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श्रमिकों की वापसी को देख तैयारियां शुरू:संभावित लॉकडाउन की आशंका देख लौटने लगे लोग, सोम-मंगल से चालू होगा टोल-फ्री नंबर;हालात पिछली बार जैसे नहीं जरूरत पड़ी तो फिर बनेंगे क्वारेंटाइन सेंटर

पटना20 दिन पहले
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शुक्रवार की भोर में लोकमान्य तिलक टर्मिनस टिकट खिड़की पर लंबी लाइन। - Dainik Bhaskar
शुक्रवार की भोर में लोकमान्य तिलक टर्मिनस टिकट खिड़की पर लंबी लाइन।

अचानक तेजी से बढ़ते कोरोना और लॉकडाउन के संभावित खतरे को देखते हुए महानगरों से बिहारी कामगारों की घर वापसी शुरू है। इस क्रम में तत्काल मुंबई से अफरातफरी का माहौल सामने आया। लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर कामगारों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। लॉकडाउन लगने की डर से घर पहुंचने को बेताब बिहार-उत्तरप्रदेश के इन कामगारों को ट्रेन में जगह नहीं मिल रही थी। कोरोना से जुड़े हालात नहीं सुधरे, तो जाहिर है ऐसी नौबत के दायरे में बाकी महानगर भी आएंगे। मगर, रेलवे ने अभी तक पिछली बार की तरह श्रमिक स्पेशल या अतिरिक्त ट्रेन चलाने की योजना नहीं बनाई है।

हालांकि, बिहार सरकार अलर्ट है। श्रम संसाधन विभाग ने टोल फ्री नंबर के लिए बीएसएनएल को आवेदन दिया है। यह सोमवार या मंगलवार से चालू हो जाएगा। मंत्री जिवेश कुमार ने कहा- ‘दिल्ली में मजदूरों के लिए दिए गए नंबर पर कॉल नहीं आ रहे हैं। फिलहाल पैनिक की स्थिति नहीं है।’ एक वरीय अधिकारी के मुताबिक जरूरत पड़ी तो पिछली बार की तरह जगह-जगह क्वारेंटाइन सेंटर बनेंगे; वहां बाहर से आने वालों को रखा जाएगा। बिहार फाउंडेशन के सीईओ आरएस श्रीवास्तव ने कहा कि हमलोग हालात पर नजर रखे हुए हैं। फाउंडेशन के सभी 12 चैप्टर के वॉलिंटिर अलर्ट मोड में हैं। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने बताया कि अभी पिछली बार जैसी स्थिति नहीं है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अभी तक कहीं से पलायन की सूचना नहीं है।

अभी श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना नहीं : रेलवे
पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने कहा कि अभी सभी रेगुलर ट्रेनें चल रही हैं। पिछली बार की परिस्थिति दूसरी थी। मुंबई से पटना के लिए चार ट्रेनें हैं। भागलपुर, मुजफ्फरपुर से भी अहमदाबाद आदि शहरों के लिए ट्रेनें चल रही हैं। अभी अतिरिक्त ट्रेन के लिए कोई स्कोप नहीं दिख रहा है। वैसे वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा के बाद आवश्यकतानुसार कुछ स्पेशल ट्रेनों को चलाने का प्रयास होगा।

पहली लहर : 30 लाख से अधिक लोग लाए गए, चली थीं 1584 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें

  • 21 लाख लोगों के खाते में एक-एक हजार रुपये भेजे गए। दिल्ली स्थत बिहार भवन के नियंत्रण कक्ष द्वारा 15,08064 लोगों की समस्याओं पर कार्रवाई की गई। नियंत्रण कक्ष में प्रवासियों द्वारा फोन कॉल, ह्वाट्सएप, गुगलडॉक और अन्य संपर्क प्रणालियों से 89000 सूचनाएं मिलीं। इन पर कार्रवाई हुई
  • आपदा विभाग के मुताबिक करीब 15 लाख लोग क्वारेंटाइन किए गए और प्रत्येक व्यक्ति पर 5000 से 5300 रुपये खर्च किये गये। इसमें जरुरतमदों के रेलवे टिकट का खर्च और 500 रुपये अतिरिक्त सहाय्य राशि भी शामिल रहा।

कोरोना की पहली लहर के कारण हुए लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी बिहारी श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए 1 मई 2020 से स्थिति सामान्य होने तक कुल 1584 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलीं। इससे कुल 22,86,300 श्रमिक आए।

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