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फिजियोथेरेपिस्ट और उनकी पत्नी का ऑडियो:जिम ट्रेनर को ढाई महीने पहले दी थी धमकी, फोन पर दोनों ने एक साथ कहा- अभी आकर मार देंगे हम लोग

पटना4 महीने पहले
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PMCH के ICU में भर्ती विक्रम की हालत अभी भी गंभीर है। - Dainik Bhaskar
PMCH के ICU में भर्ती विक्रम की हालत अभी भी गंभीर है।

'अभी आकर मार देंगे हमलोग...' ये धमकी जिम ट्रेनर विक्रम सिंह को करीब ढाई महीने पहले फोन पर दी गई थी। धमकी देने वाले लोग कोई और नहीं, बल्कि पटना के फेमस फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. राजीव कुमार सिंह और उनकी पत्नी खुशबू सिंह हैं। डॉ. राजीव ने कहा कि... 'ये दो मिनट का काम है मर्डर-फर्डर यार।' दरअसल, जिम ट्रेनर विक्रम सिंह पर हुए जानलेवा हमला मामले में रविवार को दैनिक भास्कर को 2 मिनट 9 सेकेंड का एक ऑडियो मिला है। यह ऑडियो करीब ढाई महीने पुराना बताया गया है।

इस ऑडियो की पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता है, लेकिन यह ऑडियो मोबाइल पर दोनों पक्षों के बीच के बातचीत के दौरान का बताया गया है। इस ऑडियो में एक तरफ डॉ. राजीव कुमार सिंह व उनकी पत्नी खुशबू सिंह, तो दूसरी तरफ जिम ट्रेनर विक्रम और उनका परिवार है।

सूत्रों के जरिए हाथ आए इस ऑडियो को हम आपको नहीं सुना सकते हैं। क्योंकि, ऑडियो में खुशबू सिंह मर्दों की तरह बेधड़क गालियां दे रही हैं। ऑडियो की शुरुआत ही गाली-गलौज के साथ हो रही है। खुशबू सिंह जिम ट्रेनर और उनकी मां-पिता के बारे में गंदी बातें कह रही हैं। बीच में डॉ. राजीव अपनी पत्नी को रोकने की कोशिश करते हैं। वो कहते हैं कि - 'इतना सब बात बोलने की जरूरत ही नहीं है न। ऐसी बात नहीं बोलना है। गाली-गलौज नहीं करना है।' फिर भी खुशबू सिंह रूक नहीं रही हैं। फोन पर वो लगातार अपशब्दों का इस्तेमाल करती चली गईं। इतना तक कह गईं कि... 'हमको नहीं जानता है, गोलिये मरवा देंगे।' उसी बीच डॉक्टर साहब कह रहे हैं कि... 'अभी नहीं पड़े थे इन सब चीजों में, अगर पड़ जाऊंगा तो बड़ी दिक्कत हो जाएगी।'

डॉ. राजीव और उनकी पत्नी खुशबू सिंह की फाइल फोटो।
डॉ. राजीव और उनकी पत्नी खुशबू सिंह की फाइल फोटो।

कैमरा देखिए, कितने बजे रात में आई है

गाली-गलौज के बीच विक्रम, डॉक्टर से कह रहा है कि - 'यहां गली में आई। कैमरा देखिए। कितने बजे रात में गली में आई है। यहां रिकॉर्डिंग है। CCTV कैमरा लगा हुआ है। वीडियो देखने पर साफ हो जाएगा कि कौन...कितने... बजे यहां क्या करने आती थी?' फिर विक्रम की मां ने कहा - '1-1 बजे रात में आती थी। गाड़ी में हमरे बेटा को ले जाने के लिए। अब मगरमच्छ के आंसू बहा रही है।'

हर तरफ से करती थी मेंटली टॉर्चर

करीबियों के अनुसार दोनों के बीच 3 साल से दोस्ती और जान-पहचान थी। घायल जिम ट्रेनर विक्रम सिंह से जुड़े लोगों का दावा है कि खुशबू सिंह कई तरह से उसे परेशान करती थीं। उसे मेंटली टॉर्चर करती थीं। इसे परेशान करने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर फर्जी नाम और फेक आईडी का सहारा भी लिया। इसके जरिए कमेंट में हमेशा गंदी बातें लिखती थीं। अपशब्द कहे जाते थे। इसके अलावा अकसर वो अशोक राजपथ पर पटना मार्केट के 'द जिम सिटी' पहुंच जाया करती थीं। विक्रम को बदनाम करने की हर कोशिश उनकी तरफ से की जाती थी।

