नगर निगम चुनाव:सीता के समर्थन से रजनी बनी थीं डिप्टी मेयर, अब मेयर पद के लिए भिड़ेंगी दोनों

पटना6 दिन पहलेलेखक: अमनेश दुबे
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रजनी देवी  और  सीता साहू चुनावी मैंदान में आमने सामने - Dainik Bhaskar
रजनी देवी और सीता साहू चुनावी मैंदान में आमने सामने

पटना नगर निगम का चुनाव इस बार काफी रोचक होने वाला है। कारण यह है कि पिछली कार्यकारिणी में एक साथ मेयर और डिप्टी मेयर रही दो महिलाओं के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। निवर्तमान मेयर सीता साहू और निवर्तमान डिप्टी मेयर रजनी देवी इस बार मेयर पद के लिए आमने-सामने मैदान में उतरेंगी।

दिलचस्प यह है कि जिस रजनी देवी को सीता साहू ने डिप्टी मेयर बनने में सहयोग किया था, वही उनको मेयर पद पर चुनौती देंगी।

दोनों ही महिला प्रत्याशियों ने चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही साथ मेयर पद के लिए दोनों उम्मीदवारों ने अपने नोमिनेशन की तिथि भी तय कर ली है। मिली जानकारी के मुताबिक सीता साहू 21 सितंबर को मेयर पद चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करेंगी।

इसी तरह रजनी देवी भी मेयर प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरने के लिए 23 सितंबर को अपना नोमिनेशन फाइल करेंगी। इन दोनों ही प्रत्याशियों का एक ही पद के लिए आमना-सामना होना काफी रोचक होगा। लोग यह कयास लगा रहे हैं कि इन दोनों ही प्रत्याशियों के मैदान में एक-दूसरे के खिलाफ उतरने से मेयर पद के लिए चुनावी मुकाबला दिलचस्प होगा।

पुरुष प्रत्याशियों का सपना टूटा, अब पत्नियों को अखाड़े में उतारेंगे

2017 के बाद फिर से दूसरी बार भी पटना नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर महिलाओं का ही कब्जा रहेगा। पिछले चुनाव के बाद पहली बार पटना नगर निगम में सीता साहू महिला मेयर बनी थीं। इसके बाद समीकरण बदला और फिर कार्यकाल के करीब 9 महीने पहले रजनी देवी डिप्टी मेयर बनीं।

बता दें कि सीता साहू के मेयर बनने के बाद विनय कुमार पप्पु डिप्टी मेयर बने। फिर करीब दो साल बाद मीरा देवी डिप्टी मेयर बनी। लेकिन अविश्वास प्रस्ताव लाकर मीरा देवी को हटाया गया। इसके बाद फिर रजनी देवी डिप्टी मेयर बनी और 19 जून 2022 तक कार्यकाल पूरा किया। अब सीता साहू और रजनी देवी के मैदान में आमने-सामने उतरने पर महापौर का चुनाव रोचक हाेने की उम्मीद है।

समर्थकों को मैदान में उतारेंगे प्रभावी लोग
मेयर का पद अनारक्षित महिला और डिप्टी मेयर का पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए रिजर्व होने से पुरुष उम्मीदवारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अब वे अपनी पत्नी या परिवार की किसी महिला को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। करीब 15 महिलाएं चुनावी रण में उतरने वाली हैं। संभावित मुख्य नामों में वार्ड-32 की निवर्तमान पार्षद पिंकी यादव, पूर्व महापौर अफजल इमाम की पत्नी महजबी खातून और जेडीयू समर्थक बिट्टू सिंह की पत्नी की भी चर्चा है।​​​​​​​

समर्थक उम्मीदवारों का गठजोड़ शुरू
पटना के मेयर व डिप्टी मेयर का पद राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि अब वार्ड पार्षदों के साथ ही मेयर व डिप्टी मेयर के प्रत्याशी भी गोलबंद होने लगे हैं। दोनों ही पदों पर महिला सीट होने के चलते अपने समर्थकों को चुनाव लड़ाने की रणनीति बनाने में शहर के कई प्रभावशाली लोग जुट गए हैं। नई सरकार बनने के बाद प्रत्याशियों का चुनावी समीकरण में भी बदलाव संभव है। जिस वार्ड में जिस राजनीतिक दल का प्रभाव है, उसके लिए अभी से ही आपसी समर्थन देने के लिए अंदरूनी अभियान शुरू हो गया है। ​​​​​​​

चारों विधायक भाजपा के, लेकिन समीकरण में बदलाव भी​​​​​​​

पटना में चार विधानसभा की सीटें हैं और उनपर भाजपा का ही कब्जा है। ऐसे में कहा जा रहा है कि भाजपा का ही महापौर को अधिक लोग पसंद कर सकते हैं। लेकिन वहीं राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि भाजपा से जदयू के अलग होने से भाजपा के कैडर वोट में सेंध लग सकती है।

इसके चलते इस बार साफ तौर से यह कयास लगाना संभव नहीं है कि किसी राजनीतिक दल के समर्थक मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव जीतेंगे। जानकारों का यह भी कहना है कि पटना की महापौर चारों विधायकों से भी अधिक राजनीतिक दृष्टिकोण से मजबूत होगी। यही कारण है कि मेयर व डिप्टी मेयर के लिए इस बार मैदान में कई अप्रत्याशित चेहरे भी दिखाई देंगे।

समर्थकों को मैदान में उतारेंगे प्रभावी लोग
मेयर का पद अनारक्षित महिला और डिप्टी मेयर का पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए रिजर्व होने से पुरुष उम्मीदवारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अब वे अपनी पत्नी या परिवार की किसी महिला को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। करीब 15 महिलाएं चुनावी रण में उतरने वाली हैं। संभावित मुख्य नामों में वार्ड-32 की निवर्तमान पार्षद पिंकी यादव, पूर्व महापौर अफजल इमाम की पत्नी महजबी खातून और जेडीयू समर्थक बिट्टू सिंह की पत्नी की भी चर्चा है।​​​​​​​

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