जहानाबाद के ज्वेलर के बेटे ने रची लूट की साजिश:पटना में SS ज्वेलर्स डकैती कांड में खुलासा; करीब 9 किलो सोना और 4.32 लाख कैश बरामद

पटना5 महीने पहले
पटना के बाकरगंज में SS ज्वेलर्स में डकैती के आरोपी की जानकारी देती पुलिस। - Dainik Bhaskar
पटना के बाकरगंज में SS ज्वेलर्स में डकैती के आरोपी की जानकारी देती पुलिस।

पुलिस ने सोमवार को पटना के बाकरगंज में हुए SS ज्वेलर्स डकैती कांड का खुलासा किया है। इस कांड का मास्टर माइंड जहानाबाद का रहने वाला नीतेश कुमार निकला। इसके पिता रंजीत प्रसाद भी ज्वेलर हैं और जहानाबाद के मेन रोड पर राजलक्ष्मी ज्वेलर्स के मालिक हैं। नीतेश के ही दोस्तों ने मिलकर शुक्रवार को दिनदहाड़े 2 बजे के करीब डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। नीतेश अपने पिता के साथ SS ज्वेलर्स आया करता था। यहां से उसके पिता ज्वेलरी खरीद कर अक्सर ले जाते थे।

इस कांड में कुल 5 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। जिसमें नीतेश, इसका दोस्त आकाश ओझा उर्फ सन्नी कुमार, सोनू कुमार, राजू केवट उर्फ रवि उर्फ राज उर्फ सोनू शामिल हैं। जबकि, इनके 5वें साथी राजेश राम उर्फ साधु राम को पुलिस ने भागने के क्रम में ही वारदात के तुरंत बाद पकड़ लिया था।

इस कांड में अब तक लूटा गया करीब 9 किलो सोना, 4 लाख 32 हजार 900 रुपए और कस्टमर्स और स्टाफ से लूटे गए 4 मोबाइल फोन को बरामद किया गया। जबकि, SS ज्वेलर्स के मालिक ने अपनी कंप्लेन में 30 से 35 किलो सोना और 14 लाख रुपए कैश लूटे जाने की बात लिखी थी।

डकैती में संलिप्त अपराधियों के पास से बरामद सोना।
डकैती में संलिप्त अपराधियों के पास से बरामद सोना।

चोरी की कई गाड़ियां हुईं बरामद
लूटे गए सोने की कीमत करीब 14 करोड़ से ज्यादा बताई गई थी। इन अपराधियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई 2 बाइक समेत कुल 5 बाइक (इसमें एक बुलेट), पटना से चोरी की गई एक फॉर्च्यूनर और एक EON कार बरामद किया गया है। बरामद फॉर्च्यूनर पर भारत सरकार का बोर्ड लगा है और उसके ऊपर सरकारी गाड़ियों में इस्तेमाल किए जाने वाला अशोक स्तंभ भी लगा हुआ मिला। साथ में गाड़ी के ऊपर तिरंगा झंडा और VIP लिखा हुआ स्टिकर भी सटा हुआ था।

पटना के SSP मानवजीत सिंह ढिल्लो के अनुसार लूटी गई ज्वेलरी को अपराधियों ने पटना के सिरपतपुर में रहने वाले आकाश उर्फ सन्नी के घर छिपाकर रखा था। पहले अपराधियों ने पटना में ही किराए का एक घर लूट का सोना रखने के लिए लिया था। मगर, साधु के पकड़े जाने और पुलिस की तेज हुई कार्रवाई के बाद आकाश ने उसे अपने घर पर ले जाकर रख दिया था।

डकैती कांड में अपराधियों के पास से जब्त की गईं गाड़ियां।
डकैती कांड में अपराधियों के पास से जब्त की गईं गाड़ियां।

स्मैक और गांजा पीने के दरम्यान बना सबसे बड़ी डकैती का प्लान
SSP के अनुसार नीतेश को स्मैक और गांजा पीने की लत थी। इसके लिए वो राजेश राम उर्फ साधू और राजू केवट के साथ हमेशा उठता-बैठता था। इसी क्रम में राजू केवट ने लूट के लिए कोई बड़ा और अच्छा काम बताने को कहा। तभी नीतेश ने SS ज्वेलर्स के बारे में बताया। फिर उसने लाइनअप कराया। क्योंकि, पिता के साथ आने-जाने के कारण नीतेश पूरी तरह से दुकान से वाकिफ था। दुकान के फर्स्ट फ्लोर पर होने की वजह से यह आसान टारगेट बन गया था। इसके बाद 3 से 4 बार दुकान की रैकी हुई।

