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बाल सहायता योजना पर लगी मुहर:राज्य की सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना डागमारा को कैबिनेट से मिली हरी झंडी

पटना4 महीने पहले
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  • कैबिनेट की बैठक में 18 प्रस्तावों को मंजूरी, डागमारा के लिए 700 करोड़ की दी गई स्वीकृति

राज्य की सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना डागमारा को हरी झंडी मिल गई। 130 मेगावाट क्षमता के इस पनबिजलीघर को केंद्र सरकार की एजेंसी एनएचपीसी बनाएगा। इसके लिए एनएचपीसी और राज्य सरकार की एजेंसी बीएचपीसी के बीच 40 वर्षों का एमओयू होगा। इसके लिए राज्य सरकार 700 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की है। राज्य मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने 18 प्रस्तावों पर अपनी सहमति दी। कारा चिकित्सा को सुदृढ़ बनाने के लिए एएनएम के 30 नए पदों को स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार षष्ठम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के आधार पर वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायतों को 656 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसी तरह पटना तारामंडल को अत्याधुनिक बनाने के लिए 36 करोड़ की योजना मंजूर की गयी है। कटिहार वाटर ड्रेनेज योजना फेज-1 के लिए 220 करोड़ राशि को भी स्वीकृति दी गयी। वर्ष 2021-22 के गेहूं खरीद के लिए बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम को विभिन्न बैंकों व वित्तीय संस्थानों से 1000 करोड़ की ऋण के लिए राजकीय गांरटी भी प्रदान की गयी।

बाल सहायता योजना पर लगी मुहर |अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए बाल सहायता योजना पर भी मुहर लगी। पटना के दानापुर, फुलवारीशरीफ और पटना सदर प्रखंड के चयनित स्कूलों में इस्कॉन और बेंगलुरु के अक्षय पात्रा फाउंडेशन को मध्याह्नभोजन की जिम्मेवारी सौंपी गई है।

सड़काें के लिए 542 कराेड़ की योजना मंजूर : राज्य के तीन स्टेट हाईवे के कुछ खंडों के निर्माण, उनका उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए 542 करोड़ की योजना मंजूर की गई। इसके तहत एसएच 95, 103 और 101 पर काम होगा। जबकि, मधुबनी में राजनगर-बाबूबरही-खुटौना पथ पर कमला नदी के पीपरघाट पुल के पहुंच रथ पर वाटरवे के लिए 37 करोड़ की योजना मंजूर की गई है। इसी तरह डेडिकेटेड फ्रेट कोरीडोर के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया, रेल मंत्रालय को औरंगाबाद में 951 एकड़ जमीन देने पर भी सहमति दी गई।

कारा बैरक के लिए 74.70 कराेड़ मंजूर 8 केंद्रीय काराओं और 14 मंडल काराओं में पुरुष और महिला कक्षपालों के लिए अलग-अलग बैरक बनेंगे। केन्द्रीय काराओं में 50 क्षमता के पुरुष बैरक और 30 क्षमता के महिला बैरक जबकि मंडल काराओं में 30 क्षमता के पुरुष बैरक और 20 क्षमता के महिला बैरकों का निर्माण होगा। इसके लिए 74.70 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई।

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