ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर जड़ा ताला:पीएमसीएच: जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन जारी

पटना2 महीने पहले
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पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार लगातार दूसरे दिन शुक्रवार काे भी जारी रहा। इससे चिकित्सकीय व्यवस्था चरमरा गई है। जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी के रजिस्ट्रेशन काउंटर के गेट में ताला लगा दिया था। इससे 1400 से अधिक मरीजों को बगैर दिखाए लौटना पड़ा। जाे मरीज गुरुवार को नहीं दिखा पाए थे वे शुक्रवार को दिखाने के लिए रुक गए थे। लेकिन, शुक्रवार को भी नहीं दिखा सके। कुछ देर तक काउंटर खुला फिर बंद करा दिया गया।

जूनियर डाॅॅक्टर एसाेसिएशन का दावा है कि छोटे-बड़े 15 से अधिक आॅपरेशन नहीं हाे सके। वहीं एनेस्थेसिया विभाग के हेड डॉ. विनोद कश्यप ने कहा कि प्रस्तावित सभी आॅपरेशन हुए हैं। प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी ने कहा कि सीनियर डॉक्टराें को तैनात किया गया है। ओपीडी में 945 और इंडोर में 455 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इस बीच, अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी चलाने के लिए सिविल सर्जन से 20 डॉक्टर मांगे हैं।

सिविल सर्जन ने 20 डॉक्टरों को तुरंत पीएमसीएच में कार्यभार संभालने का आदेश दिया है। उधर, जेडीए और प्राचार्य के बीच वार्ता भी विफल हो गई। बुधवार की रात इमरजेंसी में एक मरीज की मौत के बाद परिजनाें और जूनियर डॉक्टराें में मारपीट हुई थी। इसके बाद से जूनियर डॉक्टर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।

जेडीए ने कहा-तैनात हाें सशस्त्र सुरक्षा गार्ड
प्राचार्य के साथ बैठक में जेडीए ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। हर इमरजेंसी में कम से कम 10 सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने काे कहा। मरीजाें और परिजनाें के लिए गेट पास जारी करने की मांग की। कहा-डॉक्टर डर के साएं मरीज का इलाज नहीं कर सकते हैं। प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी ने कहा कि सशस्त्र गार्ड के लिए एसपी और डीएसपी को लिखा जा रहा है। जेडीए के डॉ. कुंदन सुमन ने कहा कि जबतक हमारी सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जाएगी, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।

मरीज के परिजन बोले
मोतिहारी से विनय कुमार गुप्ता पत्नी और बच्चे को ओपीडी में दिखाने आए थे। पत्नी को कान में तकलीफ है। विनय कहते हैं-मोतिहारी से पटना आने-जाने में दो हजार रुपए खर्च हो गए और यहां आने पर पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। अब लगता है रुकना पड़ेगा। पर क्या भरोसा शनिवार को भी दिखा पाएंगे या नहीं।

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