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मरीजों की मजबूरी का सौदा:सरकार ने जिस रेमडेसिवीर इंजेक्शन की पर्याप्त डोज का दावा किया, उसी के लिए बिहार में बड़ी ठगी

पटना2 महीने पहले
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रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी और ठगी रोकेन में प्रशासन पूरी तरह से फेल है। - Dainik Bhaskar
रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी और ठगी रोकेन में प्रशासन पूरी तरह से फेल है।
  • 60 हजार में ब्लैक बिक रहा इंजेक्शन, ऑनलाइन भी हो रही है ठगी
  • पटना में ऐसे नंबर वायरल हो रहे हैं जो मदद के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं

बिहार सरकार जिस रेमडेसिवीर इंजेक्शन की पर्याप्त डोज का दावा कर रही है उसी के लिए लोगों के साथ बड़ी ठगी हो रही है। पटना से लेकर प्रदेश के अन्य इलाकों में मरीजों की मजबूरी का सौदा किया जा रहा है। परिजन बाजार में भटकते हैं तो उन्हें 60000 रुपए में एक वायल दी जाती है और ऑनलाइन मदद मांगते हैं तो ठगी हो जाती है। पटना में ऐसे नंबर वायरल हो रहे हैं जो मदद के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं। दैनिक भास्कर पड़ताल के बाद यह अगाह कर रहा है कि किसी भी अनजान आदमी से रेमडेसिवीर इंजेक्शन को लेकर कोई सौदा नहीं करें। इसमें न सिर्फ ठगी होने का सौदा है बल्कि नकली इंजेक्शन का भी खतरा है। हालांकि पटना में अभी तक नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन का मामला नहीं आया है लेकिन देश में कई जगह इसका भी खुलासा हो चुका है।

ऐसे नंबरों से रहे सावधान

भास्कर की पड़ताल में एक ऐसा नंबर सामने आया है जिसका इस्तेमाल करने वाले ने बिहार में 50 से अधिक लोगों से रेमडेसिवीर इंजेक्शन के नाम पर ठगी की है। पड़ताल के दौरान कई पीड़ित ऐसे मिले हैं, जिन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर रेमडेसिवीर के लिए मदद मांगने के बाद 8110051332 नंबर से फोन आया। खुद को दवा कंपनी का बताकर 18 हजार रुपए ले लिया गया और उसके बाद दवा की व्यवस्था नहीं हो पाई। मुंगेर की एक महिला पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में अपने पति का इलाज करा रही है। उसके साथ भी 18 हजार की ठगी हुई है। गांधी मैदान क्षेत्र के तारा हॉस्पिटल में इलाज करा रहा समस्तीपुर का एक युवक भी ठगी का शिकार हुआ है।

इस अकाउंट में मांगा जा रहा है पैसा

पड़ताल के दौरान पीड़ितों ने बताया कि पैसा पेटीएम और गूगल पे के साथ अन्य ऑनलाइन माध्यमों से मांगा जा रहा है। एक अकाउंट नंबर भी दिया जा रहा है। इसमें भी पैसा भेजने के बाद इंजेक्शन देने की बात कही जा रही है। खाता धारक का नाम हेट्राे लैब बताया जा रहा है। जिसके लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का अकाउंट नंबर 578302010014*** दिया जा रहा है। इसके लिए IFSC को भी UBIN0557838 बताया जा रहा है।

3 हजार के चक्कर में फंस गए लोग

कई ऐसे नंगबरों से भी मैसेज आ रहे हैं जो मात्र 3000 में रेमडेसिवीर इंजेक्शन देने की बात कह रहे हैंं। मरीजों को मदद करने वाले कन्हैया बताते हैं कि पूरे प्रदेश में ठगी चल रही है। मरीज परेशान हैं और इसी परेशानी और मजबूरी का फायदा जालसाज उठा रहे हैं। मरीजों को जिस इंजेक्शन के लिए 60 हजार बताया जा रहा है ब्लैक में वही जब 3000 में मिलने की बात पता चलती है तो पैसा दे भी दे रहे हैं। लेकिन जालसाज पैसा पाने के बाद मोबाइल बंद कर देते हैं। मां वैष्णो देवी सेवा समिति के मुकेश हिसारिया ने भी लोगों से अपील की है कि वह मुश्किल की इस घड़ी में धीरज से काम लें और कहीं से भी जालसाज या ठगों के हाथ में नहीं आएं। पटना में ऐसे जालसाज एक्टिव हैं जो इस इंजेक्शन के लिए इंसान की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।

प्रशासन पूरी तरह से फेल

रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी और ठगी रोकेन में प्रशासन पूरी तरह से फेल है। निगरानी की पूरी तैयारी की गई लेकिन वह भी कागजी ही निकली। पटना के GM रोड से लेकर कई इलाकों में रेमडेसिवीर 50 से 60 हजार रुपए में बेची जा रही है लेकिन प्रशासन आज तक एक भी जालसाज को नहीं पकड़ पाया है। इतना ही जिस दवा के लिए सरकार दावा कर रही है और चार्टेड प्लेन से मंगाने की बात कर रही है उसकी के लिए लोग बड़े पैमाने पर ठगे जा रहे हैं।

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