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प्रदर्शनकारियों को भड़काने के आरोप में गुरु रहमान पर छापा:अग्निपथ पर कहा था- ट्रेन रोक सकते हैं, क्योंकि वो भविष्य रोक रहे हैं...

पटना2 महीने पहले

बिहार में अग्निपथ की आंच अब गुरु रहमान तक पहुंच गई है। पटना में छह दिनों से हो रहे हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। उनके साथ आयकर विभाग (IT) की टीम भी साथ है। सोमवार दोपहर बाद उनके अद्म्य अदिति गुरुकुल कोचिंग सेंटर और घर पर छापेमारी की। मगर, वो अपने ठिकानों पर पुलिस के हाथ नहीं लगे। हालांकि, अभी भी पुलिस की टीम उनके ठिकानों पर मौजूद है। उनके परिवार और कोचिंग के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसकी पुष्टि पटना के SSP मानवजीत सिंह ढिल्लों ने की है।

SSP के अनुसार, 17 जून को एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें आरोप है कि इन्होंने अग्निपथ योजना को लेकर अपनी बातों के जरिए छात्रों को भड़काया है। ट्रेन रोकने और उग्र प्रदर्शन के लिए उन्हें उकसाया है।एक यू्ट्यूब चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, 'आप ट्रेन रोक सकते हैं, क्योंकि वो आपका भविष्य रोक रहे हैं। इस बार की क्रांति संपूर्ण क्रांति से भी बड़ी होगी।'

बता दें, गुरु रहमान से पढ़ने बिहार के अलावा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड के छात्र भी आते हैं और 11 से 100 रुपए के बीच फीस देकर कोचिंग करते हैं। ये छात्र सफल पदों पर पहुंचने के बाद, अकादमी और रहमान द्वारा किए जा रहे समाज सुधार के कार्यों में भी दान करते हैं।

छापेमारी के बाद कोचिंग के बाहर लगी भीड़।
छापेमारी के बाद कोचिंग के बाहर लगी भीड़।

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इनके वीडियो के बाद भड़क गए थे छात्र: पुलिस

पुलिस का मानना है कि इनका वीडियो सामने आने के बाद अग्निपथ का विरोध कर रहे छात्र और भड़क गए। इसके बाद दानापुर में 17 जून को ही छात्रों का हिंसक उपद्रव हुआ। बाजार से लेकर स्टेशन तक तीन घंटे से अधिक देरी तक उपद्रवी छात्रों ने आतंक मचाया था। स्टेशन पर खड़ी फरक्का एक्सप्रेस और दूसरी ट्रेनों के कोच में आग लगा दी गई थी। स्टेशन कैंपस में पूरी तरह से तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। SSP के अनुसार, 17 जून को दानापुर में जो उपद्रव हुआ वो बेहद गंभीर मामला था। इसके बाद ही गुरु रहमान के खिलाफ दानापुर थाने में नामजद FIR दर्ज की गई। जांच जारी है। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

गिरफ्तारी होगी तो होगा बड़ा आंदोलन

छापेमारी की सूचना सामने आते ही गुरु रहमान के घर और कोचिंग सेंटर पर स्टूडेंट्स जमा होने लगे हैं। वहां कुछ छात्रों ने भास्कर से कहा, 'रहमान सर गरीब छात्रों के लिए मसीहा है। उनकी कोई गलती नहीं है हमलोग इकठ्ठा हो रहे हैं। अगर पुलिस गिरफ्तार करेगी तो बड़ा आंदोलन हो जाएगा।'

बिहार में अब तक 159 FIR

16 जून से अब तक में पूरे बिहार में उपद्रवियों के खिलाफ 159 FIR दर्ज हो चुकी है। इसके तहत कुल 877 उपद्रवियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें सबसे अधिक 139 उपद्रवियों को पटना जिला में पकड़ा गया है। जबकि, रोहतास में 89, नवादा में 68 और औरंगाबाद में 58 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

हजारों छात्रों को अफसर बना चुके हैं रहमान

IAS के इंटरव्यू में दो बार फेल होने के बाद डॉ. मोहम्मद रहमान ने कोचिंग खोला और अब तक हजारों छात्रों को अफसर बना चुके हैं। 1997 में UPSC में दूसरी बार इंटरव्यू में असफल होने के बाद उन्होंने रहमान एम (aim) के नाम से कोचिंग की शुरुआत की। तब 10-12 बच्चे ही क्लास में थे। 1998 में एक लड़के का चयन UPSC में हुआ। यह लोगों के बीच फैल गया कि एक सर बिना फीस के IAS की तैयारी कराते हैं। इसके बाद गांव-गांव से लोग पढ़ने आने लगे। 22 साल में 40 से ज्यादा बच्चे UPSC में सलेक्ट हो चुके हैं। BPSC में चार सौ से ज्यादा बच्चे सफल हो चुके हैं। चार हजार से ज्यादा बच्चे इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर हैं।

इनका जन्म सारण जिले के बसंतपुर में 10 जनवरी 1974 को हुआ। प्रारंभिक शिक्षा डेहरी ऑन सोन से प्राप्त की। उसके बाद स्नातक करने के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय चले गए। यहां से उन्होंने प्राचीन भारत एवं पुरातत्व में स्नातक और मास्टर्स भी किया। इसके बाद कोचिंग में पढ़ाना शुरू कर दिया। बाद में वह पटना विश्वविद्यालय में पढ़ाने लगे, जहां यूजीसी ने उन्हें बेस्ट टीचर का अवार्ड दिया गया। साल 1997 में इन्होंने ऋगवेद कालीन आर्थिक एवं सामाजिक विश्लेषण विषय पर पीएचडी पूरी की।

हिंदू मुस्लिम एकता के लिए भी करते हैं काम

बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के साथ रहमान हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए भी काम करते हैं। 1994 में जब वे MA कर रहे थे तभी ब्राह्मण परिवार की एक लड़की अमिता कुमारी से प्यार हुआ। समाज उनकी शादी के खिलाफ था। इसके बावजूद उन्होंने 1997 में पटना के बिरला मंदिर में शादी की। उनके घर वाले अमिता को इस शर्त पर अपनाने को राजी थे कि वह इस्लाम कबूल कर ले, लेकिन धार्मिक स्वतंत्रता में विश्वास रखने वाले डॉ रहमान को यह मंजूर नहीं था। इन्होंने पत्नी पर कभी कोई दबाव नहीं बनाया। इस कारण घर वालों ने उनसे नाता तोड़ लिया। इस वजह से अब तक 13 फतवे जारी हो चुके हैं।

पत्नी अमिता के साथ गुरु रहमान।
पत्नी अमिता के साथ गुरु रहमान।

10 साल तक उन्हें किराए पर कोई घर नहीं मिला। पति-पत्नी होकर भी उन्हें अलग-अलग रहना पड़ा था। 2007 में उनके एक मित्र ने मदद की जिसके बाद किराए रूम मिला। 2008 में एक बेटी हुई, जिसका नाम अदम्या है। 2012 में बेटा हुआ उसका नाम अभिज्ञान है। इसके बाद कोचिंग सेंटर का नाम रहमान एम क्लासेज से बदलकर अदम्या अदिति गुरुकुल कर दिया। अब तक सौ से अधिक लड़कियों का कन्यादान करा चुके हैं।