महापर्व में भी नियोजित शिक्षक वेतन से वंचित:संघ ने विभाग और शिक्षा मंत्री से पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की, आदेश के बावजूद हुई अनदेखी

पटनाएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।

शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव और सरकार के तमाम दावों और सख्त आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों की लापरवाही खुलेआम सामने आ रही है। दिवाली में शिक्षकों को वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। जानकारी मिल रही है कि 4-5 जिलों में ही वेतन मिल पाया है। बताया जा रहा है कि साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों में से दो लाख को वेतन नहीं मिला है।

दुर्गा पूजा के समय भी शिक्षा मंत्री और अपर मुख्य सचिव ने 24 घंटे में वेतन देने की बात कही थी। लेकिन, अभी महीना बीतने को है। मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा और बांका में नियोजित शिक्षकों के खाते में अब तक वेतन की राशि नहीं पहुंची है। यह कहा है कि टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) के प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय पाठक, प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय और प्रदेश सचिव साकिर इमाम ने।

नालंदा-बांका जिलों में अगस्त से ही वेतन नहीं मिला

इन्होंने कहा कि दिवाली और छठ में भी आवंटन नहीं जारी किया गया। साथ में यह आदेश भी दिया गया कि 24 घंटे के अंदर शिक्षकों के खाते में वेतन की राशि भेजी जाए, लेकिन एक- दो जिले को छोड़ दें तो कहीं भी भुगतान शुरू नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग के मंत्री से लेकर तमाम वरीय पदाधिकारी द्वारा वेतन भुगतान के आदेशों को कनीय पदाधिकारियों द्वारा खुलेआम नजरअंदाज किया जाना स्पष्ट करता है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर से विभाग का और सरकार नियंत्रण समाप्त हो चुका है। हालत ऐसी है कि मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा और बांका जिला में तो शिक्षकों को अगस्त से ही वेतन नहीं मिला है।

दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

संघ ने कहा है कि छठ जैसे महापर्व में भी शिक्षकों को वेतन से वंचित रखकर विभाग लाखों शिक्षकों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रहा है। संघ ने इसे अमानवीय कृत्य कहा है। साथ ही विभाग से और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि ऐसे तमाम पदाधिकारियों पर उचित कार्रवाई करें और अविलंब वेतन की राशि शिक्षकों के खाते में भिजवाएं।

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