घर का सपना दिखाकर लूटने वालों पर कार्रवाई:पटना के साई इन्कलेव का लाइसेंस कैंसिल, रेरा दिलाएगा फ्लैट

पटना10 महीने पहले
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घर का सपना दिखाकर लूटने वालों पर रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट (रेरा) का शिकंजा कस रहा है। बिहार में पहली बार रेरा ने बिल्डर का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर रिएल स्टेट में हड़कंप मचा दिया है। पटना के साई इन्कलेव श्री अनु आनंद कंस्ट्रक्शन का निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का लाइसेंस रद करते हुए रेरा ने बड़ी कार्रवाई की है। रेरा के अधिकारियों का कहना है कि यह बिहार की पहली कार्रवाई है क्योंकि यह स्टेट का पहला मामला भी था जिसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है। रेरा ने दीपावली पर ही पटना के निर्माणाधीन साईं इनक्लेव में फ्लैट की बुकिंग और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। अब रेरा क

नक्शा से लेकर कई गड़बड़ी आई सामने

साईं इन्कलेव के फ्लैट की बुकिंग से लेकर बिक्री तक पर रोक लगाई गई थी। क्योंकि इसी प्रोजेक्ट के नक्शे को लेकर सवाल खड़ा किया गया था। रेरा ने नक्शे में गड़बड़ी को लेकर कंस्ट्रक्शन कंपनी से जवाब मांगा था और फिर बड़ी कार्रवाई की थी। रेरा के सदस्य आर.बी. सिन्हा ने खगौल, दानापुर और फुलवारीशरीफ के निबंधन पदाधिकारी को साईं एनक्लेव के फ्लैट बिक्री या अनुबंध पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया था। रेरा ने साईं इन्कलेव के नक्शा पर सवाल खड़ा करते हुए नक्शा पास करने वाले रमन कुमार की भूमिका की जांच को लेकर भी खगौल नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया था। रेरा ने धोखाधड़ी को लेकर बिहार सरकार के विजिलेंस कमिश्नर और पीएमसी के विजिलेंस कमिश्नर को भी इस गंभीर मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा था। रेरा ने कंपनी पर आर्थिक दंड भी लगाया था। रेरा ने पटना के श्री अनु आनंद कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को दानापुर के मुस्तफापुर में बन रहे प्रोजेक्ट साईं एनक्लेव को लेकर भी पहले नोटिस जारी किया था।

9 साल पुराने नक्शे पर कंस्ट्रक्शन का खेल

सूत्रों का कहना है कि पटना में पुराने नक्शे पर निर्माण का बड़ा खेल चल रहा है। ऐसे कई बिल्डर हैं जो पुराने नक्शे पर नए प्रोजेक्ट का निर्माण कर प्रशासन की आंख में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं। कुछ तो जिम्मेदारों की मिलीभगत से ऐसे खेल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि साईं इन्कलेव में भी ऐसा ही खेल चल रहा था। रेरा की नोटिस 9 साल पुराने अवैध हो चुके नक्शे पर निर्माण कार्य को लेकर दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि साईं इन्कलेब प्रोजेक्ट का शुभारंभ मार्च 2013 में हुआ था और रजिस्ट्रेशन 2018 में मिला। प्रोजेक्ट की वैधता को मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया।

जांच में हुआ था बड़ा खुलासा, अब हुई कार्रवाई

जांच में खुलासा हुआ था कि 9 साल पुराने नक्शे से 3-4 ब्लॉक का निर्माण किया जाना था, लेकिन कंपनी ने रेरा की आंख में धूल झोंका है। कंपनी ने रेरा को जो प्रगति रिपोर्ट दी उसमें 10वें व 11वें तल्ले पर भी काम किए जाने की बात कही। शुरुआती चरण में तीन-चार ब्लॉक को बढ़ाकर 14 ब्लॉक कर दिया गया। इसके लिए वर्ष 2012 से लेकर 18 तक लगातार जमीन खरीदने की जानकारी दी गई, जबकि प्रोजेक्ट प्रारंभ करने से पहले जमीन एग्रीमेंट व नक्शे का होना अनिवार्य है।

रेरा ने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर दिसंबर 2012 में नक्शा पास किया गया। बिहार बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार नक्शे की वैधता 3 साल के लिए थी। अधिक से अधिक इसकी वैधता 2 साल और बढ़ाकर 5 साल तक किया जा सकता था। कंपनी ने दोबारा मंजूर किया नक्शा 5 साल बाद भी जमा नहीं किया। अब रेरा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रजिस्ट्रेशन रद कर दिया है।

अब की पहल से पूरा होगा घर का सपना
साई इन्कलेव श्री अनु आनंद कंस्ट्रक्शन का निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का लाइसेंस रद करने के बाद अब रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट (रेरा) ने पूरे प्रोजेक्ट को अपने कब्जे में ले लिया है। अब रेरा लोगों को फ्लैट दिलाएगा। रेरा के सदस्य आर.बी. सिन्हा ने बताया कि जिस प्रोजेक्ट को कैंसिल किया गया है उसमें 750 फ्लैट बनने हैं। ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है। जिसमें 2012 से लेकर अब तक लोग परेशान हैं। रेरा का कहना है कि अब ऐसे लोगों का एक एसोसिएशन बनाया जाएगा और वह खुद निर्माण कराना चाहेंगे तो करा सकते हैं, नहीं तो बिल्डर से कराना होगा। ऐसे लोगों का हिसाब किताब रखा जाएगा और बुकिंग कराने वाले व पैसा देने वाले सभी लोगों को रेरा फ्लैट दिलाना रेरा की जिम्मेदारी होगी। रेरा के सदस्य आर.बी. सिन्हा का कहना है कि अब रेरा की मॉनिटरिंग में पूरा काम होगा और इस प्रोजेक्ट में शामिल सभी व्यक्ति को फ्लैट दिलाने की जिम्मेदारी रेरा की होगी।