अशोक राजपथ पर पटना मार्केट के पास 'द जिम सिटी'।
अशोक राजपथ पर पटना मार्केट के पास 'द जिम सिटी'।

ब्लेड से किया था वार, लगे थे 14 टांके

ताजा गोलीकांड से पहले भी विक्रम के ऊपर कुछ महीने पहले एक जानलेवा हमला हुआ था। उसके ऊपर ब्लेड से वार किया गया था। इस कारण कंधे के पास का हिस्सा काफी कट गया था। उस वक्त उसे 14 टांके लगे थे। करीबियों की मानें तो उस घटना के दौरान विक्रम कुछ बोल नहीं रहा था, लेकिन जब एक दिन अचानक खुशबू उसके घर आई और हंगामा करने लगी, तब जाकर विक्रम ने अपनी चुप्पी तोड़ी। फिर बताया कि खुशबू ने ही उसके शरीर पर ब्लेड से वार किया था। उसे जान से मारने की कोशिश की थी।

विक्रम के जीजा संजीव कुमार सिंह ने इसी साल 7 मई को गूगल पे के जरिए डॉ. राजीव को 39 हजार रुपए भेजे थे।
विक्रम के जीजा संजीव कुमार सिंह ने इसी साल 7 मई को गूगल पे के जरिए डॉ. राजीव को 39 हजार रुपए भेजे थे।

जीजा ने कर दिया था ऑनलाइन पेमेंट

घायल विक्रम ने शनिवार को पुलिस को दिए अपने बयान में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. राजीव और उनकी पत्नी खुशबू सिंह का जैसे ही नाम लिया, उसके बाद इन दोनों को पटना पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था। दिन से लेकर देर शाम तक पाटलिपुत्रा थाना में दोनों से पूछताछ की गई थी। उस बीच इन दोनों ने पुलिस को बहुत घुमाया। सीधे तौर पर कहा है कि विक्रम से रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था। मगर, सूत्र के जरिए दैनिक भास्कर को ऑनलाइन पेमेंट किए जाने का ठोस सबूत हाथ लगा है।

दोनों के बीच 60 हजार रुपए के लेन-देन का विवाद भी था। विक्रम के जीजा संजीव कुमार सिंह ने इसी साल 7 मई को शाम में 5 बजकर 14 मिनट पर अपने गूगल पे अकाउंट के जरिए 39 हजार रुपए भेजा था। एक बार में 20 हजार तो दूसरी बार में 19 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे, जो सीधे साईं हेल्थ केयर वेलनेस सेंटर के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे। बाकी रुपए कैश में दे दिए गए थे, इसलिए सूत्रों का दावा है कि इस कांड के पीछे रुपया का कोई विवाद है ही नहीं। ये बातें सिर्फ पुलिस को भ्रम में डालने के लिए की गई हैं।

पुलिस ने तीन संदिग्धों को कब्जे में लिया

घायल विक्रम की हालत अभी भी गंभीर है। वो PMCH के ICU में है। गोली की वजह से उसकी आंत फट गई है। हालांकि, डॉक्टर की टीम लगातार उसके हालात पर नजर बनाए हुए है। दूसरी तरफ, पटना पुलिस की टीम इस कांड की जांच में लगातार जुटी हुई है। पुलिस ने आज तीन संदिग्धों को अपने कब्जे में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। शायद इनका कनेक्शन पर्दे के पीछे से खेल खेलने वालों से हो। वहीं, ASP टाउन आज विक्रम के पास गए थे। कुछ सवाल भी विक्रम से पूछे। पुलिस यह भी पड़ताल करने में जुटी है कि डॉक्टर और उनकी पत्नी के अलावा विक्रम का कभी किसी और से विवाद तो नहीं हुआ था? हालांकि, विक्रम और उसके परिवार का इशारा शुरुआत से ही राजीव कुमार सिंह और उनकी पत्नी खुशबू सिंह की तरफ है।

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