कोरोना के संक्रमण के बाद नई मुसीबत:कोरोना को मात देने वाली महिला के फेफड़े से निकला डेढ़ लीटर पानी, संक्रमण से कमजोर हुए फेफड़े को TB के वायरस ने जकड़ा

पटना9 महीने पहले
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महिला जून के पहले हफ्ते में कोरोना संक्रमित हुई थी और ठीक होने के 20 दिन बाद फिर परेशान हो गई। - Dainik Bhaskar
महिला जून के पहले हफ्ते में कोरोना संक्रमित हुई थी और ठीक होने के 20 दिन बाद फिर परेशान हो गई।

कोरोना वायरस को मात देने वालों में अब TB के संक्रमण का खतरा है। कोरोना से कमजोर हुए लंग्स पर अब TB का संक्रमण हावी हो रहा है। ऐसे ही कोरोना को मात देने वाली एक महिला के फेफड़े से 1.5 लीटर पानी निकाला गया है। 58 साल की महिला गोपालगंज की रहने वाली है, वह जून के पहले हफ्ते में कोरोना संक्रमित हुई थी और ठीक होने के 20 दिन बाद फिर परेशान हो गई। उनके सीने में और हाथ में दर्द के साथ हल्की खांसी की शिकायत थी। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से ठीक होने वालों में TB का खतरा अधिक है, क्योंकि कमजोर फेफड़े में संक्रमण फैलता है।

कोरोना को मात देने के बाद दर्द से परेशान हुईं सीमा

पटना AIIMS के छाती रोग विभाग के भूतपूर्व चिकित्सक डॉ. अभिषेक रंजन का कहना है कि 58 साल की महिला, सीमा, काफी गरीब परिवार से है। सीमा जून के पहले हफ्ते में कोरोना संक्रमित हुईं। संक्रमण के लगभग 20 दिन बाद ही वह निगेटवि हो गईं। इस दौरान उन्हें कोई विशेष समस्या नहीं हुई थी। घर पर ही रहकर वह दवा खाकर कोरोना निगेटिव हुईं, लेकिन जुलाई में 25 से 30 दिन बाद उसे नई समस्या शुरू हो गई। हाथ और सीने में दर्द के साथ हल्की खांसी की समस्या होने लगी। घर वालों को लगा कोरोना के कारण कुछ दिनों तक ऐसा होगा, लेकिन समस्या कम होने के बजाए बढ़ती गई। उन्होंने कई डॉक्टरों से इलाज भी कराया, लेकिन उन्हें फायदा नहीं हुआ।

एक्स-रे में दिखा कोरोना का साइड इफेक्ट

डॉ. अभिषेक का कहना है कि इलाज के लिए कई जगह भटकने के बाद जब मरीज उनके पास आई तो उन्हें कोरोना के साइड इफेक्ट की आशंका हुई। उन्होंने के मरीज एक्स रे सहित कई तरह की जांच कराईं जिसमें गंभीर मामला दिखा। फेफड़ों में पानी भरा था, जिससे कई तरह से संक्रमण का खतरा था। डॉक्टर अभिषेक का कहना है कि एक्स रे में दिखा कि फेफड़े में पूरा पानी भरा था। डॉ. अभिषेक का कहना है कि महिला गरीब थी और वह महंगे अस्पताल में इलाज का खर्च नहीं उठा सकती थी। ऐसे में इंजेक्शन के माध्यम से फेफड़े से पानी निकाला गया। डॉक्टर का कहना है कि दो बार में लगभग डेढ़ लीटर पानी महिला के फेफड़े से निकाला गया।

फेफड़े के पानी की जांच से TB की पुष्टि

महिला के फेफड़े से निकले पानी को जांच के लिए भेजा गया था। डॉ. अभिषेक का कहना है कि जांच में TB की पुष्टि हुई, जिसके बाद अब महिला को TB की दवाएं दी गई हैं। डॉ. अभिषेक का कहना है कि कोरोना के बाद संक्रमण का ऐसा मामला आ रहा है। कई लोगों में संक्रमण के मामले ऐसे ही सामने आ रहे हैं। कोरोना के बाद कमजोर हुए फेफड़े में TB का संक्रमण हो रहा है। ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लेना है। संक्रमण को लेकर पूरी तरह से सावधान रहें और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें।

कोरोना के बाद कमजोर हुए फेफड़े को बचाएं

कोरोना का इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण का असर अधिकतर फेफड़े पर हुआ है। ऐसे में फेफड़े कमजोर हो सकते हैं और इसके बाद TB का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे खतरे से निपटने के पौष्टिक आहार और दवाओं की आवश्यकता होती है। कोरोना से ठीक होने के बाद भी हाथ में सीने में दर्द होता है या फिर खांसी आती है, दम फूलता है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसमें लापरवाही जानलेवा हो सकती है। कोरोना के बाद होने वाली TB फेफड़े को और तेजी से प्रभावित करती है, जिससे समस्या गंभीर हो जाती है। अगर समय से TB का पता चल गया और इलाज हाे गया तो जल्दी राहत मिल जाती है।

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