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मुख्यमंत्री ने कहा:मीटिंग में ही तय हो पाएगा कि गणना बेहतर तरीके से कैसे होगी; 27 की मीटिंग के लिए अभी सभी दलों की सहमति नहीं आई

पटना4 महीने पहले
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सोमवार को पटना के मगध महिला कॉलेज में कैडेट का अभिवादन स्वीकारते मुख्यमंत्री। - Dainik Bhaskar
सोमवार को पटना के मगध महिला कॉलेज में कैडेट का अभिवादन स्वीकारते मुख्यमंत्री।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार ने जातीय जनगणना के लिए पूरी तैयारी की है। लेकिन इस बारे में सबकी राय के बाद ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। वे सोमवार को मीडिया से मुखातिब थे। उनसे जातीय जनगणना कराने के बारे में सवाल पूछा गया था। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा-’27 मई की मीटिंग के लिए अभी सभी पार्टियों की सहमति नहीं आई है। सहमति के बाद मीटिंग होगी; इसकी तारीख तय होगी।’

उन्होंने कहा कि हमलोग शुरू से ही जातीय जनगणना कराना चाहते हैं। इस बारे में सभी पार्टियों की बैठक करके, निर्णय लेकर, कैबिनेट के माध्यम से इसे स्वीकृत किया जायेगा और काम शुरू होगा। यही तरीका है। सभी पार्टियों के साथ चर्चा हो रही है। एक बार मीटिंग हो जायेगी तो अच्छा होगा। इसमें सबकी राय ली जायेगी कि कैसे और बेहतर ढंग से इसे किया जाए।

छात्राओं से बोले-दहेज व कम उम्र की शादी न होने दें

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छात्राओं से कहा-’कहीं भी दहेज वाली और कम उम्र की शादी नहीं होने दें। खूब पढ़ें, आगे बढ़ें। कहीं जाएं, तो समाज सुधार की चर्चा करें। इससे समाज आगे बढ़ेगा। जब तक हम हैं, सभी के विकास के लिए काम करते रहेंगे।’ वे सोमवार को मगध महिला कॉलेज के ‘महिमा छात्रावास’ का उद्घाटन कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा-मेरी छोटी बहन और पत्नी इसी कॉलेज में पढ़ती थीं।

पहले लड़कियां कम पढ़ती थीं। हमने लड़कियों की शिक्षा के लिए कई काम किये हैं। इसका बेजोड़ नतीजा सामने है। इसका असर प्रजनन दर पर भी पड़ा। यह 4.3 से घटकर 3 हुआ। हम इसे 2 पर ले जाएंगे। उन्होंने लड़कियों के लिए साइकिल, पोशाक, छात्रवृति, प्रोत्साहन राशि, प्लस टू, आगे की पढ़ाई से लेकर आरक्षण के इंतजाम आदि तक की खासी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा-महिलाओं की मांग पर शराबबंदी हुई। दहेज प्रथा व बाल विवाह के खिलाफ अभियान जारी है। ‘जीविका’ का चौतरफा असर है।