कोरोना इफेक्ट:बिजली दर में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर वर्चुअल जनसुनवाई की तैयारी

पटना20 दिन पहले
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13 जनवरी से होनी है जनसुनवाई, 1 अप्रैल से लागू होगा फैसला - Dainik Bhaskar
13 जनवरी से होनी है जनसुनवाई, 1 अप्रैल से लागू होगा फैसला

कोरोना संक्रमण को देखते हुए बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग बिजली दर में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर वर्चुअल जनसुनवाई की तैयारी कर रहा है। उपभोक्ताओं और बिजली कंपनी का पक्ष सुनने के बाद आयोग फैसला देता है। यह फैसला 1 अप्रैल से 31 मार्च तक लागू रहता है। विनियामक आयोग के अधिकारियों के मुताबिक 13 जनवरी से जनसुनवाई शुरू होनी है। 13 जनवरी को भभुआ, 21 जनवरी को पूर्णिया, 28 जनवरी को बेतिया, 3 फरवरी को भागलपुर और 11 फरवरी को पटना में जनसुनवाई की तारीख निर्धारित की गयी है।

लेकिन, गृह विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के आलोक में बिजली उपभोक्ताओं की फिजिकल उपस्थिति सुनिश्चित कराने में परेशानी है। कारण, जनसुनवाई में कितने बिजली उपभोक्ता शामिल होंगे। इसकी संख्या पहले से निर्धारित नहीं होती है। जनसुनवाई में भाग लेने वाले सभी बिजली उपभोक्ताओं की बात आयोग के अध्यक्ष और दोनों सदस्यों के द्वारा विस्तार से सुनी जाती है। ऐसे में सरकार के निर्देश के आलोक में 50 की संख्या रखना मुश्किल होगा। इस कारण वर्चुअल जनसुनवाई सहित अन्य विकल्पों पर मंथन चल रहा है। आयोग के द्वारा जल्द ही फैसला लिया जाएगा।

फिक्स चार्ज 2 से 4 रुपए तक बढ़ाने का प्रस्ताव

लोड फैक्टर में छोटे उद्योग को राहत
साउथ बिहार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा आयोग को दिए जाने वाले प्रस्ताव में छोटे उद्योग को लोड फैक्टर में राहत शामिल है। 30 फीसदी लोड फैक्टर वाले उपभोक्ता को 10 पैसा प्रति यूनिट छूट मिलेगा। अभी 70 फीसदी लोड फैक्टर वाले उपभोक्ता को 30 पैसा और 50 फीसदी लोड फैक्टर वाले उपभोक्ता को 20 फीसदी प्रति यूनिट छूट मिल रही है।

पहली बार उद्योग को राहत देने का प्रस्ताव
साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिजली के फिक्स चार्ज में 10 फीसदी और दर में 15 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दो स्लैब बनाया है। शहरी का पहला स्लैब शून्य से 100 यूनिट और दूसरा 101 से अधिक यूनिट का है। इसी तरह ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं का तीन स्लैब बनाया है।

पहला स्लैब शून्य से 50 यूनिट, दूसरा 51 से 100 यूनिट और तीसरा 101 से अधिक यूनिट का है। वर्तमान समय में शहरी और ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं का चार स्लैब है। राज्य में पहली बार उद्योग को राहत देने के लिए बिजली कंपनी ने नया स्लैब तैयार किया है। बड़े उद्योग चलाने वाले को एचटीआरइएस श्रेणी में रखा जाएगा। अबतक उद्योग एचटीएस श्रेणी में शामिल था। इसी श्रेणी में मॉल, अस्पताल सहित अन्य बड़े उपभोक्ता शामिल है। श्रेणी अलग किए जाने के बाद बड़े उद्योग को राहत देने के लिए अलग से डेटा लेने की जरूरत नहीं होगी।

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