पटना में कांटैक्ट ट्रेसिंग की जमीनी हकीकत देखिए:जिस बस में नेपाल से 3 कोरोना संक्रमित आए, उसके अन्य यात्रियों का अब तक सुराग नहीं

पटनाएक महीने पहले
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विदेश से वापस आने वालों की कांटैक्ट ट्रेसिंग नहीं हो पा रही है। यात्रा के दौरान संपर्क में आने वालों का सुराग नहीं लग रहा है। कोरोना के संक्रमण का यह बड़ा कारण हो सकता है। पटना में भी ऐसा ही हुआ है। नेपाल से 3 संक्रमित जिस बस से पटना आए उसमें से अब तक एक भी यात्री ट्रेस नहीं हो पाए हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण का बड़ा खतरा है। संक्रमण पर काबू पाने को लेकर सरकार ने कांटैक्ट ट्रेसिंग और जांच में तेजी लाने का आदेश दिया है, लेकिन यात्रा के दौरान संक्रमितों के संपर्क में आने वालों से मुश्किलें बढ़ सकती है।

नेपाल से आने वालों से बढ़ सकता है खतरा

पटना में 3 संक्रमित नेपाल से आए हैं। वह जिस बस से पटना के गांधी मैदान पहुंचे वह यात्रियों से भरी हुई थी, लेकिन अब तक किसी भी यात्री की पहचान नहीं हो पाई है। अब स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि जो भी बाहर से आ रहे हैं वह कोरोना को लेकर पूरी तरह से गंभीर रहें और जांच पड़ताल कराते रहें। पटना में नेपाल से आने वालों की रिपोर्ट पॉजिटिव होने के बाद ही हड़कंप मचा है, लेकिन साथ में आए अन्य यात्रियों का सुराग नहीं लगने से अब परेशानी भी बढ़ रही है। कोरोना से सुरक्षा को लेकर लगातार अलर्ट किया जा रहा है।

डॉक्टर भी पटना से निकल गए थे ओडिशा

राज्य स्वास्थ्य समिति में पहले जिस डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डॉक्टर को कोरोना का पूरा लक्षण था, लेकिन सैंपल देने के बाद रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर वह पटना से ओडिशा निकल गए। अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक डॉक्टर की गलती के कारण पटना से ओडिशा तक कोरोना का खतरा किस तरह से बढ़ गया है। सफर के दौरान जिस तरह से नेपाल से आए 3 यात्रियों के संपर्क में आए लोगों को कोरोना का खतरा है ठीक उसी तरह से पटना से ओडिशा गए डॉक्टर ने भी खतरा बढ़ाया है। कोरोना के संक्रमण में सुरक्षा को लेकर कांटैक्ट ट्रेसिंग की व्यवस्था इसलिए की गई है जिससे संक्रमण को एक से दूसरे में फैलने में रोका जा सके।

पटना में एक्टिव किया गया कांटेक्ट ट्रेसिंग का सेल

कोरोना के खतरे को लेकर पटना में कांटैक्ट ट्रेसिंग का सेल और एक्टिव कर दिया गया है। अब इसमें मैन पावर बढ़ाए जा रहे हैं। इससे संक्रमण की पड़ताल समय से हो जाए। सुरक्षा को लेकर अब पटना में हर केस में काफी बारीकी से कांटैक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी निर्देश जारी कर दिया है।

विदेश यात्रा करने वालों के साथ ऐसे लोगों की भी कांटैक्ट ट्रेसिंग पर जोर दिया जाएगा, जो पटना में डिटेक्ट हुए हैं। पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कांटैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बनाया गया सेल पूरी तरह से एक्टिव कर दिया गया है। जिन मामलों में अब तक ट्रेसिंग नहीं हो पाई है उसमें भी टीम को लगाया जा रहा है।

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