• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • People Said In An Outspoken Manner Brother, Women May Become Candidates But Don't Fight For Elections! Ut Pardanshi Bari, Ask For Votes A Little Bit

महिलाओं की सीट, पति लड़ रहे असली चुनाव:लोगों ने बेबाक अंदाज में कहा- भईया, महिला भले प्रत्याशी बनल बाड़ी लेकिन चुनाव त पतिए लड़िहें न! उ त पर्दानशीं बाड़ीं

पटना/नौघरा (कैमूर)19 दिन पहलेलेखक: अतुल उपाध्याय
  • कॉपी लिंक
पोस्टरों पर भी पति की ही तस्वीर...महिला सिर्फ नाम कीे उम्मीदवार। - Dainik Bhaskar
पोस्टरों पर भी पति की ही तस्वीर...महिला सिर्फ नाम कीे उम्मीदवार।

बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो.जमा खान के गांव नौघरा में पंचायत चुनाव की तस्वीर बहुत दिलचस्प है। उदयरामपुर पंचायत के इस गांव (नौघरा) में सबकुछ पर्दे के पीछे से चल रहा है। पंचायत महिलाओं के लिए आरक्षित है और चुनाव लड़ रहे हैं पुरुष। गांव के वार्ड नंबर 1 में मंत्री का घर है और आसपास उनके गोतिया-दयाद ही बसे हैं। लेकिन गांव में घुसते ही कहीं से भी इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि पंचायत चुनाव में यह इलाका महिलाओं के लिए आरक्षित है।

जिससे भी पूछिए कि इस इलाके में मुखिया के कितने और कौन-कौन प्रत्याशी हैं, वह प्रत्याशियों के तौर पर पुरुषों का नाम लेना शुरू कर देगा-इमरान खान, मसीहूद्दीन खान, हीरा डॉक्टर, बलि यादव, निठोहर राय ...। पोस्टर भी इनके ही चिपके हैं। जनप्रतिनिधि के अंदाज में हाथ जोड़े तस्वीर। दरअसल पोस्टर में जिनकी तस्वीर चस्पां है, वे प्रत्याशी नहीं बल्कि प्रत्याशियों के पति हैं।

वोटर भी प्रत्याशी के नाम पुरुष ही बताते हैं

प्रत्याशी महिला और पोस्टरों पर तस्वीर पुरुष की क्यों? इसके जवाब में लोग बेबाक बोलते हैं-’भईया, महिला भले प्रत्याशी बनल बाड़ी लेकिन चुनाव त पतिए लड़िहें न! उ त पर्दानशीं बाड़ीं, वोट मांगे थोड़े जइहें। कमवा त सब पतिए के करे के न बा।’ महिला प्रत्याशी घूमती है लेकिन रात में। उहो अपने ही गांव में, दूसरे गांव में ना। पर्दा भी कोई चीज ह न।’