वारदात से 3 दिन पहले अपराधी आकाश ओझा उर्फ सन्नी आया भी था और अंगूठी लेने के नाम पर रैकी के लिए दुकान के अंदर भी गया था। इसका भी CCTV फुटेज आ चुका है। उस दिन नीतेश आया था और दुकान के नीचे ही रह गया था। दिसंबर महीने में ही सन्नी ने दो बड़े आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था। जब पुलिस ने इसका पीछा किया तो भाग निकला था। नीतेश ने इस कांड की प्लानिंग पहले जहानाबाद के रहने वाले अपने दोनों दोस्तों के साथ किया था, जब लगा कि इसमें और लोगों की जरूरत है तब पटना के रहने वाले आकाश और सोनू को शामिल किया।

'पानी पिलाओ' था कोड वर्ड
डकैती के इस वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग पिछले एक महीने से ही चल रही थी। अपराधियों को अच्छे से पता था कि खुदरा कारोबार के नाम पर उन्हें दुकान के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। इसलिए दो अपराधी ज्वेलरी के लिए होलसेल की नई दुकान खोलने की बात कह कर वहां अंदर घुसे थे। जब इन्हें एहसास हुआ कि हमें और अपने साथी को बुलाना है तो मोबाइल पर पहले तय किए गए कोड वर्ड 'पानी पिलाओ' लिख कर भेजा। अंदर वाले अपराधियों ने पहले से दुकान की गेट को खुलवा रखा था। इसके बाद बाहर से बाकी के दो अपराधी अंदर गए। तकरीबन 10 मिनट अंदर रहे। इतने ही देर में वहां से सोना और कैश लूट ले गए।

जहानाबाद में मास्टरमाइंड नीतेश के पिता की ज्वेलरी की दुकान।
जहानाबाद में मास्टरमाइंड नीतेश के पिता की ज्वेलरी की दुकान।

स्टॉक वेरिफिकेशन कराएगी पुलिस
अपने खुलासे के दौरान SSP ने कहा कि SS ज्वेलर्स के मालिक को पुलिस नोटिस देगी। उन्हें बुलाएगी। उनके स्टॉक का पूरा वेरिफिकेशन होगा। FIR में उन्होंने 35 किलो सोना और 14 लाख कैश है। पर अपराधियों ने जो कंफेस किया है, उसके अनुसार कैश 6 लाख के करीब था। जिसमें 4.32 लाख बरामद हुआ और बाकी कैश खर्च दिए। अब पुलिस दुकान मालिक से पूरा INVOICE मांगेगी। उनके रजिस्टर्ड स्टॉक की जांच करेगी। साथ ही उनसे पिछले 5 साल के इनकम टैक्स और GST रिटर्न्स की डिटेल्स मांगेगी। इसमें वो हमें दुकान के मालिक कॉपरेट भी कर रहे हैं। स्टॉक के हर गहने का INVOICE होता है। उन्होंने हमसे टाइम मांगा है।

इसलिए पटना और जहानाबाद में किराए पर ले रखा था घर
अपराधियों को बहुत अच्छे से पता था कि जब इस कांड में पुलिस कार्रवाई करेगी तो उनके घरों को जरूर खंगालेगी। इसलिए पटना के एतबारपुर और जहानाबाद में किराए पर घर ले रखा था। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी पहले एतबारपुर गए और फिर वहां से जहानाबाद भाग गए। इसमें सबसे ज्यादा सोना की बरामदगी आकाश उर्फ सन्नी के घर से हुई है। जब इसे पता चल गया था कि एक-एक करके उसके साथी पकड़े जा रहे हैं तो उसने सोना को किराए वाले घर से हटाकर संपतचक में अपने माता-पिता के घर पर रख दिया था।

डकैतों की जानकारी देती पुलिस।
डकैतों की जानकारी देती पुलिस।

अक्सर जाते थे झारखंड, अलग से होगी FIR
आमतौर पर बिहार में सोना लूटने के बाद उसे खपाने के लिए अपराधी ज्यादातर झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल भागते हैं। पकड़े गए अपराधी भी भारत सरकार का अशोक स्तंभ लगाकर घूम रहे थे। गाड़ी से कई बार झारखंड जा चुके हैं। नेशनल सिंबल के दुरुपयोग करने का अपराधियों के उपर अलग से एक FIR दर्ज होगी। फॉर्च्यूनर को पिछले साल कोतवाली इलाके से चोरी किया गया था। इस कांड में लीड सबसे पहले पकडे़ गए साधू से ही मिली। फिर टेक्नीकल सर्विलांस की मदद ली गई।

कई बार जेल जा चुके हैं सभी अपराधी
पटना पुलिस को मास्टर माइंड नीतेश का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। लेकिन, बाकी के जो 4 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं, वो कई बार जेल जा चुके हैं। इसमें सबसे बड़ा आपराधिक इतिहास आकाश उर्फ सन्नी का है। इसके उपर पटना और जहानाबाद मिलाकर कुल 17 केस दर्ज है। राजू केवट के उपर 7, राजेश उर्फ साधू के उपर 3 और सोनू के खिलाफ कुल 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं।