पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

उपभाेक्ता परेशान:पटना में पर्याप्त बिजली, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम गड़बड़ हाेने से हाे रही ट्रिपिंग

पटना17 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • 24 घंटे में 1000 से अधिक डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर का उड़ा फ्यूज

पटना में बिजली पर्याप्त उपलब्ध है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम गड़बड़ है। इस कारण राजधानी में रहने वाले लोगों को भीषण गर्मी में 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। पिछले 24 घंटे में 1000 से अधिक डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज उड़ा है। इससे सबसे अधिक डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर से जुड़े लोग परेशान हैं। फ्यूज कॉल सेंटर में फोन करने वाले उपभोक्ताओं को कर्मी 11 केवी फीडर चालू होने की बात कह रहे हैं। उपभोक्ताओं के बार-बार कहने पर लोकल फाॅल्ट होने की बात स्वीकार करते हैं। जल्द ठीक कराने का वादा भी कर रहे हैं, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हो रही है।

कारण, उपभोक्ता के घर की बिजली बंद है। यानी, फ्यूज कॉल की शिकायत है तो फ्यूज कॉल सेंटर के कर्मी शिकायत दर्ज कर शिकायत नंबर देंगे। बेउर निवासी देवेंद्र कुमार ने कहा कि दो घंटे बिजली बंद रही। फ्यूज कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज नहीं की गयी। वरीय अधिकारी 11 केवी फीडर से सप्लाई चालू होने की बात कर रहे हैं। इसी तरह अन्य माेहल्ले को लोग भी परेशान रहे।

क्षमता बढ़ाने पर मंथन शुरू, लोड ट्रांसफर पर भी हो रहा विचार

पटना में 1700 मेगावाट बिजली सप्लाई की क्षमता

पेसू के इंजीनियरों ने कहा कि पटना के लोगों को 65 पावर सब स्टेशन से बिजली सप्लाई दी जा रही है। इसकी क्षमता करीब 1700 मेगावाट की है। इन पावर सब स्टेशन से 11 केवी का 250 फीडर निकला है। इनसे करीब 8000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर जुड़े हैं। इसकी क्षमता 2200 मेगावाट से अधिक सप्लाई देने की है।

पटना एक नजर में
उपभोक्ताओं की संख्या : 5.80 लाख
पावर सब स्टेशन : 68
33 केवी फीडर : 66
11 केवी फीडर : 250
डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर : 8000
पीएसएस से सप्लाई : 1700 मेगावाट
डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर से सप्लाई : 2200 मेगावाट
वर्तमान में बिजली की खपत : 600 मेगावाट
अधिकतम बिजली की खपत : 697 मेगावाट (28 जून, 2019)

भीषण गर्मी के बावजूद शनिवार और रविवार की रात 600 मेगावाट खपत

भीषण गर्मी होने के बवजूद पटना में शनिवार और रविवार की रात अधिकतम 600 मेगावाट बिजली की खपत हुई। सबसे अधिक खपत 28 जून 2019 को 697 मेगावाट हुई थी। यानी बिजली की कोई कमी नहीं है। पेसू के इंजीनियरों ने बताया कि बिजली कटने के कारण अन इक्युअल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम होना है। यानी, एक ट्रांसफॉर्मर पर क्षमता से अधिक लोड है।

दूसरे पर क्षमता से काफी कम लोड है। इसे जबतक बराबर नहीं किया जाता, गर्मी के दिनाें में लोड बढ़ने पर परेशानी हाेगी। दूसरा कारण, उपभोक्ता ने 2 किलोवाट का लोड लिया है। अचानक एसी लगा लिया। इससे लोड बढ़ जाता है। ट्रिपिंग शुरू हो जाती है। डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज उड़ता है। इसे बनाने के लिए 11 केवी फीडर को बंद करना पड़ता है। ऐसे में एक डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर को बनाने के लिए 25 से 30 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर की बिजली सप्लाई बंद हो जाती है। यानी 2000 हजार उपभोक्ताओं के घरों में बिजली कटती है।

पेसू के इंजीनियर की बैठक आज | शहर के जिस माेहल्ले के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर का बार-बार फ्यूज उड़ रहा है, इसका मतलब संबंधित डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर पर लोड अधिक बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में एडिशनल डिस्ट्रीब्यूशन टांसफॉर्मर लगाने, 50 से 100 मीटर से कम दूरी पर लगे ट्रांसफॉर्मर पर लोड कम होने की स्थित में लोड का वितरण करने पर विचार होगा। इसके लिए पेसू ने सोमवार को इंजीनियरों की बैठक बुलाई है, ताकि सप्लाई सिस्टम को मजबूत कर 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा सके।

खबरें और भी हैं...