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टीका उत्सव में पिछड़ गया बिहार:4 दिन में 16 लाख का रखा था लक्ष्य; साढ़े 5 लाख में सिमट गया अभियान, सामान्य दिनों में रोज लगती थी करीब दो लाख वैक्सीन

पटना6 महीने पहले
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न्यू गार्डनर रोड में टीका उत्सव। - Dainik Bhaskar
न्यू गार्डनर रोड में टीका उत्सव।

कोरोना को मात देने वाली वैक्सीन के उत्सव में बिहार लक्ष्य से काफी पीछे छूट गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 से 14 अप्रैल तक पूरे देश में 4 दिनों तक टीका उत्सव मनाने का आह्वान किया था। इस दौरान 45 वर्ष से अधिक के लोगों को टीका लगाना था। बिहार सरकार ने एक दिन में 4 लाख टीकाकरण का लक्ष्य रखा। ऐसे में 4 दिनों में 16 लाख लोगों के टीकाकरण की योजना थी। सामान्य दिनों में भी दो लाख से अधिक टीकाकरण किया जा रहा था, इस कारण से लक्ष्य बहुत मुश्किल नहीं था। लेकिन 4 दिनों के बाद जो आंकड़ा सामने आया वह चौंकाने वाला है। इस विशेष उत्सव में सरकार सामान्य दिनों से भी कम टीकाकरण करा पाई। 16 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 544269 लोगों को ही टीका लग सका।

4 दिनों के उत्सव में टीका का हाल

11 से 14 अप्रैल तक 4 दिनों के टीका उत्सव में बिहार बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका। टीका की रफ्तार सामान्य दिनों से भी काफी कम रही। मात्र एक दिन में ही स्वास्थ्य विभाग सामान्य दिनों के आसपास वैक्सीनेशन कर पाया है। बाकी 3 दिनों में वैक्सीन की स्थिति सामान्य दिनों से भी कम रही है। 11 अप्रैल को जिस दिन उत्सव का शुभारंभ किया गया उस दिन 206354 लोगों का टीकाकरण हुआ, लेकिन अगले ही दिन यह आंकड़ा लगभग 50 प्रतिशत कम हो गया। 12 अप्रैल को 149002 लोगों को ही टीका लग पाया। वहीं 13 अप्रैल को हालत और खराब हो गई। आंकड़ा सामान्य दिनों से भी लगभग 4 गुणा कम हो गया। 13 अप्रैल को प्रदेश में कुल मात्र 56487 लोगों का ही टीकाकरण हो पाया। जबकि, 14 अप्रैल को उत्सव की समाप्ति के दिन 132426 लोगों का टीकाकरण किया गया। ऐसे में 4 दिनों के इस विशेष उत्सव में 544269 लोगों को वैक्सीन लगाकर उन्हें कोरोना से बचाने के प्रयास में बड़ा काम किया गया।

सामान्य दिनों में तेज रही वैक्सीन की रफ्तार

सामान्य दिनों में वैक्सीन की रफ्तार काफी तेज रहती है। टीका उत्सव शुरू होने के एक दिन पहले 10 अप्रैल को प्रदेश में ढाई लाख से अधिक कुल 252835 लोगों का टीकाकरण किया गया था। पांच अप्रैल को तो लगभग 3 लाख वैक्सीनेशन 287576 लोगों का टीकाकरण किया गया था। सामान्य दिनों में लगभग दो लाख का आंकड़ा रहता है। किसी किसी दिन यह आंकड़ा तीन लाख के भी करीब पहुंच जाता है।

वैक्सीन की आपूर्ति भी एक बड़ी बाधा

टीका उत्सव के दौरान वैक्सीन को लेकर भी सेंटरों पर समस्या आई है। दैनिक भास्कर की टीम टीका उत्सव के पहले ही दिन 11 अप्रैल को पटना से लेकर प्रदेश के कई सेंटरों पर पड़ताल की तो पता चला वैक्सीन को लेकर समस्या आ रही है। लोग टीका लगवाने के लिए सेंटर तक पहुंच रहे थे, लेकिन वैक्सीन नहीं होने के कारण मायूस होकर वापस लौट रहे थे। इस दौरान कोवैक्सीन की पहली खुराक लेने वालों के सामने दिक्कत आई, क्योंकि 11 अप्रैल को बहुत केंद्राें पर इसकी दूसरी डोज नहीं लग पाई। वैक्सीन नहीं होने के कारण कई सेंटरों पर तो पहली डोज देना बंद कर दिया गया था। लोगों को बस दूसरी डोज दी जा रही थी। वैक्सीन को लेकर लोगों को लगातार जागरूक भी किया जा रहा था और इस दौरान सेंटरों पर भीड़ भी बढ़ी, लेकिन इसके बाद भी टीकाकरण का औसत सामान्य दिनों से भी कम हो गया यह बड़ा सवाल है।

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