नहीं संभले तो हालात और भयावह हो जाएंगे:ये कोरोना नहीं, मानवता के लिए काल; इस हालात के लिए हमारी लापरवाही भी जिम्मेदार

पटना6 महीने पहले
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  • गुलबी घाट पर ताे शाम को 6:30 से 7:30 के बीच एक साथ 31 चिताएं जल रही थीं

कोरोना से होनेवाली मौतों का सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसके लिए कहीं न कहीं हमारी लापरवाही भी जिम्मेदार है। हम अगर नहीं संभले काे हालत बेकाबू हाे सकते हैं। गुरुवार काे शहर के दो प्रमुख श्मशान घाटाेें गुलबी और बांसघाट पर अनवरत शवों का अंतिम संस्कार हाेता रहा।

गुलबी घाट पर ताे शाम को 6:30 से 7:30 के बीच एक साथ 31 चिताएं जल रही थीं। इन दाेनाें जगहाें पर करीब 112 शवाें में से 70 शवाें का काेराेना प्राॅटाेकाॅल के तहत अंतिम संस्कर किया गया। पिछले दो दिनों में इन घाटों पर सामान्य और कोरोना प्रोटोकॉल के तहत लगभग 200 शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

गुलबी व बांसघाट पर 112 शव जले इनमें 70 का संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल से

  • गुलबी घाट में सामान्य 52 और 38 कोविड प्रोटोकॉल के तहत शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
  • बांसघाट में कोविड प्रोटोकॉल के तहत 32 और सामान्य 25 शवों का संस्कार किया गया। देर रात तक शवों के क्रियाकर्म करने का सिलसिला जारी रहा।
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