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  • The Way For The Construction Of Dolphin Research Center Building In PU Campus Is Cleared, The Urban Development And Housing Department Has Given Permission, The Building Will Be Ready In 18 Months.

2019 के सर्वे में देखी गई थीं 1448 डॉल्फिन:पीयू कैंपस में देश के पहले डॉल्फिन रिसर्च सेंटर निर्माण का रास्ता साफ, 18 महीने में भवन बनकर हो जाएगा तैयार

पटना2 महीने पहले
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करीब 30 करोड़ की लागत से 4400 वर्गमीटर में डॉल्फिन सेंट्रल भवन का होगा निर्माण। - Dainik Bhaskar
करीब 30 करोड़ की लागत से 4400 वर्गमीटर में डॉल्फिन सेंट्रल भवन का होगा निर्माण।

गंगा किनारे पटना यूनिवर्सिटी की जमीन पर देश का पहला डॉल्फिन रिसर्च सेंटर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। निर्माण में आने वाली सभी बाधाएं खत्म हो गईं हैं। 18 महीने में डॉल्फिन रिसर्च सेंटर बनकर तैयार हो जाएगा। जानकारों की मानें तो पर्यावरण एवं वन जलवायु परिवर्तन विभाग ने गंगा नदी के 200 मीटर की दूरी के अंदर डॉल्फिन सेंटर का निर्माण करने के लिए अनुमति नगर विकास एवं आवास विभाग से मांगी थी। नगर विभाग एवं आवास विभाग ने हाल ही में इसकी स्वीकृति दे दी है। गंगा के 200 मीटर की दूरी पर भवन निर्माण करने पर रोक है।

इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। डॉल्फिन रिसर्च सेंटर के निर्माण का जिम्मा भवन निर्माण विभाग को दिया गया है। करीब 30 करोड़ की लागत से लगभग 4400 वर्गमीटर जमीन पर रिसर्च सेंटर बनेगा। भवन जी प्लस टू बनेगा। इसके लिए भवन निर्माण विभाग ने तकनीकी स्वीकृति दे दी है। यह देश का पहला गांगेय डॉल्फिन रिसर्च सेंटर होगा। रिसर्च सेंटर बन जाने से यहां देश-विदेश के विशेषज्ञ शोध करने के लिए आएंगे। पटना विश्वविद्यालय के छात्रों को भी डॉल्फिन पर शोध करने का मौका मिलेगा।

7 साल पहले केंद्र सरकार ने दिए थे 19 कराेड़ रुपए

केंद्र सरकार की तरफ से रिसर्च सेंटर के निर्माण के लिए वर्ष 2013 में ही 19 करोड़ रुपए मिले थे। इसके लिए पटना लॉ कॉलेज के पास गंगा तट पर पटना विश्वविद्यालय की भूमि चिह्नित की गई। लेकिन भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को लेकर यह प्रोजेक्ट कई वर्षों तक फंसा रहा। पांच अक्टूबर, 2018 को विश्व डॉल्फिन दिवस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमीन नहीं मिलने पर डॉल्फिन रिसर्च सेंटर को भागलपुर स्थानांतरण करने की बात कही थी। इसके बाद पटना विश्वविद्यालय ने अपनी जमीन वन विभाग को दी। 2019 में विश्व डॉल्फिन दिवस पर भवन निर्माण का कार्यारंभ होना था, लेकिन किसी कारण से रुक गया। अब सभी बाधाएं दूर कर ली गई हैं।

2021 में कोसी नदी में किया गया सर्वे
फरवरी 2019 में वन विभाग के सर्वे के प्रजेंटेशन में करीब 1448 डाॅल्फिन दिखी थी। सर्वे यूपी बॉर्डर चौसा से कटिहार के मनिहारी तक गंगा और दो सहायक नदियाें काे मिलाकर करीब 1300 किलोमीटर में किया गया था। इसके अलावे कोसी नदी में 2021 में सर्वे किया गया है। इसमें 195 डॉल्फिन मिले।

इन बिंदुओं पर होगा रिसर्च

रिसर्च सेंटर में डॉल्फिन के भोजन, नदी के किस जगह पर रहना सुरक्षित है, नदी में जल की मात्रा क्या होनी चाहिए, सहायक नदियों में डॉल्फिन कैसे रह रही हैं, कहां-कहां खतरा है, इन तमाम चीजों पर रिसर्च किया जाएगा। अगर देश की किसी नदी में डॉल्फिन की मृत्यु हो जाती है तो उसे रिसर्च सेंटर में लाकर उस पर वैज्ञानिक रिसर्च करेंगे। अगर डॉल्फिन कहीं जख्मी मिलती है तो उसे लाकर इलाज किया जाएगा।

डॉल्फिन रिसर्च सेंटर के भवन निर्माण में आखरी अनुमति थी जिसके कारण निर्माण कार्य अभी तक लंबित था। अब अनुमति मिल गई है। उम्मीद है कि आने वाले 17 से 18 महीने में भवन निर्माण हो जाएगा। -दीपक कुमार सिंह ,प्रधान सचिव, पर्यावरण एवं वन जलवायु परिवर्तन विभाग ,बिहार