पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

निर्देश:जीएसटी में निबंधन कराने वालों का पांच दिनों में किया जाएगा भौतिक सत्यापन

पटनाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • फर्जी बिल व सर्कुलर ट्रेडिंग के मामले में लगाई गई 1223.96 करोड़ की पेनाल्टी
Advertisement
Advertisement

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अब बिहार में जीएसटी के तहत निबंधन कराने वाले कारोबारियों का 5 दिन के अंदर भौतिक सत्यापन  किया जाएगा। इसकी प्रमंडल स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। एक जुलाई से पहले निबंधन कराने वालों का भी समय-समय पर अभियान चलाकर सत्यापन किया जाएगा। प्रतिदिन लगभग 300 आवेदन निबंधन के लिए प्राप्त हो रहे हैं, जिन्हें प्रावधान के अनुसार 3 दिन में निबंधित करना है। वह शनिवार को जीएसटी सप्ताह के मौके पर मुख्य सचिवालय स्थित सभागार से पूरे बिहार के वाणिज्य कर अंचलों के पदाधिकारियों व उद्योग-व्यापार से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे।

लॉकडाउन में भी फर्जी निबंधन

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गत दिनों 5,626 निबंधित कारोबारियों के परिसरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 752 फर्जी पाए गए। इनमें पटना के ही 160 थे, जिन्हाेंने मुख्य रूप से आयरन एंड स्टील, कोयला व स्क्रैप आदि के कारोबार के लिए निबंधन कराया था। लॉकडाउन के दौरान जब सारे कारोबार ठप थे, तब भी 55 लोगों ने फर्जी निबंधन करा लिया। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत फर्जी बिल व सर्कुलर ट्रेडिंग के मामले में वर्ष 2018-19 में 148 करोड़ का अर्थदंड लगाया गया, जबकि वर्ष 2019-20 में 378 ऐसे मामलों में निरीक्षण के बाद 1075.96 करोड़ की पेनाल्टी लगाई गई। सर्कुलर ट्रेडिंग के 113 मामलों में 2611.28 करोड़ का ई-वे बिल के जरिए अन्य राज्यों से माल मंगाने की व्यापक जांच कराई जा रही है।

छह माह से रिटर्न नहीं दाखिल करने वाले 37305 कारोबारियों का निबंधन रद्द 

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि छह माह से ज्यादा अवधि से जिन लोगों ने जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया है, वैसे 48,502 करदाताओं को चिह्नित कर उनमें से 37,305 का निबंधन रद्द कर दिया गया है। वहीं 10 माह से विवरणी दाखिल नहीं करने वाले 17,326 के निबंधन रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है।

कोरोना काल में पहली जुलाई, 2017 से 31 जनवरी, 2020 तक विवरणी दाखिल नहीं करने वाले को राहत दी गई है। ऐसे करदाता यदि 30 सितंबर, 2020 तक विवरणी दाखिल कर देते हैं तो शून्य करदेयता वालों का विलंब शुल्क माफ कर दिया जाएगा तथा अन्य को प्रति विवरणी 10 हजार विलंब शुल्क की जगह केवल 5 हजार रुपए देना होगा। शून्य कर वाले एसएमएस के जरिए अपनी विवरणी दाखिल कर सकेंगे। वीसी पर वाणिज्य कर विभाग की प्रधान सचिव सह आयुक्त डॉ. एस प्रतिमा प्रसाद, सीजीएसटी आयुक्त यशोधन वांगे, विशेष सचिव अरुण कुमार मिश्रा, पीके अग्रवाल आदि भी थे।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर कोई विवादित भूमि संबंधी परेशानी चल रही है, तो आज किसी की मध्यस्थता द्वारा हल मिलने की पूरी संभावना है। अपने व्यवहार को सकारात्मक व सहयोगात्मक बनाकर रखें। परिवार व समाज में आपकी मान प्रतिष...

और पढ़ें

Advertisement