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  • To Control Air Pollution, For The First Time, Scientists Will Go To All The Panchayats Of Patna And Different Areas Of The Urban Area To Know The Quality Of Air.

सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी:वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए पहली बार पटना के सभी पंचायतों और शहरी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में वैज्ञानिक जाकर जानेंगे हवा की गुणवत्ता

पटना18 दिन पहले
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पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और दिल्ली आईआईटी के प्रोफेसर मिलकर कर रहे पटना, गया और मुजफ्फरपुर में प्रदूषण नियंत्रण का काम। - Dainik Bhaskar
पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और दिल्ली आईआईटी के प्रोफेसर मिलकर कर रहे पटना, गया और मुजफ्फरपुर में प्रदूषण नियंत्रण का काम।

पटना में पहली बार वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए पटना में स्थित सभी पंचायत और शहरी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में वैज्ञानिक खुद जाकर हवा की गुणवत्ता और वायु प्रदूषण फैलने का कारण खोजेंगे। इसके लिए बिहार राज्य वायु प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के साथ दिल्ली के आईआईटी के प्रोफेसर के अलावा पटना आईआईटी के स्टूडेंट भी शामिल किया गया है।

हालांकि इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और दिल्ली आईआईटी के साथ समझौता भी हो चुका है। शहरी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में वायु प्रदूषित होने के क्या कारण हैं, कैसे वायु प्रदूषण फैल रहा है, कैसे इसे रोका जा सकता है? इन तमाम बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

वायु प्रदूषण नियंत्रण करने में बोर्ड को सरकार के विभिन्न विभाग मदद करेंगे तभी राजधानी में वायु प्रदूषण नियंत्रित हो पाएगा। इसको लेकर बोर्ड और दिल्ली आईआईटी अभी से वायु गुणवत्ता की मॉनिटरिंग की जा रही है। हर दिन के एक्यूआई लेवल के आंकड़ा को दिल्ली आईआईटी के वायु प्रदूषण वैज्ञानिक आंकड़ा जुटा रहे हैं।

निगम और नगर परिषद क्षेत्र में वायु प्रदूषण अधिक
पटना नगर निगम और नगर परिषद क्षेत्र में ठंड के मौसम आते ही वायु की गुणवत्ता खराब हो जाती है। प्रदूषित हवा में सांस लेना शहरवासियों के लिए मजबूरी हो जाती है। पटना में प्रदूषण का स्राेत मुख्य रूप से कहां है। अधिक ट्रैफिक, तेजी से हो रहा भवन निर्माण, घरेलू कार्यों में कोयले का इस्तेमाल, ईट-भट्ठा से धुआं निकलना, कूड़ा-कचरा सहित अन्य बिन्दुओं पर वैज्ञानिक रिसर्च करेंगे। शहरी क्षेत्र की हवा इतनी अधिक प्रदूषित कैसे हो रहे है? गांव में किसान के द्वारा जलाए जाने वाला पुआल या ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ईट-भट्‌ठा चालू होने पर धुआं शहरी क्षेत्र पहुंच रहा है। इन तमाम बिंदुओं पर वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं।

कई प्रखंडों में ईट-भट्‌ठा और पुआल जलने से होता है प्रदूषण

राज्य सरकार प्रदेश में पुआल जलाने पर प्रतिबंध लगा चुकी है, लेकिन अभी भी पटना सहित कई जिलों के किसान खेतों में पुआल जला रहे हैं। इससे प्रदूषण की मात्रा वातावरण में बढ़ रही है। ईट-भट्‌ठा से भी प्रदूषण होता है। बोर्ड यह रिसर्च करेगा कि जिन इलाके में सर्वाधिक प्रदूषण फैल रहा है, वहां पर प्रदूषण को कैसे नियंत्रित किया जाए। बोर्ड नए प्रदूषित पंचायतों को पहचान करेंगे।

प्रदेश में वायु प्रदूषण नियंत्रण करने लिए दिल्ली आईआईटी से समझौता हुआ है। दिल्ली से टीम आई थी। जानकारी जुटाकर ले गए है। पटना, गया और मुजफ्फरपुर के हर दिन वायु गुणवत्ता की रिपोर्ट आईआईटी को दिया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण करने में सेटेलाइट डाटा का प्रयोग किया जाएगा।
- डाॅ. नवीन कुमार, विश्लेषक, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद

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