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बिहार में कोरोना से लड़ने की तैयारी:स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय बोले- तीसरी लहर से निपटने के लिए हमारी पूरी तैयारी, यहां सिर्फ 400 वेंटिलेटर थे, अब 1200 हैं, 100 और आएंगे

पटनाएक महीने पहले
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बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से लड़ने को हर जरूरी दरकार कमोबेश पूरी है। जो थोड़ा-बहुत बचा है, अगले महीने पूरा हो जाएगा। ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, बेड जैसे सभी मोर्चे, तीसरी लहर से लड़ने के लिए जरूरी हैं। तीसरी लहर में बच्चों पर भी खतरा की आशंका है। इसलिए, हम बहुत तेजी से नीकू, पीकू, एसएनसीयू को सुदृढ़ करने में जुटे हैं।

मंत्री, मंगलवार को ‘दैनिक भास्कर’ से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा-’कोरोना की हर चुनौती को फतह किया, तीसरी लहर को भी जीत लेंगे।’ कोरोना से लड़ने और जीतने की बिहार की मौजूदा हैसियत को उन्होंने शुरुआत की स्थितियों से तुलना करके बताया। बोले-’पहली लहर के बिल्कुल शुरू में पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर तक की परेशानी हुई। अब हम 6 महीने में 6 करोड़ लोगों के टीकाकरण के लक्ष्य को पाने में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।'

तीसरी लहर की बड़ी चुनौतियों से जुड़े सवाल के जवाब में मंत्री ने ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, मानव बल (डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मी) व टीकाकरण की चर्चा की तथा इसके मौजूदा हालात से वाकिफ कराया। उनके अनुसार पहले 16 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता थी। बीते दूसरी लहर के दौरान हमने 232 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन तक का उठाव किया। आवंटन, 300 मीट्रिक टन कराया गया। प्रदेश के किसी भी अस्पताल में कोरोना का कोई भी मरीज ऑक्सीजन के चलते नहीं मरा।

सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (सरकारी, गैर सरकारी) में ऑक्सीजन प्लांट लग रहा है। 119 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लग रहे हैं। सदर अस्पताल तथा चयनित अनुमंडल अस्पताल भी इसके दायरे में हैं। कुछ काम हो चुका है, बचा काम अगले महीने हाे जाएगा। उद्योग विभाग रिफिलिंग प्लांट लगवा रहा है। अस्पतालों में पाइपलाइन से ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।

कहा- हर आवश्यक चीजों को सुदृढ़ करने का काम हो रहा
मंत्री ने कहा- पहले यहां सिर्फ 400 वेंटिलेटर थे। अब 1200 हैं। और 100 आ रहे हैं। इन सभी को चलाने वाले हाथों का इंतजाम किए गए हैं, किए जा रहे हैं। आज की तारीख में अस्पतालों में कुल 29 हजार बेड हैं। पहले 4 हजार डॉक्टरों की नियुक्ति हुई। बाकी मेडिकल स्टाफ बढ़ाए गए। अभी और डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। 6300 सामान्य व विशेषज्ञ स्वास्थ्यकर्मी, 3270 आयुष चिकित्सक, 8050 एएनएम आदि की नियुक्ति की जा रही है। इस वर्ष से एमबीबीएस पास करने वाले डॉक्टरों को ग्रामीण क्षेत्र में 2 साल तक सेवा देनी होगी।