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जेपी की जयंती पर नागालैंड से बिहार तक सियासत:अमित शाह जाएंगे सिताबदियारा; नीतीश पहले नागालैंड फिर पटना में सुनाएंगे जेपी की कहानी

पटना2 महीने पहले

संपूर्ण क्रांति के प्रणेता जयप्रकाश नारायण को लेकर देश में बड़ी सियासत हो रही है। जेपी की जयंती के दिन एक तरफ बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जेपी के गांव पहुंचेंगे। तो वहीं दूसरी तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेपी के कर्म क्षेत्र नागालैंड में उनकी जयंती मनाएंगे और उसके बाद तुरंत ही बिहार आकर अपनी जुबानी जेपी की कहानी कार्यक्रम को करेंगे। जो बड़े स्तर पर पटना के बापू सभागार में आयोजित किया जा रहा है।

जेपी पर हक की प्रतिस्पर्धा
दरअसल, लोकनायक जयप्रकाश नारायण पर हक और अधिकार जताने की सियासत चल रही है और इसी को लेकर बीजेपी और जेडीयू में प्रतिस्पर्धा है। जहां बीजेपी अमित शाह को लेकर जेपी के गांव सिताबदियारा में एक कार्यक्रम कर रही है तो वहीं 11 अक्टूबर को ही जेडीयू नागालैंड से लेकर पटना तक में दो कार्यक्रम कर रही है।

दोनों कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपस्थित रहेंगे। बताया जा रहा है कि जेडीयू इन दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश देना चाहती है कि नीतीश कुमार जेपी के असली वाले अनुयायी है और उनके नक्शे कदम पर चलकर उन्होंने बिहार में काम किया है।

अपनी जुबानी नीतीश बताएंगे जेपी की कहानी
नीतीश कुमार 11 अक्टूबर पहले नागालैंड जाएंगे जहां जेपी की जयंती मनाई जाएगी। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि जब नागालैंड अशांत था तो जेपी वहां गए थे। 6 महीने तक प्रयास किए, सीजफायर करवाया और उसके बाद 3 साल तक वहीं रह गए। गांव-गांव जाकर उन्होंने भ्रमण किया। नागालैंड में घर-घर में उनकी पूजा होती है। इसलिए हम लोग जेपी जयंती के मौके पर नागालैंड जा रहे हैं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उसी दिन पटना आ रहे है पटना के बापू सभागार में जेपी की कहानी नीतीश की जुबानी कार्यक्रम में भाग लेंगे और बताएंगे कि उनके और जेपी के रिश्ते कैसे थे।

जेपी को आदर्श मान काम करती है भाजपा- प्रवक्ता
वहीं, बीजेपी के प्रवक्ता संतोष पाठक बताते हैं कि जेपी पर पहला हक बीजेपी का है क्योंकि बीजेपी ने जेपी के सपनों को पूरा किया है। जेपी के बताए रास्तों पर भाजपा काम करती है जहां भी भाजपा की सरकार है, वहां जेपी को आदर्श मानकर ही काम किया जाता है। उनके बताए रास्ते पर चला जाता है।

संतोष पाठक यह भी कहते हैं जो लोग जेपी के होने का दावा करते हैं। सबसे ज्यादा उन्होंने जेपी के सपनों को तोड़ा है। आज वह कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं। जबकि जयप्रकाश नारायण ने उनके खिलाफ संपूर्ण क्रांति छेड़ी थी।

2001 में जयप्रकाश नारायण को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया था।
2001 में जयप्रकाश नारायण को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया था।

मणिपुर में JDU टूटने के बाद नीतीश का पहला दौरा
अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नागालैंड में जेडीयू का बेहतर प्रदर्शन रहा है। ऐसे में नीतीश कुमार और ललन सिंह का नागालैंड में जेपी का जयंती मनाना, आने वाले चुनाव के मद्देनजर देखा जा रहा है। हालांकि अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में जेडीयू के टूटने के बाद नीतीश कुमार का यह पहला दौरा होगा। 2023 में नागालैंड में विधानसभा चुनाव होना है। पिछली बार नागालैंड में जेडीयू ने 1 सीट जीती थी। हालांकि बाद में जेडीयू के विधायक ने अपना पाला बदल लिया था।

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जब से बिहार की सत्ता से बीजेपी अलग हुई है तब से ही बीजेपी एक्शन मोड में है। खास तौर पर बीजेपी के केंद्रीय नेता बिहार को लेकर कुछ ज्यादा ही गंभीर हो गए हैं। तभी तो 20 दिन के अंदर गृहमंत्री अमित शाह का दूसरा कार्यक्रम बिहार में होने जा रहा है। दरअसल, अमित शाह स्वतंत्रता सेनानी और संपूर्ण क्रांति के प्रणेता जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर 11 अक्टूबर को छपरा के सिताबदियारा आ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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