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नगर निगम कर्मियों की हड़ताल जारी:कंकड़बाग अंचल कार्यालय में जड़ा ताला वाहनों में तोड़फोड़, 23 कर्मियों पर केस, वाहनों में तोड़फोड़ के आरोप में 13 कर्मियों पर कार्रवाई

पटना10 महीने पहले
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शहर की सड़कों पर 4000 टन कचरा जमा, बारिश होने के बाद बजबजाया। - Dainik Bhaskar
शहर की सड़कों पर 4000 टन कचरा जमा, बारिश होने के बाद बजबजाया।

नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल के पांचवें दिन शनिवार काे भी माेहल्लों में सफाई वाहन नहीं पहुंचे। शहर की सड़कों पर करीब 4000 टन कचरा जमा हो गया है। इसमें करीब 2400 टन गीला व 1600 टन सूखा कचरा है। बारिश के बाद कूड़े की बदबू से सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है।

अधिक बारिश हाेने पर कचरा मैनहोल व कैचपिट के जरिए ड्रेनेज में जाकर जलनिकासी को प्रभावित कर सकता है। इससे अधिक मुसीबत खड़ी हो सकती है। इधर अंचलों के स्तर पर सफाई व्यवस्था को चलाने की कोशिश की जा रही है। हड़ताली कर्मचारी इसमें अड़ंगा लगा रहे हैं।

शनिवार को एक बार फिर नगर निगम कर्मचारियों ने कंकड़बाग अंचल कार्यालय में ताला जड़ दिया। कार्यालय के गेट पर टायर जलाकर सफाई वाहनों को रोक दिया। वाहनों में तोड़फोड़ की। कार्यपालक पदाधिकारी शशि भूषण प्रसाद ने कंकड़बाग के थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर 23 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

कार्यपालक पदाधिकार ने कहा है कि शनिवार को हड़ताली कर्मचारियों ने दैनिक सफाई कार्य को बाधित करने का प्रयास किया। कार्य करने में लगे ड्राइवर व सफाई कर्मी आदि को धमकाया। सफाई वाहनों को क्षति पहुंचाया और अंचल कार्यालय में अनाधिकृत रूप से ताला जड़ दिया।

कार्यालय के गेट पर आगजनी की गई। ऐसे कर्मचारियों के संबंध में सिटी मैनेजर व मुख्य सफाई निरीक्षक को दोषियों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया था। इस क्रम में 10 कर्मचारियों को चिन्हित किया गया है। इसमें प्रभारी सफाई पर्यवेक्षक दिनेश कुमार व चितरंजन कुमार समेत दैनिक सफाई मजदूर व दैनिक चालक शामिल हैं।

इसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी ने एक और पत्र में 13 हड़ताली कर्मियों पर सफाई वाहनों में तोड़फोड करने के मामले में कंकड़बाग थानाध्यक्ष से प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही है। कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि शनिवार को दैनिक सफाई कार्य के लिए निकल रहे डोर टू डोर वाहन, ओपन टीपर, टाटा 407 और जेसीबी में तोड़फोड़ की गई।

वाहनों का शीशा तोड़ दिया गया। गाड़ियों की हवा निकाल दी गई। कई वाहनों को पंचर कर दिया गया। जेसीबी का फ्यूज निकाला गया और उसकी वायरिंग को क्षतिग्रस्त किया गया है। इस मामले में 13 कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने थानाध्यक्ष से अनुरोध किया है कि चिन्हित कर्मचारियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए।

ग्रुप डी की बहाली शुरू करने, ग्रुप सी पर निकायों का अधिकार बरकरार रखने की मांग पर फंसा पेच
शनिवार को नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर के साथ हड़ताली कर्मचारी मोर्चा के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। करीब छह घंटे तक दो चरणों में चली बैठक के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया। सरकार की ओर से निगम कर्मचारियों को मनाने का प्रयास किया गया। उनसे हड़ताल से वापस लौटने को कहा गया और वार्ता के लिए एक कमेटी भी बनाई गई। इसके बाद भी कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े रहे।

