अपने ही दो नेताओं से परेशान हैं नीतीश:RCP ने कहा- पटेलियन बनिए पलटू नहीं, PK बोले-30 साल से बिना काम के वोट ले रहे

पटनाएक महीने पहले

बिहार के दो नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। यह दोनों नेता कभी नीतीश कुमार के काफी करीबी हुआ करते थे। अब उनके बड़े आलोचक और दुश्मन बन गए हैं। जी हां, पहला नाम है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह का। वहीं, दूसरा नाम है जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर का।

दोनों नेता अलग अलग तरीके से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राजनैतिक तौर पर परेशान कर रहे हैं। प्रशांत किशोर तो पूरे बिहार में जन सुराज पदयात्रा कर रहे हैं और नीतीश कुमार के किए गए कामों की खूब आलोचना कर रहे हैं। आरसीपी सिंह भी पूरे बिहार के भ्रमण पर हैं। घूम-घूम कर नीतीश कुमार के विकास को नकली बता रहे हैं। फिलहाल दोनों नेता किसी भी पार्टी में नहीं है।

अब तक किसी पार्टी को जॉइन नहीं किया

राज्यसभा की सदस्यता जाने और मंत्री पद छोड़ने के बाद आरसीपी सिंह लगातार पूरे बिहार का भ्रमण कर रहे हैं। आरसीपी सिंह ने अभी तक कोई पार्टी जॉइन नहीं की है। लेकिन बिहार के हर क्षेत्र में जाकर नीतीश कुमार के किए गए कामों की आलोचना कर रहे हैं। यहां तक कि नीतीश कुमार के राजनैतिक व्यवहार की भी आलोचना भी कर रहे हैं। सुल्तानगंज विधानसभा के रसीदपुर में सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों से कहा कि हमलोगों को संकल्प लेना है पटेलियन होना है पलटू नहीं होना है।

आरसीपी सिंह ने लोगों को संकल्प दिलाया कि आप लोग संकल्प लीजिए कि आप लोग पटेल के अनुयाई बनेंगे पलटू नहीं बनेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने भविष्य को लेकर भी एजेंडा तय किया बताया कि आने वाले समय में वह राजनीतिक कार्यक्रम भी करेंगे लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस पार्टी में शामिल होंगे।

जनता को बदलना होगा

वहीं, जन सुराज पदयात्रा के दौरान पश्चिमी चंपारण में प्रशांत किशोर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, बिहार में नेता को इस बात का आभास हो गया है कि वह 10 दिन जाएंगे, सर नीचे झुकाएंगे, लोग उन्हें गाली देंगे, उठक-बैठक करवाएंगे, भला-बुरा बोलेंगे। लेकिन वोट उन्हीं को देंगे। और यहां के नेताओं को भी यह बात समझ आ गई है कि उन्हें केवल चुनावी 10 दिन जनता से सुनने को मिलेगा। इसके बाद आने वाले 5 साल मौज में रहेंगे।

लोगों को समझाते हुए प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि अगर आप आगे भी ऐसे ही वोट करते रहे तो अपनी दशा के लिए आप खुद जिम्मेदार होंगे। इसलिए, आपको अपने भविष्य के लिए खुद सजग होना पड़ेगा। इस दौरान प्रशांत किशोर लालू यादव और नीतीश कुमार 30 सालों के कार्यकाल में बिहार के पिछड़े होने की वजह बताते हैं।

अनंत सिंह के बेटे को राजनीति से परहेज नहीं:दोनों बेटे राजनीतिशास्त्र के छात्र, बोले- समय आने पर राजनीति में आने पर सोचेंगे

बाहुबली अनंत सिंह की विधायकी एके 47 मामले में चली गई। इसके बाद मोकामा में उपचुनाव किया गया और इसमें अनंत सिंह की पत्नी को राजद से टिकट मिला। वे महागठबंधन की उम्मीदवार के तौर पर मोकामा से विधान सभा उपचुनाव जीत गईं। जीत के जश्न उनके दोनों बेटे भी शामिल हुए। जब अनंत सिंह की पत्नी जीत की ओर बढ़ रही थीं। उनके दोनों बेटे अभिषेक और अंकित बुजुर्गों से पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आए। उनकी सक्रियता देख कर अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या अनंत सिंह के बेटे भी राजनीति में आएंगे? पढ़ें पूरी खबर