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नगर निगम कर्मचारी हड़ताल पर हाईकोर्ट का आदेश:कर्मियों की मांग पर 8 हफ्ते में फैसला ले बिहार सरकार, कोर्ट के हस्तक्षेप पर कर्मी हड़ताल खत्म करने को सहमत, ऐलान आज

पटना10 दिन पहले
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नगर निगम का दावा- बड़ी संख्या में कर्मी काम पर लौटे। बोरिंग कैनाल रोड में देर रात शुरू हुई सफाई। - Dainik Bhaskar
नगर निगम का दावा- बड़ी संख्या में कर्मी काम पर लौटे। बोरिंग कैनाल रोड में देर रात शुरू हुई सफाई।

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पटना समेत सूबे के 35 हजार नगर निगम कर्मचारी अपनी आठ दिन पुरानी हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आएंगे। मंगलवार को चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। हड़ताली कर्मियों की ओर से वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा ने कहा कि हमारी मांग पर राज्य सरकार कोई निर्णय नहीं कर रही है। इसलिए मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ा।

अगर कोर्ट चाहता है तो हम हड़ताल समाप्त कर काम पर वापस आ जाएंगे। इस पर कोर्ट ने महाधिवक्ता ललित किशोर से पूछा कि कितने दिनों में राज्य सरकार इनकी मांगों पर निर्णय ले लेगी? महाधिवक्ता ने कहा कि आठ हफ्ते के भीतर सरकार नियमानुकूल निर्णय ले लेगी। योगेश चंद्र वर्मा का कहना है कि मांगों पर निर्णय लेने के पूर्व सरकार संघ के प्रतिनिधियों से भी बातचीत करे। महाधिवक्ता ने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन कर्मियों को हड़ताल में शामिल होने के कारण हटाया गया है, उन्हें काम पर वापस ले लिया जाएगा। लेकिन, कोर्ट में भरोसा देने के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल तोड़ने की घोषणा मंगलवार को नहीं की।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हम कोर्ट के आदेश का अध्ययन करने के बाद इसके आधार पर आगे की रणनीति तय करेंगे। बुधवार को कर्मचारियों की सभा में इसकी घोषणा की जाएगी। तय है कि कर्मचारी इसी में हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर देंगे।

आउट सोर्सिंग मंजूर पर कार्यरत कर्मचारियों पर कोई असर नहीं
महाधिवक्ता ने यह भी भरोसा दिया कि सरकार जरूरत के अनुसार आउट सोर्सिंग से कर्मचारियों की सेवा ले सकती है। लेकिन पहले से कार्यरत कर्मियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि सभी कर्मियों के बकाया राशि का भुगतान सात दिनों में कर दिया जाए।

अब पहली प्राथमिकता, जल्द साफ हो शहर क्योंकि बदबू से लोग परेशान
हड़ताल के कारण मंगलवार को आठवें दिन कूड़ा का उठाव नहीं हो सका। घरों से लेकर सड़कों तक कूड़ा बिखरा हुआ है। आठ दिनों में शहर की सड़कों पर करीब 6400 टन कचरा पड़ा हुआ है। बारिश के बीच कचरे से लगातार निकल रही बदबू से आम लोग काफी परेशान हैं।

कर्मचारियों की मांगें

  • दैनिक कर्मचारियों की सेवा स्थायी की जाए।
  • नगर निकायों में ग्रुप डी की सेवा फिर से शुरू की जाए।
  • समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए, तब तक 18 हजार से 21 हजार का वेतनमान निर्धारित हो।
  • ग्रुप सी के तहत कार्य कर रहे कर्मियों को नगर निकाय के अधीन ही रहने दिया जाए।
  • आउटसोर्सिंग की व्यवस्था पर रोक लगे। आउटसोर्सिंग के तहत काम करने वाले कर्मियों को नगर निकायों में समायोजित किया जाए।
  • अनुकंपा पर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ हो।
  • प्रभारी व्यवस्था को समाप्त करते हुए वर्तमान पदों पर कार्य कर रहे कर्मियों को प्रोन्नत कर समायोजित करें।