पटना विवि ने कंपनियों से मांगा सहयोग:इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए मांगी मदद, B.Ed की फीस राज्य सरकार द्वारा निर्धारित फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक होगी

पटना6 दिन पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।

पटना विवि के सिंडिकेट की गुरुवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि पीयू में बीएड की फीस राज्य सरकार द्वारा निर्धारित फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक होगी। विश्वविद्यालय के अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के कार्यों को पूरा करने के लिए विवि से जुड़े लोगों से संपर्क करने की बात पर चर्चा हुई। कुलपति प्रो. गिरीश कुमार चौधरी ने सिंडिकेट सदस्यों को बताया कि विश्वविद्यालय ने कई बड़ी कंपनियों से अनुरोध किया है कि वे विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना विकसित करने में सीएसआर के तहत मदद करने को आगे आएं। इसके तहत बीपीसीएल से विश्वविद्यालय ने कंप्यूटिंग सेंटर विकसित करने का अनुरोध किया है।

अपील : सीएसआर के तहत मदद करने को आगे आएं देश की नामी कंपनियां

साथ ही टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी के जीएम भी पटना विश्वविद्यालय के अनुषद के आजीवन सदस्य हैं। इसलिए टाटा से भी अनुरोध किया गया है कि पटना विश्वविद्यालय के आधारभूत संरचना के विकास में अपनी कंपनी के सीएसआर मद के माध्यम से मदद करें। वहीं अगले वित्तीय वर्ष से शोध के लिए विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय स्तर पर 2 करोड़ आंतरिक स्रोत से व्यवस्था की गई है जो माइनर शोध प्रोजेक्ट के लिए शिक्षकों को दी जाएगी। सिंडिकेट की बैठक में पटना विवि के वर्ष 2022-23 के बजट को भी पारित किया गया।

बैठक में पटना विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो अजय कुमार सिंह के साथ छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, कुलानुशासक प्रो. रजनीश कुमार, कुलसचिव कर्नल कामेश कुमार, नवीन कुमार आर्य, प्रो एसबी लाल, पप्पू वर्मा, डॉ शरीफ, डॉ अभय कुमार, डॉ बीना कुमारी भी मौजूद रहे।

पीयू के पीजी में नामांकन की प्रक्रिया 16 से शुरू होगी

पीयू में स्नातकोत्तर स्तर के सामान्य पाठ्यक्रमों में नामांकन की प्रक्रिया 16 जनवरी से शुरू हो रही है। आवेदन की तिथि 8 जनवरी को ही समाप्त हो चुकी है। अब मेरिट में आने वाले छात्रों को विवि की वेबसाइट से आवंटन पत्र प्राप्त कर विभाग में जाकर नामांकन लेना होगा।

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