प्रधान सचिव के साथ वार्ता के क्रम में कर्मचारी मोर्चा ने ग्रुप डी के पदों को पुनर्जीवित करने, दैनिक मजदूरों के नियमितीकरण, आउटसोर्स पर रोक, नगर निकायों के स्तर पर ग्रुप सी का नियंत्रण और अनुकंपा पर नियुक्ति को शीघ्र शुरू करने की मांग की। इन मागों में से ग्रुप डी की नियुक्ति शुरू करने और ग्रुप सी पर निकायों का अधिकार बरकरार रखने के मांग पर प्रधान सचिव की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया। मोर्चा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि बिहार के नगर निकाय के कर्मियों की 12 सूत्री लंबित मांगों पर प्रधान सचिव के कार्यालय कक्ष में वार्ता सकारात्मक रही।

उन्होंने कहा कि दैनिक मजदूरों का नियमितीकरण, समान काम समान वेतन अथवा 18 हजार से लेकर 21 हजार रुपए मासिक वेतन की मांग को लेकर वार्ता रविवार को भी जारी रहेगी। इस स्थिति में बिहार के नगर निकायों में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। प्रधान सचिव के साथ वार्ता के बाद हड़ताली कर्मचारियों की तीन सदस्यीय कमेटी नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा, निदेशक सतीश कुमार सिंह व वेद प्रकाश के साथ वार्ता हुई। इसमें कर्मचारी नेताओं ने अपनी मांगों को दोहराया। इसके बाद एक बार फिर रविवार को भी वार्ता किए जाने पर निर्णय लिया गया।

प्रधान सचिव की अपील- जनहित में वापस लें हड़ताल
नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने यूनियन के नेताओं से कहा कि विभिन्न मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जा रहा है। यूनियन की वैसी मांग जो नियमों के अनुकूल है उस पर विभाग द्वारा सहानुभूति पूर्वक विचार किया जा रहा है और जल्द निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यूनियन के नेताओं से जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल को अविलंब समाप्त करने की अपील की।

यूनियन नेता बोले- मांग माने जाने तक हड़ताल
मोर्चा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह, महामंत्री अमृत प्रसाद व श्यामलाल प्रसाद ने बैठक के बाद कहा कि बिहार के नगर निकायों में जारी हड़ताल के मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। इन प्रमुख मांगों पर जब तक सरकार फैसला नहीं करती है, तब तक इस हड़ताल को स्थगित नहीं किया जा सकता है।

आज हुए दो दौर की वार्ता के बावजूद कल भी वार्ता होगी। वार्ता के दौरान बिहार लोकल बॉडीज इम्पालईज फेडरेशन, बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ और पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति की ओर से अमृत प्रसाद, श्यामलाल प्रसाद, अशोक कुमार सिंह, आरएन ठाकुर, शिवबचन शर्मा, चंद्रकिशोर, ब्रह्मदेव महतो उपस्थित थे।

कर्मचारियों पर हो रही दंडात्मक कार्रवाई से भड़क रहा आक्रोश
निगम प्रशासन की ओर से जारी दंडात्मक कार्रवाई से कर्मचारियों का आक्रोश भड़क गया है। चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के साथ अब पटना नगर निगम कामगार यूनियन भी आ गया है। चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के महासचिव नंदकिशोर दास ने कहा कि कामगार यूनियन के महासचिव रामयतन प्रसाद के साथ बैठक हुई है।

इसमें एक व्यापक संगठन की रूपरेखा तय की जा रही है। इसके बाद हमलोग आगे की रणनीति तय करेंगे। चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने 13 सितंबर से प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया है। साथ ही, राज्यस्तरीय निकाय कर्मचारियों की हड़ताल में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के शामिल न होने की बात कही।

उन्होंने कहा कि चतुर्थवर्गीय कर्मचारी अंचलों में जाकर हाजिरी बना रहे हैं। कुछ कर्मचारी गेट पर खड़े हो जाते हैं। उनको निशाना बनाया जा रहा है। इसको लेकर हड़ताली कर्मचारी संगठन कुछ नहीं बोल रहा। संघ ने निगम प्रशासन से दैनिक मजदूरों की सेवा समाप्त किए जाने के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। महासचिव ने कहा कि दैनिक सफाईकर्मियों पर कार्रवाई एक साजिश है। निगम प्रशासन हड़तान करने वालों पर कार्रवाई करे। दैनिक कर्मचारियों को हटाए जाने की साजिश सफल नहीं होने दी जाएगी।

निगम प्रशासन की ओर से जारी दंडात्मक कार्रवाई से कर्मचारियों का आक्रोश भड़क गया है।
निगम प्रशासन की ओर से जारी दंडात्मक कार्रवाई से कर्मचारियों का आक्रोश भड़क गया है।
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