है। पटना सिविल कोर्ट में पहले से ही मुकदमों की बड़ी तादाद है।