वारदात:खुजली पाउडर छिड़ककर बदमाशों ने सीएसपी संचालक से लूटे 2.60 लाख

हाजीपुर4 महीने पहले
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लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने नगर थाना पहुंचा सीएसपी संचालक।। - Dainik Bhaskar
लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने नगर थाना पहुंचा सीएसपी संचालक।।
  • हाजीपुर शहर की घटना, लूट का स्टाइल देख कोढ़ा गैंग का हाथ होने की जताई जा रही आशंका

वैशाली जिले में खासकर हाजीपुर शहर में एक बार फिर कटिहार के कोढ़ा गैंग की गतिविधि तेज हो गई है। कुख्यात कोढ़ा गैंग अथवा उनके स्टाइल में कोई गैंग एकबार फिर लूटपाट, छिनतई शुरू कर दी है। सोमवार को नगर थाना क्षेत्र के यादव चौक के पास खुजली पाउडर छिड़क बाइक सवार दो की संख्या में स्नेचर ने सीएसपी संचालक के कंधे से लटक रहे बैग छीनकर भाग निकले। बैग में 02 लाख 60 हजार की रकम थे।
आईसीआईसीआई बैंक से की थी निकासी
सोनपुर दरिहारा निवासी सिया शरण राय का पुत्र कुणाल किशोर आईसीआईसीआई का ग्राहक सेवा केंद्र दरिहारा में चलाते हैं। सोमवार को करीब 11:00 बजे सुभाष चौक स्थित आईसीआईसीआई के मेन ब्रांच से दो लाख साठ हजार रुपए निकासी कर दरिदारा जा रहे थे। 12 बजे वे घर के लिए निकले थे। यादव चौक के पास पहुंचे ही थे कि उनके गर्दन में खुजली महसूस हुई। गाड़ी रोककर दवा दुकान से खुजली की दवा ली फिर वे अपने घर जाने के लिए डाक बंगला रोड में जैसे ही बढ़े कि पीछे से ओवरटेक कर, बाइक सवार दो अपराधियों ने झपट्‌टा मार उनका बैग छीन लिया।

एकबार फिर कटिहार के कोढ़ा गैंग की सक्रियता से स्नेचिंग की बढ़ीं घटनाएं
बताते चलें कि कटिहार जिला के कोढा गांव के स्नेचर, लुटेरा गैंग पूरे बिहार में कुख्यात है। कोढ़ा गैंग की लूटपाट, छिनतई का अलग अंदाज है। अपने शिकार को गैंग के लोग कबाछ यानि तेज खुजली करने वाला पाउडर, दुर्गन्धयुक्त टट्टी लगाकर परेशान व असहज कर देते हैं। फिर उसी असावधानी का फायदा उठाते हुए उनका सामान, बैग वगैरह लेकर निकल जाते हैं। शिकार बनाने के ऐसे कई तौर-तरीके अपनाते हैं। खासकर रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, टेम्पो स्टैंड, भीड़भाड़ वाले इलाके में शिकार की पहचान कर उन्हें लूट लेते हैं। पुलिस ने ऐसे कई अपराधियों को पकड़ा था जिनसे उनका कोढ़ा गैंग कनेक्शन सामने आया था। पिछले करीब डेढ़-दो साल से इस तरह की वारदात न के बराबर हो रही थी।

हाल के दिनों में 11 मोबाइल चोर हुए गिरफ्तार
हाल ही के दिनों में नगर थाने द्वारा 11 मोबाइल चोरों को जेल भेजा गया था। यह भी एक सुनियोजित गैंग था। यह गैंग छोटे-छोटे बच्चों। किशोरों को नशे व जुए की लत लगाकर उनसे मोबाइल की चोरी करवाते थे। यह गैंग का भी संचालन झारखंड के लोगों द्वारा कराया जाता था। इसका खुलासा भी पकड़े गए चोरों से हुआ है। चोरी की मोबाइल से डाटा निकाल व हैक कर अकाउंट से पैसे निकाल लिए जाते हैं। किसी का अकाउंट वैशाली जिले में होता है और उसके अकाउंट से दिल्ली या कोलकाता में पैसे की निकासी हो जा रही रही है। आईटी का ज्ञान रखने वाले लोगों का कहना है कि चोरी कराई गई मोबाइल से कलेक्ट डाटा के सहारे अकाउंट खाली कर रहे हैं। ऐसे कई मामले रोजाना सामने आ रहे है पर पुलिस का साइबर सेल दूसरे राज्य व महानगर में बैठे फ्रॉड तक पहुंच नहीं पा रहे हैं।

ट्रैफिक व गश्ती दल ने नहीं की मदद
कुणाल का आरोप है कि वह शोर मचाते हुए भाग रहे अपराधी के पीछे लग गया। घटनास्थल से पीछे यादव चौक पर खड़े ट्रैफिक पुलिस को चीखकर बताया कि पकड़िए, वह दोनों लूटकर भाग रहा है परंतु ट्राफिक पुलिस टस से मस नहीं हुई। वही 100 मीटर सामने नगर थाने की गश्ती पुलिस की जिप्सी भी खड़ी थी। उन्हें जब तक कहता अपराधी तेज गति से निकल गए। कुणाल नगर थाना पहुंचकर लिखित रूप से लूट की वारदात की सूचना दी।

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