पलक झपकते घर से मासूम गायब:नाला से बरामद हुआ मासूम का शव, इकलौते बेटे की मौत से घर में मचा कोहराम, मासूम की मौत से गहराया रहस्य

पटनाएक महीने पहले
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आदर्श कुमार की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
आदर्श कुमार की फाइल फोटो।

दीघा थाना क्षेत्र के पंचवटी कॉलानी से मंगलवार की शाम जिस मासूम के अपहरण की आशंका जताई जा रही थी उसका शव बुधवार की शाम नाला से मिला है। 2 साल के मासूम का शव मिलने के बाद रहस्य और गहरा गया है। पलक झपकते ही मासूम गायब हुआ और घर के पीछे नाला तक कैसे पहुंच गया बड़ा सवाल है। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां बाप का हाल बेहाल है। परिवार वालों का आरोप है यह घटना सामान्य नहीं है। हालांकि ऐसे आरोपों को लेकर पुलिस शव जांच पड़ताल कराने में जुटी है। अब तक की जांच में पुलिस इसे डूबने से मौत बता रही है।

मां बाप का इकलौता था आदर्श
2 साल का आदर्श दीघा थाना क्षेत्र के पंचवटी कॉलोनी निवासी संजीत और कोमल का इकलौता बेटा था। वह मंगलवार की शाम 7 बजे अपने चाचा के साथ दुर्गा पूजा घूमने के लिए तैयार हुआ था। इस दौरान पलक झपकते ही वह गायब हाे गया था। परिवार वालों ने पूरी रात तलाश की लेकिन मासूम का कोई सुराग ही नहीं लगा। आस पास के सीसी टीवी कैमरे के साथ पूरा इलाका खंगाल लिया लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।

बुधवार की शाम मासूम का शव घर के पीछे नाला से बरामद हुआ है, जहां कल तलाश करने के बाद भी मासूम नहीं मिला था। अब सवाल यह है कि आखिर मासूम कहां से नाला में पहुंच गया। जब उसके गायब होते ही पूरा परिवार तलाश में जुट गया तो वह कैसे नाला में पहुंच गया। घर वालों का आरोप है कि कोई न कोई इस घटना में शामिल है। वह पुलिस से मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। उसके पिता संजीत कुमार का कहना है- 'मंगलवार शाम वह अपने चाचा के साथ दुर्गापूजा देखने के लिए तैयार हुआ था। वह घर के बाहर ही था और उसके चाचा तैयारी कर रहे थे। इस बीच घर के बाहर से ही वह पलक झपकते गायब हो गया। इसके बाद आसपास के इलाकों को एक घंटे में छान लिया गया, लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई।

परिवार ने जताई थी पहले अपहरण की आशंका
गायब मासूम के पिता संजीत ने अपहरण की आशंका जताई थी। मासूम घर से दूर कहीं जाता भी नहीं था। अचानक ऐसा कैसे हो सकता है, वह खुद नहीं समझ पा रहे हैं। पूरा परिवार अपहरण की आशंका को लेकर परेशान था। संजीत का कहना है- 'किसी से दुश्मनी नहीं है। जब आसपास तलाश कर परिवार वाले थक गए, तब पुलिस को फोन किया था।'

दुर्गापूजा में कहीं बच्चा चोर तो नहीं
इस घटना को लेकर तरह-तरह की आशंका जताई जा रही थी। दुर्गापूजा या भीड़ भाड़ वाले समय में बच्चा चोरों का नेटवर्क एक्टिव हो जाता है। इस कारण इस एंगल पर भी पुलिस की जांच-पड़ताल चल रही थी। पुलिस का कहना है कि कोई भी एंगल जांच में छोड़ा नहीं जा रहा है। हर तरह से छानबीन की जा रही है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस का कहना है कि भीड़-भाड़ वाले समय में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सावधान रहने की जरूरत है।

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