धनरुआ में फायरिंग:घायल बोला-मैं तो दवा लेने जा रहा था, अचानक एक गोली आई; मेरे गाल को चीरती निकल गई

एक महीने पहले
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अस्पताल में जख्मी हालत में भर्ती सर्किल इंस्पेक्टर श्रीराम कुमार। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में जख्मी हालत में भर्ती सर्किल इंस्पेक्टर श्रीराम कुमार।

मोरियावां पंचायत में हुई गोलीबारी और पथराव की घटना में रोहित चौधरी की मौत हो गई। बिजेंद्र, मिलन और नीरज कुमार को गोली लगी है और तीनों पीएससीएच में इलाजरत हैं। मोरियावां पंचायत के दर्जन भर ग्रामीण पीएमसीएच में रात भर डेरा जमाए रहे। लोगों में पुलिस को लेकर काफी आक्रोश था। प्रत्यक्षदर्शी नीरज कुमार ने कहा कि मेरे गांव में बीते दो दिन से पुलिस आकर लोगों को हड़का रही है।

मारपीट कर रही है। शुक्रवार शाम मैं दवा लेने जा रहा था। गांव के लोग इधर-उधर बैठे थे। तभी पुलिस की तीन गाड़ियां दनदनाती हुईं गांव में घुसी और लाठीचार्ज कर दिया। लोग जान बचाकर भागने लगे। पुलिस लोगों को खींच-खींच कर पीट रही थी। इसके बाद गांव वालों ने पथराव कर दिया। तब पुलिस ने फायरिंग कर दी।

लाठीचार्ज का शिकार मैं भी हुआ और मैं भागने लगा था। भाग ही रहा था कि तभी एक गोली मेरे गाल और कान को चीरती हुई गुजर गई। मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैं वहीं गिर गया। माइक से बज रहे गाने और चुनावी प्रचार काे धनरूआ थाने की पुलिस राेकने गई।

सुरेंद्र केे बेटे राेहित कुमार की थानेदार राजू कुमार ने जमकर धुनाई शुरू कर दी। ग्रामीणाें ने कहा कि हमलाेग गाना बजा रहे हैं। राेहित काे क्याें मार रहे हैं, पर पुलिस उसे पीटती रही। उसके बाद ग्रामीण उग्र हाे गए और पथराव शुरू कर दिया। पथराव हाेने के बाद पुलिस काे वहां से भागना पड़ा।

  • ग्रामीणों का आरोप- दो दिनों से पुलिस डरा रही है, घटना के समय लोगों को खींच-खींच कर पीटा
धनरुआ में पुलिस की गोली से मारे गए युवक के रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण।
धनरुआ में पुलिस की गोली से मारे गए युवक के रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण।

युवक के वीडियो बनाने पर पुलिस ने धुनना शुरू किया

दूसरी बार फिर सात थानाें की पुलिस माेरियावां मुसहरी पहुंच गई। इसी बीच उसी गांव का युवक राजीव कुमार ने वीडियाे बनाना शुरू कर दिया। पुलिस ने उसपर डंडे बरसाना शुरू कर दिया। उसके बाद गांव के करीब 500-600 लाेग पुलिस पर टूट पड़े। पुलिस चाराें ओर से घिर गई। ग्रामीणाें छत से लेकर घर से पुलिस पर राेड़ा, पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। इसी में थानेदार का सिर फट गया और सीआई समेत करीब 15 जवान घायल व चाेटिल हाे गए। उसके बाद पुलिस ने माेर्चा संभाला और तड़ातड़ा गाेलियां चलानी शुरू कर दीं।

गाेली लगने से धूलखेली चौधरी के पुत्र रोहित चाैधरी की मौत हाे गई जबकि अन्य तीन घायल हाे गए। हालांकि थानेदार राजू कुमार का कहना है कि पुलिस जब एरिया डोमिनेशन के लिए निकली थी तो मुखिया के घर के पास प्रचार समय समाप्ति के बाद भी कुछ लोग प्रचार करने के साथ गाना बजा रहे थे। पुलिस ने उसे बंद करने की हिदायत दी तो वे लोग आक्रोशित होकर पुलिस पर हमला कर दिया। बचाव में पुलिस ने दो तीन राउंड फायरिंग की।

विधायक भी पहुंचे, 50 लाख मुआवजा और थानेदार पर केस दर्ज करने की मांग की
घटना की सूचना मिलने के बाद गांव पहुंचे सुरेन्द्र साव ने बताया कि कुछ पुलिसकर्मी दो दिन पहले भी गांव में आकर उनके समर्थकों को एक विशेष प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की धमकी दी थी, जिससे लोग आक्रोशित थे। शुक्रवार को जब पुलिस ने उनके पुत्र की भारी भीड़ के सामने पिटाई की तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया।

पुलिस ने 40 राउंड फायरिंग की। एक युवक की माैत और तीन के घायल हाेने की सूचना मिलने के बाद फुलवारीशरीफ विधायक गोपाल रविदास भी पहुंच गए। उन्हाेंने पुलिस की इस कारवाई की निंदा करते हुए सरकार से पुलिस की गोली से मरे मृतक के परिजनों को 50 लाख रूपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व धनरुआ थानाध्यक्ष पर धारा 302 के तहत हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

घटना के बाद स्तब्ध थी पुलिस, बंद कमरे में चलती रही मंत्रणा
धनरूआ के मोरियावां में शुक्रवार की शाम घटित घटना के बाद धनरूआ थाना में एएसपी वैभव शर्मा समेत अनुमंडल के सभी थाना की पुलिस के अलावा मसाैढ़ी एसडीओ अनिल कुमार व अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। घटना के बाद पुलिस व प्रशासन स्तब्ध थी। देर रात तक धनरूआ थानेदार के कक्ष में बैठकर पुलिस व प्रशासन की टीम मंत्रणा करते रही। अधिकारी आपस में बात कर रहे थे कि मृतक का दास-संस्कार कैसे कराया जाएगा। पुलिस काे इस की आशंका थी कि शनिवार काे इस घटना में फिर कहीं काेई बवाल न हाे जाए। 24 अक्टूबर काे ही इस पंचायत में चुनाव हाेना है।