क्यू शेल्टर की सुरक्षा हुई नहीं अब IPT की तैयारी:पटना में 14.25 करोड़ की लागत से बनाए गए स्टैंड में से 50 प्रतिशत गायब, अब 10 इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट स्टैंड बनाए जाएंगे

पटना4 महीने पहले
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पटना में ऐसा होगा इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट स्टैंड। - Dainik Bhaskar
पटना में ऐसा होगा इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट स्टैंड।

पटना में स्टैंड की सुरक्षा को लेकर कोई योजना नहीं है। हर साल नए मोटे बजट के साथ प्लान तैयार कर लिए जाते हैं। नतीजा पैसा पानी की तरह बह जाता है और जनता को लाभ भी नहीं मिल पाता है। निगम स्मार्ट सिटी के तहत फिर ऐसी ही तैयारी में जुटा है। स्मार्ट सिटी के तहत शहर में ढाई करोड़ की लागत से 10 स्थानों पर IPT स्टैंड बनाने की तैयारी है, जबकि 2018 में 14.25 करोड़ की लागत से बनाए गए स्टैंड फेल हो गए हैं।

निगम की यह है तैयारी

निगम का कहना है कि पटना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरी यातायात व्यवस्था को लेकर 10 स्थानों पर IPT स्टैंड बनाने की तैयारी है, जो अगस्त माह में पूरा हो जाएगा। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 9 स्थानों पर इंटरमीडियेट पब्लिक ट्रांसपोर्ट (IPT) स्टैंड निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। मिशन के अंतर्गत कुल 10 स्थलों पर IPT स्टैंड अगस्त माह तक तैयार कर लिए जाएंगे।

यह है निगम का प्लान

ऑटो, रिक्शा, ई-रिक्शा, वैन, मिनी बस, सिटी बस आदि मध्यवर्ती सार्वजनिक परिवहन (IPT) की श्रेणी में आते हैं। शहर के एक हिस्से को दूसरे हिस्से से जोड़ने वाले अथवा शहर के एक हिस्से को परिवहन के मुख्य साधन जैसे रेलवे, बस, जहाज, हवाई जहाज, मेट्रो आदि से जोड़ने वाले वाहन मध्यवर्ती सार्वजनिक परिवहन (IPT) कहे जाते हैं। पटना शहर के विस्तार के साथ-साथ बीते वर्षों में रिक्शा, ऑटो आदि की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

दावा है सड़क पर खत्म होगा अतिक्रमण

निगम का कहना है कि अक्सर इन वाहन के चालकों द्वारा सड़क पर यत्र-तत्र वाहन रोक कर यात्रियों को सवार किया जाता है एवं उतारा जाता है। इस तरह सड़क पर यातायात व्यवस्था बाधित होती है एवं दुर्घटना की स्थिति भी बनी रहती है। ऐसे में इन वाहनों के लिए सड़क पर एक तय स्थान सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे सड़क पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।

इन स्थलों पर IPT स्टैंड बनाने की तैयारी

  • जीपीओ गोलंबर (आ-ब्लाक ब्रिज के नीचे)
  • चिरैयाटांड ब्रिज (पिलर संख्या 43 के पास)
  • बिहार इंटरमीडियेट काउंसिल-1
  • बिहार इंटरमीडियेट काउंसिल-2
  • तारामंडल
  • गार्डिनर अस्पताल (वीरचंड रोड पर)
  • बांस घाट
  • डीएम आवास (पीर अली पार्क के पास)
  • गांधी मैदान गेट संख्या 5
  • जमाल रोड (पिलर संख्या 22 के पास)

इन सुविधाओं का किया जा रहा दावा

निगम का कहना है कि IPT स्टैंड निर्माण कार्य पूर्ण होते ही ऑटो-रिक्शा चालकों द्वारा यहां-वहां वाहन रोक कर सवारी बैठाने-उतारने की हरकत पर लगाम लगेगा। जिन सड़कों पर IPT स्टैंड होंगे, कम से कम उन सड़कों पर चलने वाले राहगीरों को सहूलियत होगी। साथ ही अन्य वाहनों का भी सुगम परिचालन सुनिश्चित होगा। परियोजना पूर्ण होने पर ऑटो, ई-रिक्शा, सिटी बस आदि का इंतजार करते वक्त आमजन को शेड एवं बैठने की सुविधा भी मिलेगी। पटना स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत बन रहे IPT स्टैंड पर स्टेनलेस स्टील के डस्टबिन, सार्वजनिक बस के आवागमन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विशेष डिसप्ले बोर्ड, विज्ञापन के लिए LED स्क्रीन होंगे। साथ ही भविष्य में वाई-फाई एवं CCTV कैमरे लगाने की तैयारी है।

हर बार ऐसा ही प्लान, सुरक्षा के अभाव में होते हैं फेल

पटना में स्टैंड को लेकर जितने भी प्लान बने कोई, सफल नहीं हुए। स्टैंड पर डस्टबिन ही नहीं, LED स्क्रीन से लेकर यात्रि सुविधाओं के सभी सामान गायब हो गए। कई स्टैंड तो अवैध कब्जे के शिकार हो गए। सुरक्षा की तैयारी के बिना जितनी भी योजना बनी, सब फेल हो गई। पटना में 208 स्थानों पर क्यू शेल्टर बनाने की योजना थी। प्लानिंग 208 स्थानों पर प्रोजेक्ट के लिए 20 करोड़ का बजट था, लेकिन 14.2 करोड़ की लागत से मात्र 121 स्थानों पर स्टैंड बनाया गया, जो सुरक्षा के अभाव में पूरी तरह से फेल हो गया। 121 में 50% ही स्टैंड सही-सलामत होंग। ऐसे में निगम के प्लान की सफलता भी बिना सुरक्षा के संभव नहीं।

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